शिमला: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 से 9 मई तक शिमला आ रही हैं। वह मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास दी रिट्रीट में रुकेंगी। यह जानकारी जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में दी। उन्होंने राष्ट्रपति प्रवास के लिए बेहतर ढंग से तैयारियों के निर्देश अधिकारियों को दिए। लोक निर्माण विभाग को कल्याणी हेलीपैड से दी रिट्रीट तक सड़क को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बिजली के तारों का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने नगर निगम शिमला को दी रिट्रीट और आसपास के क्षेत्र में साफ- सफाई रखने के निर्देश दिए। वहीं, अग्निशमन विभाग को दी रिट्रीट और अन्य स्थानों का फायर ऑडिट करने को कहा है।
Day: April 30, 2025
राष्ट्रपति के प्रस्तावित शिमला दौरे को लेकर बैठक हुई आयोजित
शिमला: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 से 9 मई, 2025 तक शिमला आ रही हैं और इस प्रस्तावित दौरे के दौरान वह शिमला स्थित राष्ट्रपति निवास दी रिट्रीट में रुकेंगी। यह जानकारी आज यहाँ जिला दंडाधिकारी शिमला अनुपम कश्यप ने राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को सभी तैयारियां समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का शिमला प्रवास जिला प्रशासन के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण गतिविधि है, जिसके बेहतर आयोजन के लिए सभी विभाग अभी से समन्वय स्थापित कर कार्य करें ताकि व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। जिला दण्डाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को कल्याणी हेलीपैड से दी रिट्रीट तक तथा जहाँ से राष्ट्रपति का काफिला गुजरेगा उन मार्गों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने इन मार्गों पर बिजली की तारों का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम शिमला को दी रिट्रीट और आसपास के क्षेत्र में व्यापक साफ़ – सफाई रखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने एसजेपीएनएल को दी रिट्रीट के लिए पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। अनुपम कश्यप ने अग्निशमन विभाग को दी रिट्रीट और अन्य स्थानों का फायर ऑडिट करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को भी अपने पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे के दौरान शहर के ढली, संजौली व अन्य क्षेत्रों में सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर शिमला में यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस जवानों की विभिन्न स्थानों पर तैनाती की जाएगी। इसके अतिरिक्त शिमला के विभिन्न स्थानों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी। जिला दंडाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति दौरे को लेकर तैयारियों में किसी प्रकार की कठिनाई आने पर सम्बंधित अधिकारी एडीएम (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा से सीधे सम्पर्क कर सकते है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा ने बैठक का संचालन किया और क्रमवार मदों को प्रस्तुत किया। इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक वर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकॉल) ज्योति राणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिमला नवदीप सिंह एवं रतन नेगी, उपमण्डल दण्डाधिकारी शिमला ग्रामीण मंजीत सिंह, उपमण्डल दण्डाधिकारी शिमला शहरी ओशिन शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
देशविरोधियों पर मोदी सरकार का प्रहार, कांग्रेस नेताओं की पाकिस्तानपरस्ती उजागर: डॉ. राजीव बिंदल
