



शिमला: हिमाचल में मानसून ने आते ही लोगों को कभी न भूलने वाले जख्म दे दिए । प्रदेश में 20 जून को मानसून की एंट्री हुई थी।मानसून ने एंट्री के साथ ही कहर बरपाना शुरू कर दिया है। प्रदेश मेंलगातार भारी बारिश और बादलफटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। मानसून सीजन के 14 दिनों में ही 69 लोगों की जान चली गई, इसमें बिलासपुर जिले में 6 लोगों की मौत हुई है। चंबा में 7, हमीरपुर में 2, कांगड़ा में 13, किन्नौर में 3, कुल्लू में 4, लाहौल-स्पीति में 1, मंडी में 20, शिमला में 5, सिरमौर में 1, सोलन में 2 व ऊना जिले में 5 लोगों की जान चली गई है। वहीं, इस दौरान भारी बारिश के कारण आई आपदा में 110 लोग जमी हुए हैं और 37 लोग लापता चल रहे हैं. जिनकी तलाश अभी जारी है। वहीं, भारी बारिश के कारण 250 पशुओं की भी मौत हो चुकी है। हिमाचल में मानसून सीजन में ही रही भारी बारिश से होने वाला नुकसान हर रोज करोड़ों में जुड़ रहा है.। राजस्व विभाग के डिजास्टर मैनेजमेंट सेल के मुताबिक प्रदेश में 3 जुलाई तक नुकसान का आंकड़ा 495.82 करोड़ तक पहुंच गया है, जो 2 जुलाई को 407.02 करोड़ था. ऐसे में 24 घंटों में प्रदेश को 88.80 करोड़ का और नुकसान ङोलना पड़ा है। प्रदेश में जुलाई महीने में मानसून सीजन अपने पीक पर रहता है। मानसून सीजन में सबसे अधिक बारिश जुलाई में होती है, इस तरह से आने वाले दिनों में नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है। हिमाचल में 20 जून से 3 जुलाई तक बादल फटने की घटनाओं, बाढ़ आने और लैंडस्लाइड के कारण अब तक सरकारी और निजी संपत्ति को 495.82 करोड़ का नुकसान हो चुका है। इसमें जल शक्ति विभाग को सबसे अधिक 287.80 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है. प्रदेश भर में बहुत सी पेयजल योजनाएं पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गई हैं। वहीं, लैंडस्लाइड की वजह से पेयजल लाइनों टूट गई हैं, जिससे लोगों को भरी बरसात में अब पेयजल संकट की समस्या से जूझना पड़ रहा है। विभाग को 14 दिनों में 203.88 करोड़ का नुकसान ङोलना पड़ा है.। भारी बारिश सेलैंडस्लाइड होने, डंगे गिरने और पानी के तेज बहाव के साथ मलबा आने से सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं. वहीं, प्रदेश में भारी बारिश से 10 पक्के घर व 8 कच्चे घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं. इसी तरह से प्रदेश में 15 पक्के घरों और 55 कच्चे घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा 21 दुकानें, 198 गौशालाएं ध्वस्त हो गई हैं।