शिमला: हिमाचल प्रदेश में टोल बैरियर को लेकर सुक्खू सरकार अब यू टर्न लेने जा रही है. शिमला में विधानसभा सत्र के दौरान एंट्री फीस विवाद को लेकर सीएम सुक्खू ने बड़ा ऐलान किया है. सीएम ने सदन में कहा कि पहले की तरह स्थिति बहाल होगी और पहले जितना टैक्स लगता था, अब उतना ही लगेगा. सीएम सुक्खू ने पंजाब के कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग से फोन पर बात की और कहा कि पहले जितना पैसा देना होता था, उतना ही अब चुकाना होगा यानी सरकार ने रोल बैक कर लिया है. एंट्री फीस पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में कहा कि हमारी सरकार ने सब तरह की फीस मिलाकर टोल टैक्स को फास्टटैग से जोड़ा था. हालांकि, अब अब पहले की तरह अलग-अलग फीस ली जाएगी और थोड़ी देर में इस बारे में फैसला होने जा रहा है.टोल टैक्स और एंट्री फीस पर भ्रम और अंसोतष फैलाया जा रहा है. हिमाचल सरकार ने किसी भी श्रेणी में बढ़ोतरी नहीं की है. मैंने अभी पंजाब के सीएम को फोन किया था लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया. मेरी पंजाब के कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग और प्रताप सिंह बाजवा से बात हुई है. भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल ने मंगलवार को प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा एंट्री टैक्स में भारी वृद्धि और पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाने के निर्णय के विरोध में विधानसभा परिसर में जमकर धरना-प्रदर्शन किया. पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष की अगुवाई में एकजुट हुए भाजपा विधायकों ने सरकार की नीतियों को ‘जनविरोधी’ करार देते हुए “जनविरोधी मुख्यमंत्री किसने देखा, हमने देखा सबने देखा” जैसे तीखे नारों के साथ विधानसभा के मुख्य गेट तक मार्च किया, जहाँ मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए विपक्ष ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार किए।





