लाइव हिमाचल/सोलन : सोलन जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गौड़ा में आयोजित एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) का सात दिवसीय विशेष आवासीय शिविर शनिवार को संपन्न हुआ। समापन समारोह की मुख्य अतिथि सुदेश कपूर रहीं, जिन्होंने स्वयंसेवियों द्वारा किए गए सेवा कार्यों और अनुशासन की सराहना करते हुए उन्हें समाज निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
स्वच्छता, सेवा और समाज जागरूकता—शिविर की मुख्य धुरी
सात दिनों तक चले इस शिविर में कार्यक्रम अधिकारी मोहन सिंह चौहान और रीना कंवर के कुशल मार्गदर्शन में स्वयंसेवियों ने विभिन्न स्थानों पर सेवा और स्वच्छता अभियान चलाए। स्वयंसेवियों ने विद्यालय परिसर, हरिओम गौशाला,गोद लिए गौड़ा गांव,आयुर्वेदिक अस्पताल में सफाई कार्य, झाडिय़ों की कटाई और स्वच्छता जनजागरण अभियान को अंजाम दिया। उनके प्रयासों से इन क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर उल्लेखनीय जागरूकता देखने को मिली। स्थानीय ग्रामीणों ने भी युवाओं के इस समर्पण को सराहा।
बौद्धिक सत्रों में मिला जीवन-प्रेरक मार्गदर्शन
शविर के दौरान आयोजित बौद्धिक सत्रों ने स्वयंसेवियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मौके पर विजय शर्मा और जगदीश शर्मा ने नैतिक मूल्यों, जिम्मेदारी और संयम की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।वहीं वरिष्ठ पत्रकार यशपाल कपूर ने सोशल मीडिया बारे युवाओं को जागरूक किया। साथ ही समाज सेवा के बारे में जानकारी दी। स्रोत व्यक्तियों के संबोधन ने स्वयंसेवियों में उत्साह, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक संवेदनशीलता की भावना को और मजबूत किया।
पुरस्कार, सम्मान और सांस्कृतिक रंगारंग प्रस्तुतियां
समापन समारोह में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सभी स्वयंसेवियों को मेडल एवं शिक्षाप्रद पुस्तकें भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने लोकनृत्य, समूहगान और लघुनाटिका प्रस्तुत कर वातावरण को जीवंत बनाया। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों की भरपूर प्रशंसा की। इस मौके पर मुख्य अतिथि सुदेश कपूर ने कहा कि ऐसे शिविर विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों का विकास करते हैं। उन्होंने सभी स्वयंसेवियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय की प्रधानाचार्या संतोष कुमारी ने शिविर को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों, स्वयंसेवकों और अतिथियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों को समाज से जोडऩे का सबसे सशक्त माध्यम है, जो आजीवन उनके चरित्र और सोच पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ता है।





