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पेंशनरों के अधिकारों का हनन कर रही सुक्खू सरकार, बुजुर्गों को सड़कों पर उतरने के लिए किया मजबूर : डॉ. राजीव बिंदल

हमीरपुर : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने हमीरपुर में पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ के जिला स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपने जीवन के 30 से 40 वर्ष हिमाचल प्रदेश की सेवा में समर्पित किए, आज वही वरिष्ठ नागरिक अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर हैं। यह प्रदेश की सुक्खू सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

 

डॉ. बिंदल ने कहा कि 80-80 वर्ष की आयु के बुजुर्ग अपने घर-परिवार छोड़कर 200 से 400 किलोमीटर की यात्रा कर धरने-प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने पेंशनरों के मौलिक अधिकारों का हनन करते हुए उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले वैधानिक एवं आर्थिक लाभों से वंचित कर दिया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार लगभग डेढ़ लाख सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों को चिकित्सा बिलों, महंगाई भत्ते की किस्तों, एरियर और अन्य देय राशियों के भुगतान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। जिन बुजुर्गों को जीवन के इस पड़ाव पर सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता मिलनी चाहिए थी, उन्हें कांग्रेस सरकार ने आर्थिक संकट और मानसिक पीड़ा में धकेल दिया है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारी और अधिकारी अब कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों से पूरी तरह त्रस्त हो चुके हैं और आने वाले समय में यही वर्ग इस निकम्मी और भ्रष्ट सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सरकारी अस्पतालों में जांच सेवाएं प्रभावित, गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ

हमीरपुर में आयोजित पदयात्रा में एकत्रित हजारों कार्यकर्ताओं और नागरिकों को संबोधित करते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को गंभीर संकट में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में होने वाली अनेक महत्वपूर्ण जांच सेवाएं प्रभावित हो चुकी हैं। लाखों मरीजों को अपनी बीमारी की जांच करवाने के लिए निजी अस्पतालों और प्रयोगशालाओं में भारी-भरकम राशि खर्च करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लैब संचालकों के करोड़ों रुपये के लंबित बिलों का भुगतान नहीं किए जाने के कारण जांच सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसका सीधा नुकसान गरीब, मध्यमवर्गीय और जरूरतमंद मरीजों को उठाना पड़ रहा है।

अस्पतालों में ऑपरेशन घटे, हिमकेयर और आयुष्मान के भुगतान लंबित

डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में होने वाले ऑपरेशनों की संख्या घटकर लगभग एक चौथाई रह गई है। उन्होंने कहा कि ऑर्थोपेडिक्स सहित विभिन्न विभागों में हिमकेयर, आयुष्मान भारत और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत करोड़ों रुपये के भुगतान लंबित पड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की भुगतान संबंधी विफलताओं का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। गरीब परिवारों के लिए शुरू की गई स्वास्थ्य योजनाएं प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हो पा रही हैं और जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल रहा है।

108 एंबुलेंस सेवा को भी बदहाली की ओर धकेला

डॉ. बिंदल ने कहा कि 25 दिसंबर 2010 को शुरू की गई अटल स्वास्थ्य सेवा 108 वर्षों तक प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हुई। लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में यह महत्वपूर्ण सेवा भी गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एंबुलेंस सेवा के संचालन के लिए निर्धारित करोड़ों रुपये का भुगतान लंबित होने के कारण इसकी कार्यप्रणाली बुरी तरह प्रभावित हुई है। जहां आपातकालीन परिस्थितियों में 15 से 20 मिनट के भीतर एंबुलेंस पहुंचने की अपेक्षा रहती है, वहीं अनेक स्थानों पर मरीजों को दो–दो घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी प्रदेश में एंबुलेंस सेवा का समय पर उपलब्ध न होना मरीजों के जीवन के लिए गंभीर खतरा है।

 

हिमाचल की जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित कर रही कांग्रेस सरकार

डॉ. बिंदल ने कहा कि आज प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के मूलभूत आधार कमजोर हो चुके हैं। सरकारी अस्पतालों में जांच सेवाएं प्रभावित हैं, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता में कमी है, ऑपरेशन प्रभावित हो रहे हैं और 108 एंबुलेंस सेवा की स्थिति चिंताजनक है। वहीं हिमकेयर और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ भी अनेक जरूरतमंद मरीजों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की नीतियों ने प्रदेश के बुजुर्गों, पेंशनरों, गरीबों और मरीजों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। एक ओर जीवनभर प्रदेश की सेवा करने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो दूसरी ओर आम जनता को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। डॉ. बिंदल ने मांग की कि प्रदेश सरकार पेंशनरों के सभी लंबित वित्तीय लाभों, चिकित्सा बिलों, डीए और एरियर का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करे। इसके साथ ही हिमकेयर, आयुष्मान भारत, सरकारी अस्पतालों की जांच सेवाओं और 108 एंबुलेंस सेवा के लंबित भुगतान जारी कर स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के पेंशनरों, कर्मचारियों और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी और कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों को जनता के बीच उजागर करती रहेगी।

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