राज्यपाल ने 77वें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया मार्च पास्ट की सलामी ली…

शिमला: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। तिरंगा फहराने के बाद राज्यपाल ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, शिमला मेहर पंवर के नेतृत्व में आयोजित परेड का निरीक्षण किया तथा 1 जेएंडके के लेफ्टिनेंट शाश्वत तिवारी द्वारा कमांड की गई भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला भी उपस्थित रहीं। मार्च पास्ट में भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, सशस्त्र सीमा बल, पंजाब पुलिस, हिमाचल प्रदेश पुलिस, होम गार्ड्स, अग्निशमन सेवाएं, हिमाचल प्रदेश डाक सेवाएं, आपदा प्रबंधन, भूतपूर्व सैनिक, राष्ट्रीय कैडेट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स तथा अन्य टुकड़ियों ने भाग लिया जो अनुशासन, एकता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक थीं। इस अवसर पर राज्यपाल ने शिमला जिला की चौपाल तहसील के अंतर्गत चंबी डाकघर के गगाना गांव निवासी रितिक चौहान को जीवन रक्षा में असाधारण साहस दिखाने के लिए उत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया। विभिन्न सरकारी विभागों की विकासात्मक पहलों और उपलब्धियों को दर्शाती रंग-बिरंगी झांकियां समारोह का मुख्य आकर्षण रहीं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में और भी रंग भर दिए। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला के कलाकारों ने जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तराखंड के लोक नृत्य प्रस्तुत किए। हिमाचल प्रदेश पुलिस की एकलव्य कला मंच, प्रथम आईआरबीएन बनगढ़, ऊना द्वारा ‘‘नशा मुक्त हिमाचल’’ विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इसके माध्यम से मादक पदार्थ चिट्टे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। वहीं हमीरपुर और शिमला के कलाकारों ने भी अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक कुलदीप राठौर, मोहन लाल ब्राक्टा, प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, शिमला नगर निगम के महापौर सुरिंद्र चौहान, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, उप-महापौर उमा कौशल, वरिष्ठ नागरिक, पुलिस एवं सैन्य अधिकारी तथा प्रदेश भर से आए नागरिक भी समारोह में उपस्थित रहे।

इन 5 लोगों के लिए वरदान है कटहल का सेवन, जानें कैसे करें डाइट में शामिल…

हेल्थडेस्क: कटहल, अपनी विशिष्ट सुगंध और विशाल आकार के लिए जाना जाता है, एक उष्णकटिबंधीय फल है जिसे सदियों से कई संस्कृतियों में संजोया गया है। भारत के वर्षावनों में पाया जाने वाला कटहल न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। कटहल एक ऐसी सब्जी है जिसे वेजिटेरियन और नॉनवेजिटेरियन सभी खाना पसंद करते हैं. कटहल से कई तरह की रेसिपीज बनाई जा सकती हैं. असल में इस सब्जी को सिर्फ स्वाद ही नहीं बल्कि, सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. क्योंकि इसमें प्रोटीन, विटामिन ए, सी, थाइमिन, पोटैशियम, कैल्‍शियम, राइबोफ्लेविन, आयरन, नियासिन, फाइबर और जिंक जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मदद कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं किन लोगों को करना चाहिए कटहल का सेवन.

कैसे करें कटहल का सेवन- (How To Eat Jackfruit)

कटहल को आप डाइट में कई तरह से शामिल कर सकते हैं. इसकी सब्जी बना सकते हैं, इसका अचार बना सकते हैं. इतना ही नहीं इसके पकौड़े भी बना सकते हैं।

कटहल खाने के फायदे- (kathal khane ke fayde)

1. हार्ट-

हार्ट हमारे शरीर का अभिन्न अंग है. कटहल में पाए जाने वाले पोषक तत्व हार्ट को हेल्दी रखने में मदद कर सकते हैं.

2. मोटापा-

कटहल में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मोटापे को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. अगर आप वजन को कम करना चाहते हैं तो इसे डाइट में शामिल कर सकते हैं.