शिमला : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण देशविरोधी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो कड़े निर्णय लिए हैं, वह पूरे देश की भावनाओं के अनुरूप हैं और आम जनमानस ने उनका जोरदार स्वागत किया है। सिंधु जल समझौते की समीक्षा हो, पाकिस्तान से हर प्रकार के संबंधों को समाप्त करने का निर्णय हो, या फिर भारत में अवैध रूप से रह रहे पाक नागरिकों को वापस भेजने की कार्यवाही हर कदम राष्ट्रहित में है। लेकिन कांग्रेस नेताओं को इस पर पेट में मरोड़ उठ रही है। डॉ. बिंदल ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि जब से देश में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को बाहर का रास्ता दिखाने की बात चली है, कांग्रेस नेताओं की हालत वैसी हो गई है जैसे उनके घर का कोई सदस्य पाकिस्तान भेजा जा रहा हो। यह वही कांग्रेस है जो हमेशा पाकिस्तान की भाषा बोलती रही है। जब भारत के वीर जवान शहीद होते हैं, तब इनके मुंह से एक शब्द नहीं निकलता, लेकिन जब पाकिस्तान पर सख्ती होती है, तब इन्हें मानवता की दुहाई याद आती है। उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के लोगों को पानी मिले या न मिले, इसकी कांग्रेस को कोई चिंता नहीं। लेकिन जैसे ही पाकिस्तान को जाने वाले पानी पर रोक की बात होती है, इन्हें बेचैनी घेर लेती है। देश के नागरिकों की निर्मम हत्याएं इन्हें अमानवीय नहीं लगतीं, लेकिन पाकिस्तान के साथ जल संधि तोड़ना इन्हें अमानवीय लगता है। ऐसी सोच सिर्फ कांग्रेस के नेताओं की हो सकती है। जो सत्ता के लिए देश की सुरक्षा से समझौता करने को तैयार हैं। हिमाचल प्रदेश को लेकर डॉ. बिंदल ने गंभीर चिंता जताई और कहा कि यहां भी अनेक अवैध पाकिस्तानी, बांग्लादेशी घुसपैठिए और रोहिंग्या छद्म पहचान के साथ रह रहे हैं। यह देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि इस दिशा में त्वरित और कठोर कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को पूरे हिमाचल में अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर इन सभी घुसपैठियों को तत्काल बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। डॉ. बिंदल ने दो टूक कहा कि देशद्रोहियों के लिए भारत में कोई जगह नहीं है और पाकिस्तानपरस्त मानसिकता को अब बेनकाब करना होगा। भाजपा राष्ट्र की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होने देगी।
हिमाचल विद्युत बोर्ड ने लहराया परचम, कबड्डी प्रतियोगिता में पुरुष और महिला दोनों खिताब जीते…
शिमला : ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने आज कुसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भट्टाकुफर में हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 46वीं ऑल इंडिया पुरुष एवं महिला कबड्डी प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कबड्डी प्रतियोगिता के पुरुष वर्ग में हिमाचल विद्युत बोर्ड ने महाराष्ट्र बिस्कॉम को 33-16 से हराकर विजय हासिल की तथा तृतीय स्थान पर हरियाणा पावर कॉरपोरेशन रहा जबकि महिला वर्ग में भी हिमाचल ने महाराष्ट्र बिस्कॉम को 30–17 से हराकर विजय हासिल की तथा तृतीय स्थान पर महाराष्ट्र ट्रांसमिशन रहा। मुख्यातिथि ने विजेता टीमों तथा बेस्ट रेडर, बेस्ट कैचर और बेस्ट ऑलराउंडर को पारितोषिक देकर सम्मानित भी किया। इस अवसर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कबड्डी प्रतियोगिता की विजेता टीमों को बधाई देते हुए कहा कि हार-जीत जीवन के दो पहलू हैं। हारने वाले खिलाड़ी निराश न हो, कड़ी मेहनत करें और आगामी वर्ष में होने वाली कबड्डी प्रतियोगिता में विजेता बनने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार खेल गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और शिक्षा में गुणवत्ता लाने के साथ-साथ खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में भी बच्चों को नशा से दूर रखने के लिए खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की ओर प्रेरित किया जा रहा है ताकि बच्चे स्वस्थ रहने के साथ-साथ गुणवत्ता युक्त शिक्षा ग्रहण कर अपना उज्ज्वल भविष्य बना सके। उन्होंने कहा कि कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। उन्होंने स्थानीय पंचायत प्रधान द्वारा रखी गई सभी मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने का आश्वासन भी दिया।
