



नेशनल डेस्क : कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी (CPP) की बैठक पुराने संसद भवन के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में हुई, जहां कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संबोधन दिया। उन्होंने इस मौके पर सेंट्रल हॉल के साथ जुड़ी अपनी पुरानी यादों को ताजा किया और कहा कि यह स्थान हम सभी के लिए सुखद यादों से भरा हुआ है। सोनिया गांधी ने बताया कि पहले हम यहां एक साथ बैठ सकते थे, सहकर्मियों से मिल सकते थे, दूसरी पार्टियों के सदस्यों से बातचीत कर सकते थे और मीडिया से भी सहजता से जुड़ सकते थे। यह सब अब नए संसद भवन में संभव नहीं है, जो इस स्थान को और भी खास बनाता है। सोनिया गांधी ने बैठक में सरकार के आर्थिक मुद्दों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि यह सत्र घटनापूर्ण रहा है, जिसमें बजट और विनियोग विधेयक पर बहस हुई। उन्होंने कांग्रेस के सदस्यों की प्रशंसा की जिन्होंने अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर किया और सरकार के दावों और वास्तविकता के बीच के अंतर को उजागर किया। मूल्य वृद्धि, बेरोजगारी और बढ़ती असमानताओं के मुद्दे पर भी सरकार की स्थिति पर सवाल उठाए गए। इसके अलावा, स्थायी समितियों ने विभिन्न मंत्रालयों के लिए अनुदान की मांग पर रिपोर्टें प्रस्तुत कीं, जिससे सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए एक व्यापक आम सहमति बनी। विशेष रूप से कृषि, ग्रामीण विकास और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में इन रिपोर्टों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
वहीं, वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 पर सोनिया गांधी ने सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक जबरन पारित किया गया है और इसे संविधान पर एक बेशर्म हमला बताया। सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि यह विधेयक भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समाज को स्थायी रूप से ध्रुवीकृत रखना है। उन्होंने इस पर जोर दिया कि कांग्रेस पार्टी इस विधेयक का कड़ा विरोध करती है और इसे लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ मानती है।
इस बैठक में सोनिया गांधी के भाषण ने कांग्रेस के राजनीतिक रुख को स्पष्ट किया और सरकार के खिलाफ एक मजबूत संदेश भेजा, जिसमें आर्थिक नीतियों और संवैधानिक मुद्दों पर पार्टी की गंभीर चिंता को उजागर किया गया।