मुख्यमंत्री ने राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक का कैलेंडर जारी किया…

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक का वार्षिक कैलेंडर-2026 जारी किया। इस अवसर पर बैंक के अध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को बैंक की विभिन्न गतिविधियों और योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विगत वर्ष में सरकार के निर्देशों के अनुसार पात्र लोगों को ऋण मुहैया करवाया गया। इस अवसर पर बैंक के प्रबन्ध निदेशक हरीश गज्जू और महाप्रबन्धक आर.एम. झमाल्टा उपस्थित थे।

गांव में तीन, शहर में चार गुना बढ़ा प्लॉट-फ्लैट का पंजीकरण शुल्क, नई दरें हुई लागू

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए परियोजनाओं के पंजीकरण शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है। यह संशोधन रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 की धारा 84 के तहत किया गया है। शहरी आवास विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) संशोधन नियम 2025 को राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से लागू माना जाएगा। इसके तहत रेरा पंजीकरण के लिए नियम-3 में बदलाव करते हुए परियोजनाओं के लिए नई शुल्क दरें तय की गई हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं। संशोधित नियमों के तहत अब प्रमोटर को परियोजना के पंजीकरण के समय डिमांड ड्राफ्ट या ऑनलाइन माध्यम से शुल्क जमा करना होगा। ग्रामीण में घरेलू प्लॉट डेवलपमेंट के लिए पंजीकरण शुल्क 10 से बढ़ाकर 30 रुपये प्रति वर्ग मीटर और शहरी क्षेत्रों में 40 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया है। वाणिज्यिक प्लॉट डेवलपमेंट के लिए पंजीकरण शुल्क ग्रामीण क्षेत्र में 20 से बढ़ाकर 60 रुपये और शहरी क्षेत्र में 80 रुपये प्रति वर्ग मीटर होगा। मिश्रित (आवासीय व वाणिज्यिक) प्लॉट प्रोजेक्ट के लिए शुल्क 15 से बढ़ाकर ग्रामीण में 45 और और शहरी क्षेत्र में 60 रुपये प्रति वर्ग मीटर होगा। आवासीय फ्लैट डेवलपमेंट के लिए पंजीकरण शुल्क ग्रामीण क्षेत्र में 10 से बढ़ाकर 30 रुपये और शहरी में 40 रुपये प्रति वर्ग मीटर (निर्मित क्षेत्र के अनुसार) होगा। वाणिज्यिक फ्लैट प्रोजेक्ट के लिए ग्रामीण क्षेत्र में यह शुल्क 20 से बढ़ाकर 60 रुपये और शहरी क्षेत्र में 80 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है। मिश्रित उपयोग वाली फ्लैट परियोजनाओं के लिए शुल्क 15 से बढ़ाकर ग्रामीण क्षेत्र में 45 रुपये और शहरी क्षेत्र में 60 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि संशोधित शुल्क दरों से रेरा के तहत नियामक व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।

HRTC का जांच अधिकारी ही निकला भ्रष्टाचार में संलिप्त, सही रिपोर्ट देने की एवज में मांग रहा था रिश्वत…

शिमला: हिमाचल पथ परिवहन निगम शिमला मंडल में तैनात अधीक्षक ग्रेड-एक जगदीश चंद को रिश्वत के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। निगम के प्रबंध निदेशक निपुण जिंदल ने यह आदेश जारी किए हैं। आरोप है कि शिमला डिवीजन में जांच अधिकारी के रूप में तैनात अधीक्षक ग्रेड-एक पद का दुरुपयोग कर रहा था। इस अधिकारी पर सार्वजनिक सेवा के हितों के खिलाफ कार्य करने के आरोप लगे थे। अधिकारी पर यह भी आरोप है कि कर्मचारियों से अनुकूल जांच रिपोर्ट देने के बदले में रिश्वत की मांग की है। निगम प्रबंधन को इसको लेकर शिकायतें मिली थी। निगम प्रबंधन ने कहा कि अधिकारी के खिलाफ केंद्रीय सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियम, 1965 के नियम 10(1) के तहत जांच की जाएगी। जांच की निष्पक्ष सुनिश्चित करने के लिए उन्हें जांच अवधि के दौरान पद पर बने रहना उचित नहीं माना गया है। इसके चलते निगम प्रबंधन ने अधिकारी का निलंबन किया है। निगम प्रबंध ने अधिकारी के खिलाफ लगे आरोपों के चलते जांच बैठा दी है।

वैष्णो देवी जाने वाले लोग जरूर पढ़ लें ये खबर, श्राइन बोर्ड ने जारी की है अहम एडवाइजरी…