3. इम्यूनिटी-

इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए कटहल को आप सब्जी, अचार और पकौड़े के रूप में डाइट में शामिल कर सकते हैं. मजबूत इम्यूनिटी शरीर को कई तरह के संक्रमण से बचाने में मददगार है.

4. कब्ज-

कटहल अल्‍सर और पाचन संबंधी समस्‍या को दूर कर, कब्‍ज की समस्‍या से भी छुटकारा दिलाने में मदद कर सकता है.

5. आंखों-

आंखों को सेहतमंद रखने के लिए आप अपनी डाइट में कटहल को शामिल कर सकते हैं. क्योंकि इसमें कई ऐसे गुण पाए जाते हैं, जो आंखों की सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं.

सिरदर्द को कम करें

कई देशों में कटहल की छाल को सिरदर्द के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। कटहल के सेवन सिर दर्द की परेशानी से छुटकारा पाने के लिए भी किया जाता है। कटहल के बीज और कटहल के फल में एनलजेसिक यानी दर्द निवारक गुण मौजूद होते हैं। इसका यह प्रभाव दर्द को कम करने के साथ ही इसे कंट्रोल करने में भी मदद करते हैं।

सूजन को कम करें

‘नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन’ यानि ‘एनसीबीआई’ की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में कहा गया है। कटहल में मौजूद फ्लेवोनोइड्स एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है, जो सूजन को कम करने में मददगार हो सकता है।

स्किन और हेयर केयर

विटामिन-सी से समृद्ध कटहल स्किन को नुकसान पहुंचाने वाले मुक्त कणों से लड़ने का काम करता है। वहीं, विटामिन-बी स्किन सेल्स की मरम्मत करने में मदद करता है। विटामिन-सी के एंटीऑक्सीडेंट गुण और कोलेजन पॉवर स्किन के लिए खास न्यूट्रिशन बनाती है। विटामिन-सी सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से सकें को बचाने का काम करता है। वहीं, बालों की मजबूती के लिए भी कटहल अच्छा है। इसमें थायमिन और राइबोफ्लेविन जैसे न्यूट्रिशन पाए जाते हैं। यह बालों को हेल्दी रखने में मददगार हो सकते हैं। इसके अलावा कटहल के बीज का इस्तेमाल भी बालों के विकास के लिए किया जाता है।

कटहल के नुकसान

कटहल के फायदे और नुकसान दोनों ही हो सकते हैं। अभी तक हमने कटहल के फायदे को जाना अब हम कटहल के नुकसान की बात करते हैं।

  • पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
  • ओरल एलर्जी की समस्या भी हो सकती है।
  • शुगर के मरीजों में ग्लूकोज लेवल बिगड़ सकता है।

डॉ. शांडिल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विभूतियों को किया सम्मानित…

