
कसौली/हेमेंद्र कंवर: कसौली उपमंडल के कुठाड़ के प्राचीन हनुमान मंदिर चीडू का पानी के पास सरकारी जमीन व मुख्य रास्ते पर अवैध कब्जा करने के एक मामले की शिकायत के बाद राजस्व विभाग द्वारा निशानदेही कारवाही गई। गौरतलब है कि मंदिर के महंत श्रवण स्वरूप व स्थानीय जनता ने वन विभाग के अधिकारी को शिकायत दी थी कि गत दिनों मुंबई की एक कंपनी के कर्मचारी व मजदूर बिना किसी को सूचित किए पिल्लर गाड़ने लगे हैं जिसका स्थानीय जनता मंदिर के पुजारी ने कड़ा ऐतराज जताया। उनका कहना है कि यह भूमि मंदिर और गौशाला की है और कंपनी के कर्मचारी अवैध रूप से उनकी और वन विभाग की भूमि पर कब्जा जमाने लग गए हैं। उन्होंने मौके के फोटो और वीडियो बना कर संबंधित विभाग को भेजे और कार्य को रोकने का आग्रह किया ताकि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा रोका जा सके। शिकायत मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और कंपनी के लोगों को काम रोकने के आदेश दिए हालांकि ग्रामीणों का कहना था कि कब्जा अभी पूरी तरह हटाया नहीं गया था। प्रशासन के आदेशों के बाद शनिवार को राजस्व विभाग ने भूमि की निशानदेही का दिन तय किया था ताकि कब्जे की स्थिति स्पष्ट हो सके और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके. हालांकि मौके पर दो तीन पटवार सर्कल का एरिया होने के साथ पैमाईश का कार्य पूरा नहीं हो पाया। इसके लिए विभाग जल्दी ही पैमाईश की तिथि घोषित करेगा। उधर इस संबंध में कुठाड़ के नायब तहसीलदार सूरज सिंह वर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा भूमि का सीमांकन (पैमाइश) किया गया। ताकि सरकारी और निजी भूमि की सही पहचान हो सके। परंतु आज निशानदेही पूरी नहीं हो पाई है उन्होंने कहा कि निशानदेही में कुछ समय लगेगा क्योंकि यह भूमि दो पटवार वृत में आती है उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह निशानदेही का दिन तय किया जाएगा। फिलहाल कंपनी द्वारा लगाए गए पिल्लरों को राजस्व विभाग के निर्देश बाद निकाल दिया गया है।