विद्युत स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की स्मारिका का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री ने विद्युत स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड द्वारा बिजली बोर्ड के कार्य एवं स्पोर्ट्स पर तैयार की गई स्मारिका का विमोचन भी किया।
बोर्ड द्वारा पहली बार आरंभ की गई महिलाओं की कबड्डी प्रतियोगिता
बिजली बोर्ड के अतिरिक्त निदेशक (पीआरओ) अनुराग पराशर ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए जानकारी दी कि इस 46वीं ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड कबड्डी प्रतियोगिता में हिमाचल सहित बाहरी राज्यों की 14 पुरुष टीमों तथा 4 महिला कबड्डी टीमों ने भाग लिया जिसमें 200 से अधिक खिलाड़ी शामिल रहे। उन्होंने बताया कि लोगों की रुचि के मद्देनजर इस बार बोर्ड द्वारा महिलाओं की कबड्डी प्रतियोगिता भी पहली बार आरंभ की गई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के 15 से अधिक बेहतरीन खिलाड़ियों ने कबड्डी एवं अन्य खेलों में अच्छा प्रदर्शन कर हिमाचल का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इन ढाई साल के दौरान स्पॉट्स कोटे के तहत विभिन्न विभागों में 77 खिलाड़ियों तथा बिजली बोर्ड में 29 खिलाड़ियों को नौकरी दी है और यह प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया स्तर की इस प्रतियोगिता में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के अतिरिक्त प्रो-कबड्डी के खिलाड़ी भी पहुंचे हैं और खेल प्रेमियों का भरपूर मनोरंजन किया है। इस अवसर पर बीडीसी मशोबरा की अध्यक्षा चंद्रकांता, स्थानीय पार्षद नरेंद्र ठाकुर, विनय शर्मा एवं विशाखा मोदी, पंचायत प्रधान रीता चौहान, उप प्रधान यशपाल वर्मा, कुसुम्पटी मंडल कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष राम किशन, पूर्व प्रधान केडी वर्मा, बीडीओ मशोबरा अंकित शर्मा, स्पोर्ट्स बोर्ड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंकज डढवाल, तकनीकी निदेशक बिजली बोर्ड एमजी शर्मा, मुख्य अभियंता राकेश ठाकुर, ऑर्गेनाइजर मदन वर्मा, स्कूल प्रधानाचार्य के.आर. चौहान, नीरव भंडारी, एपीएमसी सदस्य भूपेंद्र कंवर, बलवंत ठाकुर, सुरेंद्र ठाकुर, रतन ठाकुर सहित आसपास की पंचायतों के प्रधान एवं उप प्रधान तथा अन्य पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
एचपीटीडीसी ने पहली बार रिकॉर्ड 100 करोड़ रुपये से अधिक का “टर्नओवर” हासिल कियाः मुख्यमंत्री
. स्थानीय पर्यटन मार्गों में हॉपऑन और हॉपऑफ लग्जरी बसें संचालित करने के दिए निर्देश।
शिमला: वर्तमान प्रदेश सरकार के ठोस प्रयासों के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) ने पहली बार 100 करोड़ रुपये से अधिक का ऐतिहासिक “टर्नओवर” हासिल कर मील पत्थर स्थापित किया है। यह बात मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां एचपीटीडीसी और पर्यटन विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान निगम के 78 करोड़ रुपये के वार्षिक लाभ की तुलना में वर्तमान प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक आपदा जैसी चुनौतियों का सामना करने के बावजूद 107 करोड़ रुपये का “टर्नओवर” हासिल किया है। उन्होंने कहा कि निगम के होटलों और रेस्तरां के प्रभावी प्रबंधन, नियमित रख-रखाव और परिसंपतियों के सर्वोत्तम उपयोग के परिणामस्वरूप यह उपलब्धि हासिल हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एचपीटीडीसी द्वारा अर्जित लाभ के फलस्वरूप निगम पिछले अढ़ाई वर्ष के दौरान पेंशनभोगियों को 41 करोड़ रुपये जारी किए हैं जबकि पूर्व भाजपा सरकार ने पांच वर्षों के दौरान केवल 26 करोड़ रुपये वितरित किए थे। उन्होंने अधिकारियों को निगम द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं में और अधिक सुधार लाने तथा उपयोग में नहीं लाई जा रही निगम की संपतियों को संचालन व मुरम्मत आधार पर निजी क्षेत्र में लीज पर देने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने एचपीटीडीसी और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के मध्य एचपीटीडीसी के होटलों में राशन तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए हस्ताक्षरित हुए समझौता ज्ञापन की सराहना की। