



धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के कृषि व पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा है कि शिक्षा ऐसा धन है, जिसको जितना ग्रहण करें उतनी कम ही होती है. ये बात उन्होंने आज मंगलवार को ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरमाड़ के वार्षिक पारितोषिक (Reward) वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए कही.
उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा जीवन का सबसे बड़ा आधार है. कोई भी समाज बिना शिक्षा के अधूरा है. उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे संघर्ष, परिश्रम एवं अनुशासन को अपना साथी बनाएं. कृषि मंत्री ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की पहचान उसमें शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों द्वारा अर्जित उपलब्धियों व अनुशासन की उच्च परम्पराओं से बनती है. प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षण संस्थानों में बच्चों को गुणात्मक और संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने पर विशेष बल दे रही है. शिक्षण संस्थानों में शिक्षा के मूलभूत ढ़ांचे को मजबूत बनाने के साथ रिक्त पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की गई है. ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो. उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के लिए सबसे बड़े प्रेरक होते हैं.
शिक्षक बच्चों को ऐसी शिक्षा प्रदान करें ताकि वे अपनी कामयाबी के झंडे बुलंद कर सकें. उन्होंने अभिभावकों से बच्चों से स्कूल की प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट लेने का आग्रह किया. इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया. कृषि मंत्री ने इस अवसर पर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए.