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वैश्विक संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने का आह्वान किया: ‘पेट्रोल और डीजल का संयम से उपयोग करें’

PM Modi Appeal on Petrol-Diesel Price News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई संकट को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ दी है. पीएम मोदी ने देश की जनता से अपील की है कि वह पेट्रोल और डीजल के इस्तेमाल को कम करें. जानिए पीएम मोदी की इस अपील के क्या मायने हैं. क्या देश में अब पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने वाली हैं? पीएम मोदी ने कहा, ”देश को अब कई संकल्प लेने होंगे. उनमें एक बड़ा संकल्प है पेट्रोल डीजल का संयम से इस्तेमाल करना. साथियों हमें पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करना होगा. शहरों में जहां मेट्रो है, वहां हम तय करें कि हम मेट्रो का ही उपयोग करेंगे. ज्यादा से ज्यादा मेट्रो में ही जाएंगे. अगर कार में ही जाना जरूरी है तो फिर कारपूलिंग करने का प्रयास करें और भी लोगों को साथ बिठा लें. अगर हमें कहीं सामान भेजना हो तो कोशिश करनी है कि वह ज्यादा से ज्यादा रेलवे गुड्स की जो ट्रेन होती हैं, उनसे जाए।

पीएम मोदी ने आगे कहा, ”जिन लोगों के पास इलेक्ट्रिक व्हीकल है, वह भी कोशिश करें कि इलेक्ट्रिक व्हीकल का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें. वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन कॉन्फ्रेंसेस और वर्चुअल मीटिंग्स इनको हमें फिर से प्राथमिकता देनी है. साथियों आज जो संकट है, उसमें हमें विदेशी मुद्रा बचाने पर भी बहुत जोर देना होगा, क्योंकि दुनिया में पेट्रोल डीजल बहुत ज्यादा महंगा हो गया है. पहले से कई गुना ज्यादा कीमतें बढ़ गई हैं.”

पीएम ने कहा, ”हम सबका दायित्व है कि पेट्रोल-डीजल की खरीद पर जो विदेशी मुद्रा खर्च होती है, पेट्रोल डीजल बचाकर हमें वह मुद्रा भी बचानी है. इसके लिए हमारे छोटे-छोटे प्रयास भी देश की बहुत मदद कर सकते हैं. हमारी देशभक्ति हमें ललकार रही है. विदेशी मुद्रा बचाने के जो भी रास्ते हम लोग अपना सकते हैं, हमें बचाना होगा.”

पीएम मोदी की अपील के क्या मायने हैं?

दरअसल पीएम मोदी की अपील की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में आया भारी उछाल है. कुछ वक्त पहले तक जो कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, वह अब 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका है. इस वजह से भारत की सरकारी तेल कंपनियों को हर महीने करीब 30 हजार करोड़ रुपए का घाटा हो रहा है. कई देश इस संकट की वजह से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा चुके हैं। होर्मुज संकट की वजह से  क्रूड ऑयल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है, जिसकी वजह से क्रूड ऑयल के दाम आसमान छू रहे हैं. इसका खामियाजा देश की सरकारी तेल कंपनियों को भुगतना पड़ा रहा है. कंपनियां अभी पेट्रोल पर करीब 24 रुपए और डीजल पर करीब 30 रुपए प्रति लीटर का बोझ खुद उठा रही हैं. सूत्रों का मानना है कि आने वाले दिनों में सरकार को पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने ही होंगे, ताकि नुकसान की भरपाई की जा सके।

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