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पर्यटन विभाग की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की समीक्षा की और इन परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि राज्य में आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सके और इससे राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी। प्रदेश सरकार राज्य में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए 2415 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है जिससे बेहतर पर्यटन अधोसंरचना, वे-साइड एमीनिटिज और अन्य साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने पर्यटन विभाग को स्थानीय लोगों को फूड वेन उपलब्ध करवाने और राज्य में स्थानीय पर्यटन मार्गों पर हॉपऑन, हॉपऑफ लग्जरी बस सेवा शुरू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विभाग को मंडी जिला में शिवधाम के निर्माण कार्य तथा पर्यटकों की सुविधा के लिए रेणुका झील क्षेत्र के सौन्दर्यीकरण के कार्य को शीघ्र पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को राज्य के विभिन्न पर्यटन क्षेत्रों के लिए हवाई संपर्क सुविधा के लिए हेलीपोर्ट का शीघ्र संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कांगड़ा, शिमला और भुंतर हवाई अड्डों की विस्तार परियोजनाओं की भी समीक्षा की ताकि राज्य में पर्यटकों को बेहतर हवाई परिवहन सुविधा उपलब्ध हो। एचपीटीडीसी के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली, विधायक सुरेश कुमार, प्रधान सचिव देेवेश कुमार, निदेशक पर्यटन विवेक भाटिया, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद थे।
मेले, उत्सव व त्यौहार हमारी प्राचीन संस्कृति की पहचान : डॉ. शांडिल
. सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए दिए 05 लाख रुपए
सोलन: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि मेले, उत्सव व त्यौहार हमारी समृद्ध संस्कृति के परिचायक है। डॉ. शांडिल आज सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत देलगी में श्री मंगला माता मेले में उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने इससे पूर्व श्री मंगला माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि व स्वास्थ्य की कामना की।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मेले, उत्सव व त्यौहार हमारी प्राचीन व समृद्ध संस्कृति की पहचान है। मेलों से जहां लोगों में आपसी मेल-जोल बढ़ता है वहीं युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से रू-ब-रू होना का अवसर भी प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि मेले व उत्सवों से व्यापारिक गतिविधियां भी बढ़ती जिससे क्षेत्र की आर्थिकी सुदृढ़ होती है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट के इस युग में लोगों के बीच भाईचारे बढ़ाने के लिए मेले व त्यौहारों की महत्वता और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और किसी भी समाज के विकास में लोगों की एकजुटता महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यो को समयबद्ध पूर्ण करने के लिए प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित बनाए ताकि विकास की गति को तेज किया जा सके। डॉ. शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं कार्यान्वित की गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास के लिए सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कृषि सवंर्धन योजना, हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण संवर्धन परियोजना, मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना जैसी योजनाएं आरम्भ की गई है ताकि किसानों की आर्थिकी और सुदृढ़ हो सके। उन्होंने श्री मंगला माता मंदिर मैदान के समीप सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 05 लाख रुपए देने की घोषणा की। