
नेशनल डेस्क: स्मार्टफोन खरीदना अब आम लोगों के लिए महंगा होता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय तनाव और चिप की कमी का सीधा असर मोबाइल की कीमतों पर दिख रहा है। हालात ऐसे हैं कि 10 हजार रुपये का फोन अब 16 हजार तक पहुंच गया है। अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने न केवल आम ग्राहकों की जेब पर बोझ डाला है, बल्कि बाजार की रौनक भी छीन ली है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, एक जनवरी से चिप की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके चलते टेक कंपनियों ने अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ा दी हैं। आलम यह है कि जो स्मार्टफोन पहले 10 हजार रुपये में उपलब्ध था, उसकी कीमत अब 14 हजार रुपये तक पहुंच गई है। वर्तमान में दुकानों में 12 हजार रुपये से कम श्रेणी के फोन मिलना भी मुश्किल हो गया है। प्रीमियम मॉडल्स में यह बढ़ोतरी और भी अधिक है। व्यापारियों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले चिप कार्ड मुख्य रूप से विदेशों से आयात किए जाते हैं। वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध की स्थितियां और सप्लाई चेन में आई बाधाओं को इस महंगाई का मुख्य कारण माना जा रहा है। बजट फोन अब आम आदमी की पहुंच से बाहर हो रहा है। बजट बिगड़ने के कारण लोग नया फोन खरीदने के बजाय पुराने फोन से ही काम चलाने को मजबूर हो रहे हैं। यदि चिप की कीमतों में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं। कोतवाली बाजार स्थित मोबाइल स्टोर के संचालक विनोद ने बताया कि कीमतों में उछाल का सीधा असर दुकानों की बिक्री पर दिख रहा है। वीरवार को करीब 15 ग्राहक मोबाइल देखने आए, लेकिन नई कीमतें सुनकर बिना खरीदारी के ही वापस लौट गए। जमानाबाद रोड (कांगड़ा) के सेल्समैन रिशू का कहना है कि कीमतों में किस्तों में बढ़ोतरी हो रही है। इससे मोबाइल सेगमेंट का पूरा कारोबार सुस्त पड़ गया है।





