
ऊना: हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के हरोली में बन रहे बल्क ड्रग पार्क से गगरेट होते हुए कांगड़ा तक कॉरिडोर बनेगा। प्रदेश सरकार इसको लेकर संभावनाएं तलाश कर रही है। 60 किलोमीटर की दूरी में यह कॉरिडोर बनाया जाना प्रस्तावित है। इस क्षेत्र में छोटे-छोटे उद्योग स्थापित कर स्थानीय लोगों को भी रोजगार दिया जाना है। उद्योग विभाग के अधिकारियों की ओर से सरकारी स्तर पर इस मसले पर चर्चा की जा चुकी है। बल्क ड्रग पार्क में कच्चा माल तैयार होगा। इसे हिमाचल के अलावा देश-विदेश के लिए सप्लाई किया जाना है। हिमाचल सरकार ने दिसंबर, 2026 तक बल्क ड्रग पार्क में पहले चरण का काम शुरू करने का लक्ष्य रखा है। देश-विदेश की नामी फार्मा कंपनियां उद्योग लगाने को तैयार है। प्रदेश सरकार फार्मा के अलावा ग्रीन हाइड्रोजन पर ज्यादा जोर दे रही है। ऐसे में ऐसी सरकार ऐसे उद्योग लगाने को प्राथमिकता दे रही है। बल्क ड्रग पार्क की कुल अनुमानित लागत 1,923 करोड़ रुपये है। इसमें केंद्र सरकार की अनुदान राशि 1,118 करोड़ रुपये है। वहीं, 804.54 करोड़ रुपये की राशि राज्य सरकार की ओर से खर्च की जाएगी।





