
Dharmendra death news: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और करोड़ों दिलों के चहेते धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे. 89 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली और इसी के साथ हिंदी सिनेमा के एक सुनहरे अध्याय का अंत हो गया. उनकी सेहत पिछले कुछ समय से लगातार खराब चल रही थी और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती भी किया गया था. परिवार के साथ बिताए कुछ दिनों के बाद अचानक उनकी हालत बिगड़ी और सभी प्रार्थनाओं के बावजूद “ही-मैन ऑफ बॉलीवुड” इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए. उनकी विदाई ने न सिर्फ उनके परिवार और चाहने वालों को गहरे दुख में डुबो दिया है, बल्कि पूरे देश को शोक से भर दिया है. धर्मेंद्र का फिल्मी सफर 1960 में शुरू हुआ था. दर्शकों ने उन्हें “शोले”, “धर्मवीर”, “मेरा गांव मेरा देश”, “यादों की बारात”, “ड्रीम गर्ल” जैसी अनगिनत फिल्मों में सिर आंखों पर बिठाया. वह ऐसे अभिनेता थे जिनकी आंखों में भी अभिनय बोलता था. चाहे एक्शन हो, रोमांस हो या भावनाओं से भरी भूमिकाएं, धर्मेंद्र हर फ्रेम में सच्चाई उतार देते थे. वह सिर्फ बड़े पर्दे के हीरो नहीं थे, बल्कि पूरे भारत के दिलों के “ही-मैन” थे।
जहां मौजूदगी ही खुशियां बांट देती थी
धर्मेंद्र की बीमारी के चलते अक्सर अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता था. कुछ ही समय पहले वह हॉस्पिटल से घर लौटे थे और चाहत थी कि अपने परिवार के साथ समय बिताएं. लेकिन तकदीर को कुछ और ही मंजूर था. उनकी सेहत लगातार गिरती गई और आखिर में वह जिंदगी की जंग हार गए. बाहर खड़ी एम्बुलेंस और परिजनों का भारी मन… जैसे सब बता रहा था कि एक युग का अंत हो चुका है. सनी देओल, बॉबी देओल, उनकी बेटियां, पोते-पोतियां… पूरा परिवार उनकी अंतिम विदाई के लिए एकजुट दिखा. जिस घर में कभी हंसी-खुशी गूंजती थी, आज वहीं सन्नाटा पसरा हुआ है.
खुद को कहते किसान का बेटा
अपनी पहचान भले ही उन्होंने बॉलीवुड में बनाई हो, लेकिन दिल से धर्मेंद्र हमेशा एक किसान ही रहे। फिल्मों की चमक-दमक से दूर, वह खेतों की मिट्टी में अपना सुकून तलाशते थे। उन्होंने उम्र के इस पड़ाव में भी खेती और ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर को अपनाया और युवाओं को भी खेती की ओर लौटने की प्रेरणा दी। अपने लोनावला वाले फार्महाउस में वह खुद पौधों को पानी देते, सब्जियों की फसल उगाते और गायों की सेवा में खुश रहते थे। धर्मेंद्र का कहना था कि किसान के हाथों की मिट्टी ही उसका असली गहना है। खेती-बाड़ी से उनका जुड़ाव सिर्फ एक शौक नहीं, बल्कि अपने देश की जड़ों से जुड़ने का एक सुंदर संदेश था कि प्रगति का असली आधार भूमि और किसान ही हैं। उनकी यह सोच और ग्रामीण जीवन के प्रति प्रेम हमेशा किसानों के दिल में एक प्रेरणा बनकर जीवित रहेगा। धर्मेंद्र कहते थे— “मैं किसान का बेटा हूं, और मिट्टी ही मेरी पहचान है.” उन्होंने कहा था कि खेत की मिट्टी उन्हें किसी भी फिल्म सेट से ज्यादा खुशी देती है।
जैविक खेती के बने सच्चे ब्रांड एंबेसडर
अपने फार्म पर वह जैविक तरीके से सब्जियां उगाते थे. टमाटर, लौकी, शिमला मिर्च हर फसल को अपने हाथों से सींचते. सोशल मीडिया पर उनके खेत-खलिहानों वाले वीडियो देखते ही देखते वायरल हो जाते थे। मशहूर एक्टर धर्मेंद्र ने दो शादियां की थीं। 19 साल की उम्र में उन्होंने 1954 में प्रकाश कौर के साथ पहली शादी की थी। तब धर्मेंद्र ने बॉलीवुड में अपनी शुरुआत नहीं की थी। मशहूर एक्टर धर्मेंद्र का हिमाचल प्रदेश से भी विशेष लगाव रहा।
धर्मेंद्र ने अटल टनल रोहतांग का भी दीदार किया। तब उन्होंने कहा था कि उन्हें 20 साल बाद हिमाचल प्रदेश के मनाली और रोहतांग की पहाड़ियों में आने का मौका मिला है। उन्होंने इन बर्फीली पहाड़ियों पर इज्जत, जीने नहीं दूंगा, तहलका, आदमी और इंसान सहित कई फिल्मों की शूटिंग की। उस समय रोहतांग के पार लाहौल जाने के लिए कई घंटों का सफर करना पड़ता था। मौसम खराब होने पर यात्रा स्थगित करनी पड़ती थी, लेकिन अब अटल टनल रोहतांग बनने से सब आसान हो गया है। रोहतांग टनल को उन्होंने अजूबा बताया था। उन्होंने करीब दस किलोमीटर लंबी इस टनल के निर्माण में भागीदारी करने वाले हर शख्स का आभार भी जताया था।
इसी साल जून में बॉलीवुड के धर्मेंद्र अपनी पत्नी प्रकाश कौर, बेटे सनी देओल और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गोबिंद सागर झील के किनारे ग्राम पंचायत डमली के ऋषिकेश में एक निजी होटल में रात को ठहरे थे। अभिनेता के परिवार ने झील की खूबसूरती को निहारा और इसे सराहा। अभिनेता धर्मेंद्र और उनका परिवार जिस होटल में ठहरे वह जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल के करीब स्थित है। यहां पर्यटक झील का दृश्य और अन्य आकर्षणों का आनंद लेने आते हैं। बता दें, मनाली से सनी देओल का पुराना संबंध है। उन्होंने अपने जीवन के कई महत्वपूर्ण पल यहीं बिताए हैं। सनी देओल ने वामतट मार्ग पर सरसेई के पास एक कॉटेज किराये पर ले रखा है। उनके साथ धर्मेंद्र भी कई बार मनाली पहुंचे।

वहीं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सुप्रसिद्ध अभिनेता धर्मेंद्र के निधन पर दुख जताया है। सीएम ने कहा कि वे सिर्फ पर्दे के नायक ही नहीं थे, बल्कि संवेदनशील हृदय वाले विनम्र इंसान, कला के सच्चे साधक और पीढ़ियों को प्रेरित करने वाले कलाकार थे। वह हमेशा दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेंगे। भारतीय फिल्म जगत ने एक महानायक और एक दिग्गज कलाकार खो दिया है। ईश्वर दिवंगत की आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य तथा शक्ति प्रदान करें। मेरी गहरी संवेदनाएं परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं।





