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हिमाचल की बेटी पहले ही वर्ल्ड कप में खो-खो चैंपियन…

लाइव हिमाचल/कुल्लू:बचपन में दौड़ने के शौक को पूरा करने के लिए खो-खो खेलने वाली हिमाचल प्रदेश की बेटी आज विश्व विजेता टीम की सदस्य बन गई हैं। पहली बार हुए विश्व कप में भारत की टीम ने खिताब जीत लिया है। टीम में हिमाचल के कुल्लू जिले से नीता ठाकुर एकमात्र खिलाड़ी हैं। नीता के पिता किसान और माता के गृहिणी हैं। नीता देवी ने बताया कि उन्हें बचपन में दौड़ने का शौक था। उनके बड़े भाई खो-खो खेलते थे। इसलिए उन्हें खो-खो खेल को चुना। कभी सोचा नहीं था कि यह शौक उन्हें इतना आगे लेकर जाएगा और विश्व विजेता टीम का हिस्सा बन जाएंगी। 2014 में पहला बार प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद 2016 में फिर से प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया।नीता ने बताया कि 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह आगामी प्रशिक्षण के लिए पंजाब गईं। उन्हें यहां पर वह सब सुविधाएं नहीं मिल पाईं, जो चाहिए थी। इसलिए उन्होंने प्रदेश से बाहर जाने का निर्णय लिया। नीता ने बताया कि प्रदेश में खो-खो को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। प्रदेश में खो-खो के बेहतरीन खिलाड़ी हैं। यदि इन खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलें तो प्रदेश नहीं पूरे देश का कि नाम रोशन करेंगे। नीता ने कहा हैंडबाल, कबड्डी, हॉकी की तर्ज पर प्रदेश में खो-खो के प्रशिक्षण केंद्र खुलने चाहिए। नीता राणा ने कुल्लू के खरहाल स्कूल से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद अपने खेल को सुचारू बनाए रखने के लिए यह पंजाब और चंडीगढ़ गई। वर्तमान में वह लवली विवि में पढ़ाई कर रही हैं। नीता एमपीएड हैं। कोच संदीप ने निखारा खेल नीता ने बताया कि उनके कोच संदीप ने खेल को और बेहतर बनाया। जिस कारण आज वह इस मुकाम पर पहुंची हैं। नीता के पिता किसान और माता गृहिणी हैं। बिलासपुर के अमरजीत ठाकुर जो विश्व कप में तकनीकी अधिकारी थे। बिलासपुर के अमरजीत ठाकुर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल रानीकोटला में बतौर प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा सेवाएं दे रहे हैं।

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