सोलन: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने आज सोलन के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में आयोजित ज़िला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विभूतियों को सम्मानित किया।
कर्नल शांडिल ने इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अन्हेच के प्रधानाचार्य निशी कांत को राज्य स्तरीय मॉडल निर्माण प्रतियोगिता में अपने विद्यालय को प्रथम स्थान दिलवानेे और डी.पी.ई. राजकुमार को बास्केटबॉल के बेहतर प्रशिक्षण और अन्य सेवाओं के लिए सम्मानित किया।
उन्होंने राजकीय महाविद्यालय सोलन की छात्रा दिव्यांशी शर्मा को लोकसभा सचिवालय द्वारा ‘नो यूअर लीडर प्रोग्राम’ सहित विभिन्न राष्ट्र युवा कार्यक्रम में भाग लेने तथा इसी महाविद्यालय के छात्र कनष्कि शर्मा को श्रीलंका में आयोजित राष्ट्रीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में देश का प्रतिनिधित्व करने, अंतर राज्य युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में हिमाचल का प्रतिनिधित्व करने और नशा मुक्त भारत अभियान में भाग लेने के लिए सम्मानित किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने विश्वास फाउंडेशन के महासचिव आशीष विश्वास को वर्ष 2023 में प्राकृतिक आपदा तथा नालागढ़ में आपदा समय में प्रशंसनीय कार्य करने सहित अन्य पुनीत कार्यों में वित्तीय एवं अन्य सहायता के लिए सम्मानित किया।
डॉ. शांडिल ने विजय भट्टी को 49 बार रक्तदान करने के लिए सम्मानित किया।
उन्होंने ज़िला रेडक्रॉस समिति सोलन के रोगी वाहन चालक सुरेन्द्र शर्मा को निरंतर कार्यरत रहने और प्रशंसनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने पुलिस विभाग सोलन में वर्तमान में महिला पुलिस थाना सोलन की प्रभारी कविता को वर्ष 2025 में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर अंकुश लगाने और महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए सम्मानित किया।
डॉ. शांडिल ने पुलिस थाना धर्मपुर में उप निरीक्षक के पद पर कार्यरत दलीप सिंह को मादक पदार्थों के 26 मामलों में निर्णायक कार्यवाही कर 49 आरोपियों को गिरफ्तार करने और नशे के अवैध कारोबार की लगभग 9.50 करोड़ रुपए की संपत्ति ज़ब्त करने के लिए सम्मानित किया।
उन्होंने पुलिस उप निरीक्षक नवीन कुमार को वर्ष 2025 में नशा तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने और नशे तस्करों की लगभग 12 करोड़ रुपए की संपत्ति ज़ब्त करने के लिए सम्मानित किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने विशेष जांच इकाई सोलन में कार्यरत पुलिस उप निरीक्षक ज्ञान चंद, मुख्य आरक्षी विरेन्द्र कुमार, मानक सहायक उप निरीक्षक अजय कुमार, मुख्य आरक्षी जगदीश कुमार और मुख्य आरक्षी अनुपम को एक टीम के रूप में कार्य कर 50 से अधिक चिट्टा तस्करों को गिरफ्तार करने और नशा तस्कारों की 07 करोड़ रुपए की गैर कानूनी संपत्ति को ज़ब्त करने की दिशा में सराहनीय कार्य करने के लिए सम्मानित किया।
डॉ. शांडिल ने पुलिस थाना सदर सोलन में कार्यरत मुख्य आरक्षी विरेन्द्र कुमार को चिट्टा तस्करों के विरुद्ध निर्णायक कार्यवाही करने के लिए सम्मानित किया।
उन्होंने पुलिस थाना कण्डाघाट में कार्यरत मानक मुख्य आरक्षी मोहम्मद रफी को वर्ष 2025 में अति महत्वपूर्ण एवं विशिष्ट व्यक्तियों की ड्यूटी के दौरान सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने पुलिस चौकी सुबाथू में कार्यरत आरक्षी महेश कुमार को वर्ष 2025 में 16 भगौडे़ घोषित आरोपियों को राज्य एवं राज्य से बाहर से पकड़ने के लिए सम्मानित किया।
डॉ. शांडिल ने पुलिस थाना धर्मपुर में कार्यरत मुख्य आरक्षी विनोद कुमार को वर्ष 2025 में प्रदेश एवं बाहरी राज्यों से 20 भगौड़े घोषित आरोपियों को पकड़ने की दिशा में सराहनीय कार्य करने के लिए सम्मानित किया। अर्की के विधायक संजय अवस्थी, कसौली के विधायक, नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा, हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष अनुराग शर्मा, ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चंद बरमानी, बघाट बैंक के अध्यक्ष अरुण शर्मा, जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, नगर निगम सोलन के पार्षदगण, प्रदेश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम निदेशक जतिन साहनी, कर्नल संजय शांडिल, उप महाधिवक्ता रोहित शर्मा, नगर परिषद सोलन के पूर्व अध्यक्ष कुल राकेश पंत, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल ठाकुर, रमेश ठाकुर, सुरेन्द्र सेठी, शिव कुमार, संजीव ठाकुर, विकास काल्टा, मोहन मेहता, अजय वर्मा, अन्य वरिष्ठ नेता, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन राहुल जैन, नगर निगम की आयुक्त एकता कापटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार चंदेल, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति तथा अन्य इस अवसर पर उपस्थित थे।

आत्मनिर्भरता के माध्यम से समृद्ध हिमाचल की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध प्रदेश सरकार : डॉ. शांडिल

