
शिमला: हिमाचल प्रदेश के मनाली और कुल्लू जिले में भारी बर्फबारी और बारिश की वजह से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. कुल्लू जिले में 582 बिजली ट्रांसफार्मर और 81 पेयजल योजनाएं ठप होने से बुनियादी सुविधाएं संकट में हैं. राष्ट्रीय राजमार्ग-3 पर जमी बर्फ की वजह से वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं, जिससे पर्यटक 5 घंटे में महज 300 मीटर की दूरी तय कर पा रहे हैं. सड़कों के बंद होने की वजह से पर्यटकों को 10 से 15 किलोमीटर तक का सफर पैदल तय करना पड़ रहा है. प्रशासन ने पतलीकूहल से रांगडी तक सड़क को सिर्फ फोर-बाय-फोर वाहनों के लिए सिंगल लेन में बहाल किया है. भारी बर्फबारी के बावजूद मनाली के होटल 80 से 90 फीसदी तक बुक हैं और कई जगह 31 जनवरी तक ओवरबुकिंग की स्थिति है। हालांकि, शून्य से 10 डिग्री नीचे के तापमान और सुविधाओं के अभाव ने पर्यटकों के उत्साह के बीच बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। सैलानियों के लिए मनाली तक की राह कांटों भरी साबित हो रही है. पर्यटक विक्की के मुताबिक, जाम का आलम यह है कि वे 5 घंटे में सिर्फ 300 मीटर ही आगे बढ़ पाए हैं. वहीं, रवि और राहुल जैसे पर्यटकों को पूरी रात बस में बितानी पड़ी और वे 15 किलोमीटर पैदल चलकर मनाली पहुंचे. पर्यटकों ने अन्य लोगों को फिलहाल मनाली न आने की सलाह दी है क्योंकि और बर्फबारी होने पर हालात और भी बिगड़ सकते हैं. कुल्लू घाटी में बिजली और पानी की भारी किल्लत है. 582 ट्रांसफार्मर बंद होने से कई इलाके अंधेरे में डूबे हैं. विक्की ने बताया कि भीषण ठंड के बीच बिजली न होना सबसे बड़ी समस्या है. उनका कहना है कि पर्यटकों से लिए जाने वाले शुल्क के बदले प्रशासन को बेहतर सुविधाएं देनी चाहिए थीं. फिलहाल, सड़कों को पूरी तरह साफ करना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी परीक्षा बना हुआ है क्योंकि भारी बर्फ ने कनेक्टिविटी को तोड़ दिया है। तमाम दिक्कतों के बावजूद कई पर्यटक -10°C तापमान में बर्फ का लुत्फ उठा रहे हैं. पर्यटक अंजलि और रानी के मुताबिक, उन्होंने पहली बार इतनी भारी बर्फबारी देखी है, जो उनके लिए एक शानदार एडवेंचर है. होटल मालिक सुनील सेन ने बताया कि बर्फबारी से कारोबार को जबरदस्त फायदा हुआ है. होटल करीब-करीब फुल हैं और 31 जनवरी तक बुकिंग पैक है. हालांकि, ऊपरी इलाकों तक वाहनों की आवाजाही बहाल न होना अभी भी एक बड़ी बाधा है। उत्तर प्रदेश से आए पर्यटक समीर ने बताया कि वह शनिवार से मनाली पहुंचने के लिए सफर कर रहे हैं। रविवार को मनाली पहुंचे। इसके लिए लगभग पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। अतुल ने कहा कि बर्फबारी देखने की हसरत में वह मनाली आए लेकिन यातायात जाम की वजह से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घंटों तक वह जाम में ही फंसे रहे। उत्तर प्रदेश के दानिश ने कहा कि मनाली पहुंचने में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वह कई किलोमीटर पैदल चलकर मनाली पहुंचे। पतलीकूहल से ही वह पैदल मनाली पहुंचे।