जम्मू-कश्मीर: वैष्णो देवी की यात्रा पर निकलने से पहले आपके लिए एक अलर्ट है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रियों को बुकिंग को लेकर सावधान किया है। श्राइन बोर्ड ने कहा है कि तीर्थयात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसे फर्जी मैसेज, फोन कॉल या WhatsApp फॉरवर्ड के जवाब में कोई पेमेंट न करें, जिनमें गलत तरीके से श्री माता वैष्णो देवी यात्रा या उससे जुड़ी सेवाओं के लिए बुकिंग देने का दावा किया जाता है। कृपया अनाधिकृत वेबसाइटों या व्यक्तियों द्वारा जारी किए गए धोखे वाले विज्ञापनों के झांसे में न आएं।

बुकिंग से जुड़ी ठगी के मामले का  बन सकते हैं शिकार

इस अलर्ट के बाद भी अगर आप लापरवाही बरतते हैं, तो आपको पैसों का नुकसान उठाना पड़ सकता है। हाल के दिनों में ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग से जुड़ी ऐसी कई ठगी सामने आई हैं, जिनके चलते यात्रियों को न सिर्फ परेशानी झेलनी पड़ी, बल्कि पैसों का नुकसान भी उठाना पड़ा है। ऐसे में माता के दरबार जाने से पहले इस बड़े अलर्ट को जानना बेहद जरूरी है, ताकि आपकी यात्रा सुरक्षित, सुगम और बिना किसी आर्थिक झटके के पूरी हो सके।

ऑफिशियल वेबसाइट से बुकिंग की सलाह

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने अपील की है कि सभी बुकिंग सिर्फ़ ऑफिशियल वेबसाइट: http://maavaishnodevi.org से ही होती हैं। पेमेंट करने से पहले वेरिफाई करें। किसी भी शक की स्थिति में, कृपया श्राइन बोर्ड के हेल्पडेस्क से +91 9906019494 पर संपर्क करके कन्फर्म कर सकते हैं। सतर्क रहें। सुरक्षित यात्रा करें।

यह बात पहले जान लें

वैष्णो देवी यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए श्राइन बोर्ड की ओर से स्मार्ट लॉकर की व्यवस्था की गई है। यात्रियों के लिए यह सुविधा भवन में कमरा नंबर 04, वेटिंग हॉल (राम मंदिर), दुर्गा भवन, पार्वती भवन, गेट नंबर 03 और अधकुंवारी में उपलब्ध कराई गई है, जिससे श्रद्धालु अपने सामान को सुरक्षित रखकर निश्चिंत होकर दर्शन कर सकें। खास बात यह है कि भवन स्थित कमरा नंबर 04 में स्मार्ट लॉकर की सुविधा कुछ चुनिंदा यात्रियों के लिए पूरी तरह निशुल्क रखी गई है। जिन श्रद्धालुओं की SSVP, अटका आरती, नव चंडी पाठ, ग्रुप अटका, कटरा–पंछी हेलीकॉप्टर या जम्मू–भवन–जम्मू पैकेज की बुकिंग कन्फर्म है, वे इस सुविधा का मुफ्त लाभ उठा सकते हैं। हालांकि, निशुल्क स्मार्ट लॉकर सुविधा का लाभ लेने के लिए यात्रियों को अपनी बुकिंग रसीद पर कमरा नंबर 04 स्थित रिसेप्शन काउंटर से मुहर लगवाना अनिवार्य होगा। बिना मुहर लगी रसीद पर मुफ्त सुविधा मान्य नहीं होगी। श्राइन बोर्ड ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले इन नियमों की जानकारी जरूर लें, ताकि दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

नशा मुक्ति के लिए पंजाब सरकार की बड़ी पहल: 467.49 लाख का निवेश, लाखों युवाओं की नई राह

