
लाइव हिमाचल/पांगी : हिमाचल प्रदेश के दुर्गम इलाकों में सरकारी स्कूलों के हालात के बारे में इस खबर से आप समझ सकते हैं. दुर दुराज के स्कूलों में शिक्षकों के स्कूल में आना जाना मन मर्जी पर निर्भर है. ऐसा ही एक मामला हिमाचल प्रदेश के चंबा के पांगी में देखने को मिला. बुधवार को यहां पर मंत्री जगत सिंह नेगी दौरे पर थे तो एक सरकारी स्कूल के हालात देखकर हैरान रह गए. दरअसल, पांगी के थांदल सरकारी स्कूल में कड़ाके की ठंड के बीच बच्चे स्कूल खुलने का इंतजार कर रहे थे. सुबह के दस बज चुके थे. लेकिन स्कूल में लगा ताला नहीं खुल पाया तो फिर इसे तोड़कर खोला गया. राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने ताला तुड़वाकर बच्चों को भीतर बिठाया. कुछ देर बाद एक शिक्षक जरूर पहुंचा, लेकिन उसके पास चाबी नहीं थी. मंत्री ने एसडीएम पांगी को जांच कर पूरी रिपोर्ट सौंपने के आदेश दे दिए हैं. गौर रहे कि पांगी के थांदल में मिडिल स्कूल है. कैबिनेट मंत्री जगत सिंह ने कहा कि मौके पर एक ही टीचर मिला था और उसके पास गेट और रूम की चाबीं नहीं थी. उन्होंने कहा कि चार टीचर वहां अबसेंट पाए गए हैं. साढ़े दस बजे तक बच्चे बाहर थे. कैबिनेट मंत्री ने कहा कि एक्शन लिया जाएगा, ताकि एक संदेश जाए. उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि यहां पर एक टीचर आता है और दूसरा छुट्टी पर रहता है. इस दौरान मंत्री ने बच्चों से भी बातचीत की और पूछा कि वर्दी के वैसे उन्हें मिलते हैं. उधर, मंत्री ने एकलव्य विद्यालय कुकमसेरी (उदयपुर) की भी दौरा कियी. मंत्री जगत सिंह नेगी ने पाठशाला परिसर में 3 करोड़ 96 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित अत्याधुनिक छात्रावास भवन का भव्य उद्घाटन किया और फिर यहां पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं. उन्होंने बताया कि इस छात्रावास भवन में 90 विद्यार्थियों के रहने की सुविधा है. इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय परिसर में लगभग 17 करोड रुपए की लागत से निर्मित होने वाले नए शैक्षणिक भवन की आधारशिला भी रखी गई. इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में एवं लाहौल-जगत सिंह नेगी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई, विधायक लाहौल स्पीति अनुराधा राणा भी मौजूद रही।