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर लोगों की समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत देलगी की प्रधान प्रोमिला शर्मा, ग्राम पंचायत देलगी के उप प्रधान सीता राम, बीडीसी सदस्य सुषमा, कृषि उपज विपणन समिति सोलन के अध्यक्ष रोशन ठाकुर, सेवानिवृत्त कर्नल संजय शांडिल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजीव ठाकुर, देवेन्द्र शर्मा, श्री मंगला माता मंदिर समिति के प्रधान रमेश कुमार, मेला समिति के प्रधान नरेश ठाकुर, एस.डी.पी.ओ. परवाणू मेहर पंवार, उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट गोपाल चंद शर्मा, तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह बनियाल, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा ग्रामीण मौजूद थे।
स्थानीय पर्यटन सर्किटों पर हॉप ऑन, हॉप ऑफ लक्जरी बस सेवाएं शुरू होंगी, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश…
लाइव हिमाचल/शिमला: हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) ने पहली बार 100 करोड़ रुपये से अधिक का ऐतिहासिक लाभ दर्ज किया है, जो वर्तमान राज्य सरकार की ओर से किए गए ईमानदार प्रयासों का परिणाम है। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को एचपीटीडीसी और पर्यटन विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम ने राज्य में प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के बावजूद पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल के 78 करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार को वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में 107 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है। यह उपलब्धि प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटलों और रेस्तरां के प्रभावी प्रबंधन, नियमित रखरखाव और संपत्तियों के इष्टतम उपयोग के कारण हासिल हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम की ओर से अर्जित लाभ के कारण निगम पिछले ढाई वर्षों के दौरान पेंशनरों को 41 करोड़ रुपये का लाभ देने में सक्षम हुआ है, जबकि पिछली भाजपा सरकार ने अपने पांच वर्षों के दौरान केवल 26 करोड़ रुपये ही वितरित किए थे। उन्होंने अधिकारियों को पर्यटन विकास निगम की संपत्तियों में सेवा में और सुधार लाने तथा निजी कंपनियों को संचालन एवं रखरखाव के आधार पर पर्यटन विकास निगम की खाली संपत्तियों को पट्टे पर देने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के बीच राशन, किराने का सामान और अन्य आवश्यक वस्तुओं सहित पर्यटन विकास निगम के होटलों को सामग्री की आपूर्ति के लिए खरीद समझौते की भी सराहना की। सीएम सुक्खू ने पर्यटन विभाग की विभिन्न विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की तथा राज्य को अधिकतम राजस्व प्राप्त करने तथा राज्य में आने वाले पर्यटकों के लिए बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए इन परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे, सड़क किनारे सुविधाओं के विकास तथा अन्य साहसिक खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 2415 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। उन्होंने पर्यटन विभाग को स्थानीय लोगों को भोजन वैन उपलब्ध कराने तथा राज्य में स्थानीय पर्यटन मार्गों पर हॉप-ऑन, हॉप-ऑफ लक्जरी बस यात्राएं शुरू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विभाग को मंडी जिले में शिवधाम का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने तथा रेणुका झील क्षेत्र में सौंदर्यीकरण कार्य करने