चंडीगढ़: पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्ण दृढ़ता और संवेदनशीलता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए ठोस और प्रभावी कदमों के परिणाम आज ज़मीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा कुल 467.49 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि राज्य में नशों के विरुद्ध जन-जागरूकता पैदा करने, लोगों को संवेदनशील बनाने और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करने के उद्देश्य से पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा आपसी समन्वय से व्यापक योजना के तहत कई प्रभावशाली कार्यक्रम लागू किए गए हैं। विशेष रूप से बच्चों, युवाओं और अध्यापकों को नशा मुक्ति अभियान से जोड़ने के लिए स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम तैयार कर लागू किए गए हैं, जिनके लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन भी उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत 107.22 लाख रुपये, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियों हेतु 202.99 लाख रुपये, जबकि सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा राज्य के सभी जिलों में जागरूकता शिविरों की श्रृंखला आयोजित करने के लिए 109.12 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि नशों की सबसे बड़ी मार राज्य के युवाओं और उनके परिवारों पर पड़ती है। कई माताएं अपने बेटों के भविष्य के लिए प्रतिदिन प्रार्थना करती हैं, कई बच्चे अपने पिता की आंखों में से आशा को समाप्त होते हुए देखते हैं और कई घरों की खुशियां नशों की भेंट चढ़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस पीड़ा को गहराई से समझती है और नशा मुक्त पंजाब की लड़ाई को केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि मानवीय, संवेदनशील और सामाजिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ा रही है। कैबिनेट मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य केवल नशों को जड़ से समाप्त करना ही नहीं है, बल्कि प्रत्येक युवा को पुनः सपने देखने का साहस देना, प्रत्येक मां के आंसू पोंछना और हर परिवार में खुशहाली वापस लाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का दृढ़ संकल्प है कि पंजाब का प्रत्येक युवा नशों से दूर रहकर प्रगति, आत्मगौरव और सम्मानपूर्ण जीवन व्यतीत करते हुए आगे बढ़े। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान जी के नेतृत्व में पंजाब सरकार केवल नीतियाँ नहीं बना रही, बल्कि टूटे हुए परिवारों के सपनों को फिर से जोड़ रही है। करोड़ों का बजट और विभागों का आपसी तालमेल यह साबित करता है कि पंजाब अब सुरक्षित हाथों में है।

नेरचौक मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में जूनियर से मारपीट, तीन प्रशिक्षु डॉक्टर हॉस्टल से निष्कासित

मंडी: मंडी जिले के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में मारपीट का मामला सामने आया है. जूनियर छात्र के साथ हुई मारपीट के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन प्रशिक्षु डॉक्टरों को दोषी ठहराया है. एंटी रैगिंग कमेटी की जांच के बाद तीनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया है. जानकारी के अनुसार यह घटना 18 दिसंबर की शाम को कॉलेज छात्रावास में हुई. एमबीबीएस तृतीय वर्ष के दो प्रशिक्षु डॉक्टरों ने छात्रावास के नियमों का उल्लंघन करते हुए जबरन एक कमरे में प्रवेश किया. इस दौरान उन्होंने द्वितीय वर्ष के एक जूनियर छात्र के साथ मारपीट की. पीड़ित छात्र शिमला का रहने वाला है, जिसने अगले ही दिन इस संबंध में कॉलेज प्रशासन और स्थानीय पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई गई। अस्पताल प्रशासन द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच कमेटी का गठन किया गया। जांच में यह सामने आया कि आरोपियों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए जूनियर छात्र के कमरे में घुसकर मारपीट की गई। हालांकि, कमेटी की जांच में यह भी संकेत मिले कि घटना से पहले आपसी कहासुनी और उकसावे की स्थिति भी बनी थी, जिसे पीड़ित पक्ष ने रैगिंग का रूप देने का प्रयास किया। इस मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन द्वारा एंटी-रैगिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई जिसमें सभी साक्ष्यों और बयानों पर विचार करने के बाद कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई। जिसमें तीनों प्रशिक्षित डॉक्टरों पर निष्कासन की कार्रवाई अमल में लाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से छात्रवास से एक वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया है तथा उन पर 20-20 हजार रुपए का जुमार्ना भी लगाया गया है।

हिमाचल में और ठंडी हुई रातें, ऊंचाई वाले इलाकों में पारा शून्य से नीचे…

शिमला: हिमाचल प्रदेश में शीतलहर का असर लगातार बना हुआ है। राज्य में नाै स्थानों पर रात का पारा माइनस में दर्ज किया गया है। जबकि दो जगह शून्य में दर्ज किया गया। पहाड़ी भागों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक ठिठुरन बढ़ गई है। राज्य के सभी स्थानों पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम चल रहा है। बीते दिन रोहतांग, सोलंगनाला और पांगी में हुई बर्फबारी से जनजातीय क्षेत्रों में शीतलहर और बढ़ गई है। वहीं बिलासपुर में घना, पांवटा साहिब मध्यम व ऊना में हल्का कोहरा छाया रहा। आज राजधानी शिमला सहित अन्य भागों में धूप खिली हुई है। शिमला में न्यूनतम तापमान 1.5, सुंदरनगर 0.7, भुंतर 0.5, कल्पा -5.2, धर्मशाला 4.8, ऊना 5.8, नाहन 5.0, पालमपुर 2.0, सोलन -1.1, मनाली -1.4, कांगड़ा 2.5 , मंडी 2.1, बिलासपुर 2.5, हमीरपुर 2.8, जुब्बड़हट्टी 3.6, कुफरी -1.3, कुकुमसेरी -9.2, नारकंडा -2.9, रिकांगपिओ -2.0, सेऊबाग -0.5, बरठीं 0.9, पांवटा 9.0, सराहन 4.1, देहरागोपीपुर 7.0, ताबो -9.4, नेरी 4.2 व बजाैरा में 1.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पूरे प्रदेश में 13 जनवरी तक माैसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। बिलासपुर, ऊना, मंडी, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में 11 जनवरी तक सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कुछ स्थानों पर 7 व 8 जनवरी को शीतलहर का येलो अलर्ट है।  वहीं, रावी नदी का जलस्तर घटने से होली में दो विद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन बंद हो गया है। ऊना में धुंध का कहर बढ़ गया है। दृश्यता 5 मीटर तक सिमट गई है। वहीं जनजातीय क्षेत्र ताबो में मंगलवार को अधिकतम तापमान भी माइनस में दर्ज हुआ। ताबो में पारा माइनस 0.1 डिग्री सेल्सियस रहा। कुकुमसेरी में अधिकतम पारा 2.8, कुफरी में 4.7, नारकंडा में 5.3, कल्पा में 6.4, मनाली में 9.8, शिमला में 12.4, धर्मशाला में 17.1, ऊना में 17.0, नाहन में 16.7, सोलन में 18.5, कांगड़ा में 19.7, हमीरपुर में 18.6 और मंडी में 20.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