सोलन: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार आत्मनिर्भरता का मूल मंत्र अपनाकर समृद्ध हिमाचल की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. शांडिल आज यहां ऐतिहासिक ठोडो मैदान में ज़िला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने इससे पूर्व राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा पुलिस, गृहरक्षा, राष्ट्रीय कैडेट कोर एवं अन्य द्वारा आयोजित भव्य मार्चपास्ट की सलामी ली। पुलिस उप निरीक्षक संजीव ने परेड का नेतृत्व किया। इस वर्ष की परेड में ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रशिक्षित आपदा मित्र ने पहली बार भाग लिया। स्वास्थ्य मंत्री ने कारगिल शहीद स्मारक पर कृतज्ञ प्रदेशवासियों एवं जिलावासियों की और से वीरों को भावभीनी श्रद्धाजंलि भी अर्पित की। वहीं सैनिक कल्याण मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि देश एवं प्रदेश वासी उन असंख्य वीरों के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेंगे जिन्होंने देश की एकता और अखण्डता को बनाए रखने के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण आर्थिकी, स्वास्थ्य पर्यटन और रोज़गार सृजन के माध्यम से हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। विकास के यही मूल आधार प्रदेश को समृद्धि की ओर अग्रसर कर रहे हैं।
डॉ. शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में नवीन तकनीक अपनाकर लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 3300 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक चिकित्सा निदान उपकरण क्रय कर विभिन्न अस्पतालों में स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिमला स्थित चमियाणा अस्पताल और टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में रॉबोटिक सर्जरी आरम्भ कर दी गई है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान दिल्ली के अनुरूप डॉ. राजेन्द्र प्रसाद आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, ज़िला कांगड़ा, इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय और चमियाणा अस्पताल शिमला में 75 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक निदान प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है। इस प्रयोगशाला की स्थापना से विभिन्न प्रकार के परीक्षण एक ही सैंपल के माध्यम से हो जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि शीघ्र ही प्रदेश में 400 चिकित्सकों और 600 नर्सो के पद भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है। इन संस्थानों में 6-6 विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात होंगे। उन्होंने कहा कि सोलन में लगभग 200 करोड़ रुपए की लागत से विश्व स्तरीय बहुउद्देशीय अस्पताल का लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। कण्डाघाट में लगभग 17 करोड़ रुपए की लागत से 50 बिस्तर वाले अस्पताल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च अधिमान दे रही है। हिमाचल देश का ऐसा पहला राज्य है जहां सुखाश्रय योजना के तहत 6 हजार से अधिक बेसहारा बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाकर आर्थिक एवं सामाजिक संबल प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गत तीन वर्षों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लगभग एक लाख मामले स्वीकृत किए गए हैं। सोलन ज़िला में इस अवधि में 51,693 पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन एवं अन्य योजनाओं के लाभ प्रदान करने पर लगभग 66 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। सोलन ज़िला में मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत 204 बेसहारा बच्चों को 1.10 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कांगड़ा ज़िला के लुथान में 92.38 करोड़ रुपए की लागत से मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सुखाश्रय परिसर का निर्माण कर रही है। यहां 400 आश्रितों के लिए आधुनिक सुविधायुक्त आवास की व्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला के कण्डाघाट उपमण्डल की ग्राम पंचायत क्वारग के टिकरी गांव में लगभग 200 करोड़ रुपए की लागत से दिव्यांगजन के लिए उत्कृष्टता केन्द्र स्थापित किया जा रहा है। प्रदेश के इस पहले संस्थान में 500 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र भी स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अनेक वित्तीय कठिनाइयों के साथ भी प्रदेश सरकार विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रोज़गार व स्वरोज़गार के अवसर सृजित किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण स्तर पर बेहतर रोज़गार तथा उपयुक्तता के अनुरूप स्वास्थ्य एवं साहसिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही है।
डॉ. शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार चिट्टे जैसे नशे को समाप्त करने के लिए सघन अभियान कार्यान्वित कर रही है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। स्वास्थ्य मंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित भी किया। वहीं अर्की के विधायक संजय अवस्थी, कसौली के विधायक नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा, हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष अनुराग शर्मा, ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चंद बरमानी, बघाट बैंक के अध्यक्ष अरुण शर्मा, जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, नगर निगम सोलन के पार्षदगण, प्रदेश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम निदेशक जतिन साहनी, कर्नल संजय शांडिल, उप महाधिवक्ता रोहित शर्मा, नगर परिषद सोलन के पूर्व अध्यक्ष कुल राकेश पंत, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल ठाकुर, रमेश ठाकुर, सुरेन्द्र सेठी, शिव कुमार, संजीव ठाकुर, अजय वर्मा, विकास काल्टा, मोहन मेहता, अन्य वरिष्ठ नेता, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन राहुल जैन, नगर निगम की आयुक्त एकता कापटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार चंदेल, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति तथा अन्य इस अवसर पर उपस्थित थे।