को कहा ताकि पर्यटकों के लिए यह और भी आकर्षक बन सके। उन्होंने अधिकारियों को राज्य के विभिन्न हिल स्टेशनों से हवाई संपर्क में सुधार के लिए हेलीपोर्ट के शीघ्र संचालन के निर्देश भी दिए। सुक्खू ने राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पर्यटकों को बेहतर हवाई संपर्क प्रदान करने के लिए कांगड़ा, शिमला और भुंतर हवाई अड्डों के विस्तार परियोजनाओं की भी समीक्षा की। बैठक में एचपीटीडीसी के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली, विधायक सुरेश कुमार, प्रधान सचिव देवेश कुमार, निदेशक पर्यटन विवेक भाटिया, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
पहलगाम आतंकी हमला: पूर्व CM ने मांगा कांग्रेस के 2 मंत्रियों का इस्तीफा तो सुक्खू बोले-गमगीन माहौल में तो जयराम डांस कर रहे थे…
लाइव हिमाचल/शिमला : पहलगाम आतंकी हमला को लेकर हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार और भारतीय जनता पार्टी में वर्डवॉर छिड़ गया है. पूर्व सीएम जयराम ठाकुर और सीएम सुक्खू में वार और पलटवार का दौर शुरु हुआ है. जयराम ठाकुर के प्रेस कॉन्फ्रेस में बयान के बाद अब सीएम सुक्खू ने उन पर पलटवार किया है और कहा कि जब देश गम में डूबा हुआ था तो जयराम ठाकुर डांस कर रहे थे. दरअसल, पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार के मंत्रियों के पहलगाम हमले को लेकर दिए गए बयानों पर बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान जयराम ठाकुर ने मंत्री जगत सिंह नेगी और चंद्र कुमार का इस्तीफा मांग लिया. भाजपा नेता जयराम ठाकुर ने कहा कि सीएम अपने मंत्रियों की जुबान पर लगाम लगाएं और चंद्र कुमार और जगत नेगी को मंत्रिमंडल से हटाया जाए. जयराम बोले कि राहुल गांधी को देश गंभीरता से नहीं लेता है और हमले के बाद राहुल गांधी ने अच्छा संदेश दिया था। वहीं, इन आरोपों की बौछार के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पलटवार करते हुए जय राम ठाकुर को जमकर घेरा. उन्होंने कहा कि जिस दिन राष्ट्रभक्ति की बात आई, उस दिन जय राम ठाकुर मंच पर नाच रहे थे. पूरा देश पहलगाम हमले के बाद शोक में डूबा था और नेता प्रतिपक्ष जश्न मना रहे थे. जो नेता खुद देश के बलिदानियों की भावनाओं को नहीं समझते, वो दूसरों पर उंगली उठा रहे हैं. कांग्रेस पार्टी ने इस देश की एकता और अखंडता के लिए असंख्य बलिदान दिए हैं। सीएम ने यह भी कहा कि जय राम ठाकुर को आने वाले वक्त में प्रदेश की आर्थिक स्थिति को बिगाड़ने वाले नेता के रूप में याद किया जाएगा. उन्होंने अपने कार्यकाल में प्रदेश के संसाधनों को लुटाया और हम आज उन नुकसानों की भरपाई करने में जुटे हैं. भाजपा हाथी के दांतों जैसी पार्टी है दिखाने के कुछ और, और असलियत में कुछ और. मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह वक्त राजनीतिक मतभेदों का नहीं, बल्कि एकजुटता का है. आतंकवाद के खिलाफ जो भी कदम केंद्र सरकार उठाएगी, कांग्रेस पार्टी उसका पूरा समर्थन करेगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी स्पष्ट कर चुके हैं कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो भी निर्णय लेंगे, कांग्रेस उसके साथ खड़ी होगी. राहुल गांधी, हिमाचल सरकार और पूरी पार्टी चट्टान की तरह देश के साथ है. आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं, पूरे देश की है।
नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी बोर्ड में बड़ा बदलाव, पूर्व RAW चीफ आलोक जोशी होंगे चेयरमैन…
