



लाइव हिमाचल/सोलन: हिमाचल प्रदेश के युवाओं में दिल की बीमारी के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है. प्रदेश के 30 से 50 साल के व्यक्तियों में हृदय संबंधित बीमारी का खतरा बढ़ता जा रहा है. ऐसे में इसको लेकर विश्व विख्यात हार्ट सर्जन डॉ. टीएस महंत और डॉ. हरेंद्र बाली ने चिंता जाहिर की है. उन्होंने युवाओं में बढ़ रहे हार्ट डिजीज की वजह बढ़ते नशे का चलन, अनहेल्दी खानपान और गलत लाइफस्टाइल को बताया है। शुद्ध आबोहवा, शांत वातावरण वाले हिमाचल में हृदय रोगी लगातार बढ़ रहे हैं। पहले ज्यादातर बुजुर्ग ही हार्ट अटैक और अन्य कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों से ग्रसित होते थे। लेकिन अब 20 से 40 आयु वर्ग के युवा भी इसकी जकड़ में आ रहे हैं। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (आईएचएमई) की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 14.29 फीसदी मौतों का कारण हृदय रोग है, जो राष्ट्रीय औसत 13.20 फीसदी से अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल हृदय रोग के मामले में देश में पांचवें स्थान पर है, जबकि उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के मामलों में यह दूसरे पायदान पर है। तेजी से बदलती जीवन शैली, शहरीकरण, आहार में आए बदलाव ने इस चुनौती को और बढ़ा दिया है। वैश्विक स्वास्थ्य मापदंडों के अनुसार हिमाचल में कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (सीएडी) मौत का प्रमुख कारण बन चुका है।