सम्मान और सेवा का संगम: सायरी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस…

सोलन/सायरी: 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सायरी में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समारोह में तरसेम भारती (प्रदेश संयोजक, रेहड़ी-फड़ी एवं झुग्गी-झोंपड़ी प्रकोष्ठ तथा प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष, अनुसूचित जाति मोर्चा, हि.प्र.) ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उनके साथ उनकी धर्मपत्नी मधु भारती, सुपुत्री दीक्षा भारती और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य (आईटी विभाग) अरुष गुप्ता भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। वीर पूर्व सैनिकों के साथ मनाया उत्सव यह अवसर उस समय और भी स्मरणीय हो गया जब मुख्य अतिथि भूतपूर्व सैनिक संघ (सायरी, ममलीग, जुब्बड़हट्टी) के ‘चौथे स्थापना दिवस’ समारोह में शामिल हुए। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर पूर्व सैनिकों के बीच गणतंत्र दिवस मनाना सभी के लिए गर्व का विषय रहा। राष्ट्रप्रेम और अनुशासन की सीख जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि तरसेम भारती ने कहा, “जिन्होंने सीमाओं पर अपना जीवन देश की रक्षा में समर्पित कर दिया, उन वीरों के बीच आज का दिन मनाना सौभाग्य की बात है। पूर्व सैनिकों का अनुशासन और राष्ट्रप्रेम हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।” उन्होंने ग्राम पंचायत सायरी और पूर्व सैनिक संघ द्वारा मिले अपार प्रेम और आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया। यह आयोजन में ये रहे उपस्थित कार्यक्रम के दौरान स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि, पूर्व सैनिक संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। अंत में तरसेम भारती ने समस्त प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए ‘जय हिन्द, जय हिमाचल’ के उद्घोष के साथ अपने संबोधन को विराम दिया।

Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर हिमाचल की झांकी, देखने को मिली ‘देवभूमि’ से ‘वीरभूमि’ की यात्रा की झलक

शिमला: रक्षा मंत्रालय ने गणतंत्र दिवस परेड के लिए 17 राज्यों की झांकियाँ चुनीं, जिसमें हिमाचल प्रदेश की झांकी भी शामिल रही। सोमवार को प्रस्तुत हिमाचल प्रदेश की झांकी राज्य को न सिर्फ ‘देवभूमि’ (देवताओं की भूमि) के रूप में, बल्कि ‘वीरभूमि’ (बहादुरों की भूमि) के रूप में चित्रित करती नजर आई। झांकी ने हिमाचल के बहादुर बेटों-बेटियों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने पहाड़ों की सहनशक्ति से प्रेरित होकर देश के लिए बलिदान दिया। राज्य ने भारत को 1,203 वीरता पुरस्कार दिए हैं, जिनमें 4 परमवीर चक्र, 2 अशोक चक्र और 10 महावीर चक्र शामिल है, यह उपलब्धि भारत के सैन्य इतिहास में असाधारण है। गणतंत्र दिवस की झांकी ने राज्य की इस अदम्य भावना को श्रद्धांजलि दी। इसने हिमाचल के उन बेटों और बेटियों को भी सम्मानित किया, जिन्होंने पहाड़ों की सहनशक्ति से प्रेरित होकर, बहादुरी और बलिदान के साथ देश की पुकार का जवाब दिया है। झांकी ने राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि के साथ गौरवशाली सैन्य परंपरा को जोड़कर पवित्रता और वीरता का संदेश दिया। हिमाचल की यह विरासत अतीत से आगे बढ़कर देवताओं के आशीर्वाद वाली ‘देवभूमि’ में छिपी सच्ची ‘वीरभूमि’ लोगों के चरित्र में बसी हुई है।

