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18 वीं लोकसभा का पहला सत्र आज से जानें यहां रोचक तथ्य…

दिल्ली : 18वीं लोकसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। आज सत्र के दौरान नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। इसके बाद, 26 जून को लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा और 27 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। भाजपा के नेता एवं सात बार के सांसद भर्तृहरि महताब को संसद के निचले सदन का अस्थाई अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) नियुक्त किए जाने के कारण सत्र के दौरान लोकसभा में हंगामा होने के आसार हैं। इसके अलावा एग्जिट पोले और NEET और UGC-NET परीक्षा को लेकर भी हंगामा संभव है।
प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब को अस्थाई अध्यक्ष बनाए जाने की विपक्ष ने कड़ी आलोचना की है और आरोप लगाया है कि सरकार ने इस पद के लिए कांग्रेस सांसद के. सुरेश के दावे की अनदेखी की। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा है कि महताब लगातार सात बार के लोकसभा सदस्य हैं, जिससे वह इस पद के लिए उपयुक्त हैं। उन्होंने कहा कि सुरेश 1998 और 2004 में चुनाव हार गए थे, जिस कारण उनका मौजूदा कार्यकाल निचले सदन में लगातार चौथा कार्यकाल है। इससे पहले, वह 1989, 1991, 1996 और 1999 में लोकसभा के लिए चुने गए थे। 18वीं लोकसभा में 240 सीटों के साथ भाजपा सबसे बड़ा दल है। जबकि 98 सीटों के साथ कांग्रेस दूसरी बड़ी पार्टी, 37 सीटों के साथ सपा तीसरी और 29 सीटों वाली तृणमूल कांग्रेस चौथी बड़ी पार्टी है। 18वीं लोकसभा में इस बार 281 सांसद (52 फीसदी) ऐसे हैं, जो पहली बार चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं। 17वीं लोकसभा में यह संख्या 267 थी, लेकिन 2014 में 16वीं लोकसभा के लिए रिकॉर्ड 314 सांसद पहली बार जीतकर सदन पहुंचे थे। दो सांसद आठवीं बार सदन पहुंचे। 18वीं लोकसभा में दो टर्म वाले 114, तीन टर्म वाले 74, चार टर्म वाले 35, पांच टर्म वाले 19, छह टर्म वाले 10, सात टर्म वाले सात एवं आठ टर्म वाले दो सांसद चुनकर आए हैं।
18वीं लोकसभा में कम उम्र के सांसदों की संख्या बढ़ी है। पिछली बार लोकसभा की औसत आयु 59 साल रही थी जो इस बार थोड़ी घटकर 56 साल हो गई है। जाहिर है कि ज्यादातर दलों ने कम उम्र के उम्मीदवारों को मैदान में उतारा। यदि 18वीं लोकसभा के सांसदों के उम्र को देखें तो सबसे ज्यादा 166 सांसद 50-60 आयु वर्ग के हैं। जबकि 60-70 आयु वर्ग में 161, 40-50 में 110, 70-80 वर्ग में 52, 30-40 आयु वर्ग में 45, 20-30 में सात तथा 80+ में एक सांसद हैं। 64 फीसदी यानी 346 सांसद राष्ट्रीय दलों से चुनाव जीतकर आए हैं। राज्य स्तर के दलों के 179 सांसद चुनकर आए हैं 11 सांसद गैर मान्यता प्राप्त दलों के हैं तथा सात निर्दलीय हैं।
18 वीं लोकसभा में 78 फीसदी नवनिर्वाचित सांसदों ने अंडरग्रेजुएट शिक्षा पूरी की है। जबकि 22 फीसदी सांसद ऐसे हैं, जिन्होंने कॉलेज की पढ़ाई नहीं की। पिछली लोकसभा में ऐसे सांसदों की संख्या 27 फीसदी थी। यानी कॉलेज में पढ़े सांसदों की संख्या इस बार बढ़ी है। जहां तक पेशे का सवाल है 48 फीसदी सांसद सामाजिक कार्यकर्ता, 37 फीसदी कृषि, 32 फीसदी कारोबार और व्यवसाय, सात फीसदी कानूनविद और जज, चार फीसदी मेडिकल व पैरामेडिकल, तीन फीसदी कलर एवं मनोरंजन तथा दो फीसदी सेवानिवृत्त सरकारी कार्मिक हैं।

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