
मंडी: मंडी जिले के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में मारपीट का मामला सामने आया है. जूनियर छात्र के साथ हुई मारपीट के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन प्रशिक्षु डॉक्टरों को दोषी ठहराया है. एंटी रैगिंग कमेटी की जांच के बाद तीनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया है. जानकारी के अनुसार यह घटना 18 दिसंबर की शाम को कॉलेज छात्रावास में हुई. एमबीबीएस तृतीय वर्ष के दो प्रशिक्षु डॉक्टरों ने छात्रावास के नियमों का उल्लंघन करते हुए जबरन एक कमरे में प्रवेश किया. इस दौरान उन्होंने द्वितीय वर्ष के एक जूनियर छात्र के साथ मारपीट की. पीड़ित छात्र शिमला का रहने वाला है, जिसने अगले ही दिन इस संबंध में कॉलेज प्रशासन और स्थानीय पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई गई। अस्पताल प्रशासन द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच कमेटी का गठन किया गया। जांच में यह सामने आया कि आरोपियों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए जूनियर छात्र के कमरे में घुसकर मारपीट की गई। हालांकि, कमेटी की जांच में यह भी संकेत मिले कि घटना से पहले आपसी कहासुनी और उकसावे की स्थिति भी बनी थी, जिसे पीड़ित पक्ष ने रैगिंग का रूप देने का प्रयास किया। इस मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन द्वारा एंटी-रैगिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई जिसमें सभी साक्ष्यों और बयानों पर विचार करने के बाद कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई। जिसमें तीनों प्रशिक्षित डॉक्टरों पर निष्कासन की कार्रवाई अमल में लाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से छात्रवास से एक वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया है तथा उन पर 20-20 हजार रुपए का जुमार्ना भी लगाया गया है।





