दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 74वें जन्मदिन पर यहां नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र में एक किताब लॉन्च की। किताब “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी : द रेड फोर्ट” का संपादन कंगना ने किया है।भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “आज सबके चहेते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। मेरे लिए यहां आकर अपने विचार साझा करना बहुत सम्मान की बात है। मैं इस अवसर के लिए बहुत आभारी हूं। हम भारतीय इस समय अनूठी आशा, उत्साह और उमंग से भरे हुए हैं। मैं अक्सर इस बात पर विचार करती हूं कि भारत का असली सार क्या है। क्या यह केवल जमीन का टुकड़ा है? समय के साथ इसका भूगोल बदलता रहा है और महाद्वीप या देश का नक्शा हमेशा बदलता रहता है।”
कंगना रनौत ने कहा, “मैं यही कहूंगी कि देश के प्रधानमंत्री एक चमकता हुआ सूरज हैं। वह ऐसा सूरज हैं, जब विश्व और भारत कोरोना महामारी की चपेट में आ गया तो उन्होंने मैत्री मेडिसिन के माध्यम से जगह-जगह वैक्सीन पहुंचाने का काम किया। उन्होंने अपनी प्रबुद्ध दृष्टि से दुनिया का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किए गए प्रयासों की सराहना की है. उन्होंने तारीफ करते हुए कहा कि महामारी के दौरान प्रधानमंत्री ने दुनिया का मार्गदर्शन किया. मंडी से बीजेपी सांसद ने आगे कहा, ”ये वो सूरज है जब पूरी दुनिया महामारी की चपेट में आ गई थी तब पीएम मोदी ने भारत की दवा कूटनीति के माध्यम जगह-जगह वैक्सीन पहुंचाए. अपने अलौकिक प्रकाश से दुनिया का मार्गदर्शन किया. आज खाड़ी के देशों में भी सबसे ज्यादा सम्मान पीएम नरेंद्र मोदी को मिलता है.”
पीएम मोदी ही असली सेक्युलर और उदारवादी- कंगना रनौत
उन्होंने विरोधियों पर भी हमला बोला और कहा, ”ये जो कुछ लोग सेक्युलरिज्म का झुनझूना लेकर घूमते हैं. इनसे पूछा जाए कि असली सेक्युलर पर्सन और उदारवादी कौन है? असली सेक्युलर और उदारवादी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. मेरा ये मानना है कि मेरे लिए ये स्वर्णिम काल है. ये हमारी ही चेतना की पुकार है कि उन्होंने इस रूप में अवतार लिया है.” उन्होंने पीएम मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोगों का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा, ”आज सभी लोग उनके जन्मदिवस पर यहां आए और आपने मेरे कुछ विचार सुने. हम यही कामना करते हैं कि उनकी विचारधारा को पूरी दुनिया में ले जाया जाय. हम ये देखते हैं कि स्वामी विवेकानंद हों, चाहे श्रीकृष्ण हो या श्रीराम हों. उनकी विचारधारा सदियों तक चलती रहती है और लोगों का मार्गदर्शन करती रहती हैं.”





