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अनाथ बच्चों के लिए हिमाचल प्रदेश के सभी कोर्सों में एक सीट रिजर्व…

शिमला : पिछले कुछ दिनों से हिमाचल प्रदेश, बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ जैसी परेशानियों से जूझ रहा है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के अनाथ बच्चों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। हिमाचल प्रदेश में अब सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और प्राइवेट टेक्निकल एजुकेशन संस्थानों में अनाथ बच्चों के लिए हर कोर्स में एक सीट रिसर्वड होगी। यह फैसला आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज और फार्मेसी संस्थानों पर लागू होगा। सरकार का कहना है कि इस पहल का मकसद समाज के सबसे कमजोर वर्ग को अच्छी शिक्षा देना है। सरकार ने सात अगस्त को प्रेस स्टेटमेंट में यह जानकारी दी है। प्रेस स्टेटमेंट में कहा गया है कि नई कैटेगरी के तहत एडमिशन मेरिट के आधार पर होंगे। इसके लिए सक्षम अधिकारी वेरिफिकेशन करेंगे। सरकार ने यह भी साफ किया है कि इससे सीटों की संख्या नहीं बढ़ेगी और संस्थानों पर कोई अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर या फाइनेंशियल बोझ भी नहीं पड़ेगा। सरकार हिमाचल प्रदेश के अनाथ बच्चों को ‘राज्य के बच्चे’ का दर्जा देगी। राज्य सरकार का कहना है कि यह पहल मुख्यमंत्री  सुख आश्रय योजना’ जैसी अन्य कल्याणकारी योजनाओं की तरह है। इस योजना के तहत अनाथ बच्चों को “राज्य के बच्चे” का दर्जा दिया गया है। जिसके तहत हिमाचल प्रदेश सरकार 27 साल की उम्र तक अनाथ बच्चों की देखभाल और शिक्षा जैसी जिम्मेदारियां लेगी। हिमाचल प्रदेश ऐसा कानून बनाने वाला देश का पहला राज्य है, जिसने अनाथों को कानूनी अधिकार दिए हैं।

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