Pahalgam Terror Attack: 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पूरे मामले में सक्रिय भूमिका निभाई है। बुधवार को उन्होंने चार अहम बैठकों में हिस्सा लिया, जिनमें CCS (केंद्रीय सुरक्षा समिति), CCPA (केंद्रीय कैबिनेट सुरक्षा समिति), CCEA (केंद्रीय कैबिनेट आर्थिक मामलों की समिति) और कैबिनेट मीटिंग की अध्यक्षता की। इसके साथ ही इस हमले ने दोनों देशों के रिश्तों में एक नया मोड़ ला दिया है और इसके बाद भारतीय सरकार ने अपनी सुरक्षा नीति में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। पूर्व रॉ प्रमुख आलोक जोशी को इसका अध्यक्ष चुना गया है. उनके साथ बोर्ड में कुल 7 सदस्य होंगे. बोर्ड में तीनों सेनाओं के रिटायर्ड अधिकारियों को शामिल किया गया है। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड में बदलाव करते हुए पूर्व रॉ प्रमुख आलोक जोशी को बोर्ड की कमान सौंपी है. पूर्व पश्चिमी एयर कमांडर एयर मार्शल पीएम सिन्हा, पूर्व दक्षिणी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह और रियर एडमिरल मॉन्टी खन्ना सैन्य सेवाओं से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं. ये भी बोर्ड का हिस्सा होंगे. राजीव रंजन वर्मा और मनमोहन सिंह भारतीय पुलिस सेवा से रिटायर हो चुके हैं. बी वेंकटेश वर्मा सात सदस्यीय बोर्ड में सेवानिवृत्त विदेश सेवा अधिकारी हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीसीएस की बैठक में लिया हिस्सा
पीएम मोदी ने बुधवार को चार बड़ी बैठकों में हिस्सा लिया. उन्होंने सीसीएस, सीसीपीए, सीसीईए और कैबिनेट मीटिंग की अध्यक्षता की. प्रधानमंत्री मोदी पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अभी तक कई सख्त फैसले ले चुके हैं. इसकी वजह से पाकिस्तान खौफ में है. पाकिस्तान ने हाल ही में रूस, अमेरिका और तुर्किए से बात की. उसने यूएन को बताया कि भारत का आरोप बेबुनियाद है. पाकिस्तान भारत के साथ तनाव की स्थिति के बावजूद भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. वह लगातार एलओसी पर सीजफायर तोड़ रहा है. पाकिस्तान की ओर से बारमुला समेत कई जगहों पर फायरिंग की गई. भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दिया. पाकिस्तान ने बुधवार को भी सीजफायर का उल्लंघन किया।
प्रदेश में अब नहीं मिलेगी बिजली सब्सिडी? क्या बंद हो गई 125 यूनिट मुफ्त योजना, जानिए पूरी ख़बर ?
शिमला : हिमाचल प्रदेश में बिजली की दरें रिवाइज हो गई हैं. अमीर परिवारों को 125 बिजली यूनिट्स पर सब्सिडी खत्म करने के बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है और ऐसे में 125 यूनिट्स मुफ्त बिजली योजना को जारी रखा गया है. अहम बात है कि सरकार ने 300 यूनिट्स से ऊपर बिजली खपत पर सब्सिडी खत्म कर दी है. दरअसल, सुक्खू सरकार ने प्रदेश के 22 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को सब्सिडी के तहत बिजली देने के लिए नया टैरिफ जारी किया है. साल 2025-26 के लिए ये टैरिफ जारी किया गया है.नए टैरिफ के अनुसार, जो भी उपभोक्ता 300 यूनिट्स से अधिक बिजली खपत करेगा. उसे सब्सिडी नहीं मिलेगी. हिमाचल प्रदेश में 0 से 60 यूनिट्स की खपत पर कोई बिल नहीं आता है. इसके लिए प्रति यूनिट 4.74 रुपये रेट है, लेकिन इस पर सरकार 100 फीसदी सब्सिडी देती है. इसी तरह, 125 यूनिट तक भी कोई बिल नहीं आएगा. इसका रेट 5.25 रुपये है और इस पर 100 फीसदी सब्सिडी मिलती रहेगी. 126 से 300 यूनिट तक 5.90 रुपये प्रति यूनिट टैरिफ है, लेकिन सरकार इस पर 1.73 रुपये सब्सिडी देती है और आपको इस रेंज में 4.17 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल देना होगा. हालांकि, सरकार ने 300 यूनिट से अधिक की खपत पर सब्सिडी खत्म कर दी है. इन्हें अब 5.90 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खर्चा करना होगा. अहम बात है कि सरकार ने कॉमर्शियल कनेक्शन के लिए टैरिफ लिस्ट जारी नहीं की है. गौरतलब है कि 125 मुफ्त बिजली को छोड़ने के लिए भी सीएम सुक्खू सहित प्रदेश के मंत्रियों ने ऐलान किया था और ऐसे में अब तक 16,822 उपभोक्ता बिजली सब्सिडी छोड़ चुके हैं. सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने साधन संपन्न लोगों से बिजली सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी. हालांकि, 125 मुफ्त बिजली योजना को भी सरकार बंद नहीं कर पाई है. क्योंकि इस मुद्दे पर सरकार को लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।