Himachal Snowfall: चार से पांच घंटे बर्फ में पैदल चलकर होटल तक पहुंचे पर्यटक, 60 घंटे से कुल्लू-मनाली NH जाम…

शिमला: हिमाचल प्रदेश के मनाली और कुल्लू जिले में भारी बर्फबारी और बारिश की वजह से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. कुल्लू जिले में 582 बिजली ट्रांसफार्मर और 81 पेयजल योजनाएं ठप होने से बुनियादी सुविधाएं संकट में हैं. राष्ट्रीय राजमार्ग-3 पर जमी बर्फ की वजह से वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं, जिससे पर्यटक 5 घंटे में महज 300 मीटर की दूरी तय कर पा रहे हैं. सड़कों के बंद होने की वजह से पर्यटकों को 10 से 15 किलोमीटर तक का सफर पैदल तय करना पड़ रहा है. प्रशासन ने पतलीकूहल से रांगडी तक सड़क को सिर्फ फोर-बाय-फोर वाहनों के लिए सिंगल लेन में बहाल किया है. भारी बर्फबारी के बावजूद मनाली के होटल 80 से 90 फीसदी तक बुक हैं और कई जगह 31 जनवरी तक ओवरबुकिंग की स्थिति है। हालांकि, शून्य से 10 डिग्री नीचे के तापमान और सुविधाओं के अभाव ने पर्यटकों के उत्साह के बीच बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। सैलानियों के लिए मनाली तक की राह कांटों भरी साबित हो रही है. पर्यटक विक्की के मुताबिक, जाम का आलम यह है कि वे 5 घंटे में सिर्फ 300 मीटर ही आगे बढ़ पाए हैं. वहीं, रवि और राहुल जैसे पर्यटकों को पूरी रात बस में बितानी पड़ी और वे 15 किलोमीटर पैदल चलकर मनाली पहुंचे. पर्यटकों ने अन्य लोगों को फिलहाल मनाली न आने की सलाह दी है क्योंकि और बर्फबारी होने पर हालात और भी बिगड़ सकते हैं. कुल्लू घाटी में बिजली और पानी की भारी किल्लत है. 582 ट्रांसफार्मर बंद होने से कई इलाके अंधेरे में डूबे हैं. विक्की ने बताया कि भीषण ठंड के बीच बिजली न होना सबसे बड़ी समस्या है. उनका कहना है कि पर्यटकों से लिए जाने वाले शुल्क के बदले प्रशासन को बेहतर सुविधाएं देनी चाहिए थीं. फिलहाल, सड़कों को पूरी तरह साफ करना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी परीक्षा बना हुआ है क्योंकि भारी बर्फ ने कनेक्टिविटी को तोड़ दिया है। तमाम दिक्कतों के बावजूद कई पर्यटक -10°C तापमान में बर्फ का लुत्फ उठा रहे हैं. पर्यटक अंजलि और रानी के मुताबिक, उन्होंने पहली बार इतनी भारी बर्फबारी देखी है, जो उनके लिए एक शानदार एडवेंचर है. होटल मालिक सुनील सेन ने बताया कि बर्फबारी से कारोबार को जबरदस्त फायदा हुआ है. होटल करीब-करीब फुल हैं और 31 जनवरी तक बुकिंग पैक है. हालांकि, ऊपरी इलाकों तक वाहनों की आवाजाही बहाल न होना अभी भी एक बड़ी बाधा है। उत्तर प्रदेश से आए पर्यटक समीर ने बताया कि वह शनिवार से मनाली पहुंचने के लिए सफर कर रहे हैं। रविवार को मनाली पहुंचे। इसके लिए लगभग पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। अतुल ने कहा कि बर्फबारी देखने की हसरत में वह मनाली आए लेकिन यातायात जाम की वजह से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घंटों तक वह जाम में ही फंसे रहे। उत्तर प्रदेश के दानिश ने कहा कि मनाली पहुंचने में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वह कई किलोमीटर पैदल चलकर मनाली पहुंचे। पतलीकूहल से ही वह पैदल मनाली पहुंचे।