हरोली के बल्क ड्रग पार्क से कांगड़ा तक बनेगा कॉरिडोर…

ऊना: हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के हरोली में बन रहे बल्क ड्रग पार्क से गगरेट होते हुए कांगड़ा तक कॉरिडोर बनेगा। प्रदेश सरकार इसको लेकर संभावनाएं तलाश कर रही है। 60 किलोमीटर की दूरी में यह कॉरिडोर बनाया जाना प्रस्तावित है। इस क्षेत्र में छोटे-छोटे उद्योग स्थापित कर स्थानीय लोगों को भी रोजगार दिया जाना है। उद्योग विभाग के अधिकारियों की ओर से सरकारी स्तर पर इस मसले पर चर्चा की जा चुकी है। बल्क ड्रग पार्क में कच्चा माल तैयार होगा। इसे हिमाचल के अलावा देश-विदेश के लिए सप्लाई किया जाना है। हिमाचल सरकार ने दिसंबर, 2026 तक बल्क ड्रग पार्क में पहले चरण का काम शुरू करने का लक्ष्य रखा है। देश-विदेश की नामी फार्मा कंपनियां उद्योग लगाने को तैयार है। प्रदेश सरकार फार्मा के अलावा ग्रीन हाइड्रोजन पर ज्यादा जोर दे रही है। ऐसे में ऐसी सरकार ऐसे उद्योग लगाने को प्राथमिकता दे रही है। बल्क ड्रग पार्क की कुल अनुमानित लागत 1,923 करोड़ रुपये है। इसमें केंद्र सरकार की अनुदान राशि 1,118 करोड़ रुपये है। वहीं, 804.54 करोड़ रुपये की राशि राज्य सरकार की ओर से खर्च की जाएगी।

10वीं की छात्रा की रहस्यमयी मौत, निहरी के जंगल में मिला लापता नाबालिगा का शव, 29 दिसंबर से थी लापता…

लाइव हिमाचल/मंडी: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सुंदरनगर की छात्रा रहस्यमयी तरीके से लापता थी. एक हफ्ते से परिवार बेटी की तलाश कर रहा था. लेकिन ड्रोन के जरिए तलाशी में लड़की की लाश जंगल में मिली है. वहीं चेहरे को जानवरों ने नोच खाया है और साथ ही हाथ का आधा मांस भी गायब है. जिससे अब यह पूरा मामला संदिग्ध बना हुआ है।

छोटे भाई को स्कूल छोड़ स्कूटी पर लौट रही सातवीं की छात्रा की हादसे में मौत…

लाइव हिमाचल/सोलन : हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 साल की छात्रा सड़क हादसे का शिकार हो गई। दुर्घटना में उसकी मौत हो गई। महज 13 साल की बच्ची लंबे समय से स्कूटी चला रही थी, लेकिन उसे न तो परिजनों ने रोका और न ही आते-जाते पुलिस ने टोका या कार्रवाई की। आपको बता दें कि औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में मंगलवार सुबह हादसे में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 साल की छात्रा की मौत हो गई। छात्रा पांचवीं में पढ़ रहे छोटे भाई को स्कूल छोड़ घर लौट रही थी कि उसकी स्कूटी एक ट्राले के साथ जा टकराई। सिर पर गहरी चोट लगने से उसने मौके पर दम तोड़ दिया। वहीं हादसे के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। लेकिन यह हादसा अब कई सवाल खड़े कर रहा है।