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Ram Janki Vivah: त्रेता युग में कैसे हुआ था भगवान श्री राम और माता जानकी का विवाह, देखना है तो उज्जैन चले आइए… मौजूद हैं प्रमाण

उज्जैन : त्रेतायुग में भगवान श्री राम और माता जानकी का विवाह कैसे हुआ था, अगर यह देखना है तो उज्जैन के श्री राम जनार्दन मंदिर में चले आइए। इस मंदिर के गर्भगृह में 300 साल पुराने भित्ति चित्रों की समृद्ध शृंखला राम-सीता विवाह का सजीव चित्रण प्रस्तुत करती है। जानकारों का मानना है कि मालव मराठा शैली में निर्मित ये चित्र 17वीं शताब्दी में मंदिर के पुनर्निर्माण के समय बनाए गए थे। काल के अंतराल में मौसम के प्रभाव व मंदिर में होने वाली नित्य नियम की पूजा आरती में उपयोग होने वाली धूप, दीये के धुएं से पुरातन कला को थोड़ा नुकसान अवश्य हुआ है।

1000 साल पहले परमार राजा भोज ने करवाया था निर्माण

  • मध्य प्रदेश की धर्मधानी उज्जैन में मंगलनाथ मंदिर मार्ग पर खाकचौक के समीप प्राचीन विष्णु सागर के तट पर श्रीराम जनार्दन मंदिर स्थित है। एक हजार साल पहले परमार राजा भोज ने इस मंदिर का निर्माण कराया था।
  • कालांतर में मंदिर भग्न हो जाने के बाद 17वीं शताब्दी में इंदौर की महारानी देवी अहिल्याबाई ने मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था। उसी समय मंदिर के गर्भगृह की दीवारों पर मालव मराठा शैली में चित्रावली बनाई गई थी।
  • डेढ़ साल पहले उज्जैन स्थित विक्रम विश्वविद्यालय के चित्रकला विभाग के शोधार्थी तिलक राजसिंह सोलंकी ने गुरु श्रीकृष्ण जोशी के निर्देशन में इन चित्रों को खोजा था। भित्ति चित्रों में भगवान श्रीराम की जन्म कुंडली से लेकर विवाह तक की प्रस्तुति मिलती है।
  • इनमें भगवान श्रीराम द्वारा जनक की राज-सभा में शिव धनुष को भंग करना, सीता स्वयंवर तथा श्रीराम जानकी के पाणिग्रहण संस्कार के भित्ति चित्र शामिल हैं। हालांकि तीन शताब्दी में मौसम के प्रभाव में अधिकांश चित्र धूमिल हो गए हैं।

वनवासी रूप में श्री राम लक्ष्मण की अद्भुत मूर्ति

विक्रम विश्वविद्यालय के पुरातत्ववेत्ता डॉ. रमण सोलंकी ने बताया कि श्री राम जनार्दन मंदिर में भगवान श्री राम, सीता व लक्ष्मणजी की वनवासी वेशभूषा में दुर्लभ मूर्ति विराजित है। इसमें भगवान श्री राम व लक्ष्मण जी की दाढ़ी-मूंछ बढ़ी हुई तथा हाथ में धनुष-बाण लिए हुए उत्तर दिशा की ओर गमन करते हुए दृष्टिगोचर होती है।

वनवास के दौरान उज्जैन आए थे राम, सीता और लक्ष्मण

किंवदंतियों के अनुसार, वनवास के दौरान भगवान श्री राम, सीता, लक्ष्मण उज्जैन आए थे। उन्होंने यहां षड् विनायक की स्थापना भी की थी। आज गोधूलि बेला में मनेगा श्री राम विवाह का उत्सव श्री राम जनार्दन मंदिर में अगहन मास की विवाह पंचमी पर युवा शक्ति सांस्कृतिक समिति द्वारा प्रतिवर्ष श्रीराम विवाहोत्सव का आयोजन किया जाता है।

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