बर्फ ने मनाली की राह रोकी तो कुल्लू बन गया ठिकाना
बर्फबारी के बाद मनाली का जनजीवन ठहर गया है। पतलीकूहल से आगे एनएच मनाली तक फोर बाई फोर वाहनों के लिए ही बहाल है। पर्यटक मनाली तक आसानी से नहीं पहुंच पा रहे हैं। बर्फ का दीदार करने निकले पर्यटकों के कदम कुल्लू में ही रुक रहे हैं। ऐसे में कुल्लू के अधिकतर होटल पैक हैं। होटलों में कमरे न मिलने से कई पर्यटकों ने आसपास के होम स्टे का भी रुख किया है। कई पर्यटक भुंतर और कसोल में रुके हैं। गौर रहे कि बीते दिनों कुल्लू और लाहौल में बर्फबारी की खबर सुनते ही भारी संख्या में पर्यटकाें ने वीकेंड पर कुल्लू मनाली का रुख किया। पर्यटक मंडी जिले की सीमा पार कर भुंतर और कुल्लू पहुंचे तो उन्हें पता चला कि मनाली तक रास्ता बंद है। ऐसे में शनिवार शाम को अखाड़ा बाजार, ढालपुर, भुंतर में पर्यटक होटल तलाशते रहे। बर्फबारी के बाद आम तौर पर पर्यटक मनाली से पीछे नहीं रुकते थे। पतलीकूहल से आगे फोर बाई फोर ही चल रहे हैं। ऐसे में पर्यटकों की राह आसान नहीं है। पंजाब से आए आकाश और समरजीत ने कहा कि वे मनाली के लिए निकले थे। उन्हें कुल्लू में ही रुकना पड़ा। रविवार को उन्होंने बिजली महादेव का रुख किया। मणिकर्ण वैली होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष किशन ठाकुर ने कहा कि बर्फबारी के बाद मणिकर्ण घाटी समेत जिले में पर्यटन कारोबार को गति मिली है। बर्फबारी से मनाली एवं स्थानीय संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। इन्हें बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि इनमें कुछ समय लग सकता है। पर्यटक अनावश्यक यात्रा से बचें। मौसम विज्ञान केंद्र ने 27 जनवरी को फिर बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। अगर बर्फबारी से पतलीकूहल से आगे सड़क बंद हो जाती है तो मनाली की ओर जाने वाले वाहनों को भुंतर से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

रिज मैदान पर उद्योग विभाग की झांकी में दिखा आत्मनिर्भर हिमाचल का आत्मविश्वास

शिमला : 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित समारोह में हिमाचल प्रदेश उद्योग विभाग की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस झांकी ने प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, सांस्कृतिक विरासत और नवाचार की दिशा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। झांकी का मुख्य विषय हिम एमएसएमई उत्सव 2026 … Read more

