



लाइव हिमाचल/दिल्ली:शराब घोटाले को लेकर भाजपा आम आदमी पार्टी पर हमलावर रही है। अब मुख्यमंत्री आतिशी के एक बयान से उसे आप को घेरने का एक और मौका मिल गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री ने एक निजी टीवी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में नई आबकारी नीति की सराहना करते हुए इसे फिर से लागू करने की बात कही है। भाजपा ने उनके बयान को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने के प्रयास में जुट गई है। इसे पूरी दिल्ली में प्रचारित कर आप की मुश्किल बढ़ाने की तैयारी है। इसकी शुरुआत करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा, “अन्ना हजारे के आशीर्वाद से उपजी और जनआंदोलन में नैतिकता की दुहाई देने वाली पार्टी के लिए पहली प्राथमिकता शराब हो गई।” प्रेसवार्ता में उन्होंने आतिशी को स्टेपनी मुख्यमंत्री कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा, “यह मैं नहीं उनके मेंटोर अरविंद केजरीवाल कहते हैं। उन्होंने कहा, “आतिशी का कहना है कि उनकी सरकार बनने पर फिर से आबकारी नीति लागू होगी। यह पीड़ादायक है, क्योंकि कैग की रिपोर्ट के अनुसार इस नीति से 2600 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। इस रिपोर्ट को विधानसभा में पेश नहीं होने दिया गया। घोटाले के आरोप में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित कई आप नेता जेल गए। अदालत में आरोप पत्र दायर होने के साथ ही मुकदमा चलाने की अनुमति मिल गई है। कैग ने घोटाला पाया, सीबीआई ने पाया, दिल्ली की विशेष जांच दल ने घोटाला पाया है। विधानसभा में कैग रिपोर्ट पेश नहीं करने पर हाई कोर्ट ने आप सरकार को फटकार लगाई है। इसके बाद भी फिर से उसी आबकारी नीति को लागू करने की बात की जा रही है जिसके माध्यम से घोटाला किया गया। मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि शराब ठेकेदारों का उनके ऊपर क्या दबाव है, जिससे वह आबकारी नीति को लागू करने की बात कह रही हैं।उन्होंने कहा, “1947 के बाद कई राजनीतिक आंदोलन हुआ। लोकनायक जय प्रकाश नारायण के बाद अन्ना हजारे का आंदोलन सबसे प्रमुख था। अन्ना के आंदोलन से निकली पार्टी शराब के दलदल में धंस गई है। भारत के लिए यह शर्मनाक इतिहास होगा।” भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रत्येक मंच पर यह मामला उठाया जाएगा। लोगों विशेषकर महिलाओं को बताया जाएगा कि आप फिर से शराब घोटाला करने के साथ ही युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने की साजिश रच रही है।