हिमाचल में रील बनाने गए युवकों का मिला शव, रेस्क्यू टीम ने कुत्ते को बचाया…

चंबा : हिमाचल के चंबा जिले के भरमौर उपमंडल में 22 जनवरी को भरमाणी माता मंदिर मार्ग पर लापता हुए दो युवकों का शव बरामद कर लिया गया है। मृतक की पहचान पीयूष कुमार (13) पुत्र विक्रमजीत, निवासी गांव घरेड़ और विकसित राणा (19) निवासी गांव मलकौता, के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार दोनों 22 जनवरी को भरमाणी माता मंदिर के दर्शन व वीडियो शूटिंग के उद्देश्य से घर से निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद परिजनों व ग्रामीणों ने तलाश शुरू की और प्रशासन को सूचना दी गई। लगातार बर्फबारी, दुर्गम रास्तों और खराब मौसम के बावजूद पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से खोज अभियान चलाया। प्रशासन ने युवकों के शव को बरामद कर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं। बर्फ से ढकी पहाड़ियों, सन्नाटे और मौत की ठिठुरन के बीच अगर किसी ने इंसानियत को सबसे ज्यादा जिंदा रखा, तो वह एक बेज़ुबान पालतू कुत्ता था। भरमौर उपमंडल के मलकोता क्षेत्र में 22 जनवरी से लापता युवकों की तलाश के दौरान जो दृश्य सामने आया, उसने खोज व बचाव दल से लेकर पूरे इलाके को भीतर तक झकझोर दिया।चार फुट मोटी बर्फ की चादर में दबे एक किशोर के शव के पास, तीन दिनों से डटा हुआ उसका पालतू कुत्ता न भूखा-प्यासा पीछे हटा, न ही अपने मालिक को अकेला छोड़ा। यह दर्दनाक कहानी है पीयूष (14) पुत्र विक्रमजीत, निवासी गांव घरेड की। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर किशोर और उसके साथी रात में रुके थे, वहीं भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड ने हालात को जानलेवा बना दिया।

बर्फबारी में भी नहीं रुकी शादी! बर्फीले रास्तों पर 7KM पैदल चलकर दुल्हन लेने पहुंचा दूल्हा…अंधेरे में निभाई रस्में

मंडी: हिमाचल प्रदेश के मंडी में एक ऐसा अनोखा विवाह हुआ. जिसे शायद ही कोई भूल पाएगा. एक दूल्हा भारी हिमपात के बीच बारात लेकर निकला और बर्फ के बीच विवाह की रस्में निभाई गई. ये अनोखी शादी मंडी के सराज क्षेत्र में हुई. हिमपात से जब सड़कें बंद हो गई और अंधेरा छा गया, तब भी बुनालीधार के गितेश ठाकुर का हौसला नहीं डगमगाया. दुल्हन को लेने का जज्बा ऐसा था कि दूल्हा करीब 7 किलोमीटर बर्फीले और दुर्गम रास्तों को तय कर बारातियों सहित बैंचड़ी पहुंचा. जहां बर्फ के बीच विवाह की रस्में निभाई गई. बर्फ के बीच हुई ये शादी यादगार बन गई है. जो भी लोग इस शादी में शामिल हुए वो शायद ही इस विवाह को कभी भूल पाएंगे. बुनालीधार निवासी गितेश ठाकुर का विवाह 24 जनवरी को बैंचड़ी की ऊषा ठाकुर के साथ तय था. इससे एक दिन पहले 23 जनवरी को सराज क्षेत्र में भारी हिमपात हुआ, जिससे लगभग सभी संपर्क मार्ग बंद हो गए. क्षेत्र में ब्लैकआउट की स्थिति भी बनी रही. मुख्य सड़क बंद होने के कारण परिवार ने पैदल ही बारात ले जाने का निर्णय लिया. जहां पहले करीब 100 लोगों की बारात जानी थी, वहीं मौसम की मार के चलते केवल 20 के करीब ही रिश्तेदार बारात में शामिल हो सके. दूल्हा गितेश ठाकुर और उसके दोस्त सबसे आगे चलते हुए दो से ढाई फीट बर्फ से ढके ऊबड़-खाबड़ रास्तों से निकले. बारात दोपहर करीब सवा तीन बजे बुनालीधार से रवाना हुई और शाम करीब सात बजे बैंचड़ी पहुंची। बिजली न होने के कारण अंधेरे में ही विवाह की रस्में पूरी की गईं. तय कार्यक्रम के अनुसार रविवार सुबह दुल्हन को भी पैदल ही बुनालीधार लाया जाएगा. दूल्हे के पिता देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि हिमपात शुभ संकेत है और इससे शादी जैसे मांगलिक कार्य नहीं रुकते. इस हिमपात से क्षेत्र में बागबानी और कृषि कार्यों को भी लाभ मिलेगा।