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IPS Mohit Chawla: SP बद्दी मोहित चावला दफ्तर में क्यों सुनते हैं गुरुबाणी ?

बद्दी : हिमाचल प्रदेश में कई तेजतरार और चर्चित पुलिस अफसर हैं. उन्हीं में से एक हैं आईपीएस मोहित चावला. मौजूद समय में मोहित बद्दी में एसपी हैं. इससे पहले, वह शिमला में पोस्टेड थे. आईपीएस अफसर मोहित चावला (IPS Mohit Chawla) अपने दफ़्तर में बिना जूते पहने और अक्सर गुरुबाणी सुनते रहते हैं. IPS मोहित चावला 2010 बैच के अफसर हैं. उन्होंने News 18 से बातचीत में कई बातें बेबाकी से की. बता दें कि जनवरी में जल्द ही मोहित चावला डीआईजी प्रमोट हो जाएंगे. एसपी मोहित चावला टॉप 50 आईपीएस अफ़सरो में शामिल हैं. लेकिन उनकी एक पहचान ऐसी भी है जो लोगों से थोड़ी छुपी है. वह काफी आध्यात्मिक हैं. मोहित चावला के दफ्तर में आम लोग आए या फिर कोई मीटिंग हो रही है, तब भी हर समय कम आवाज़ में टीवी पर शब्दों के ज़रिए गुरबाणी प्रकाशित होती रहती है. जो कि कानों को सुकून देती है. पांव में ना जूता ना ही चप्पल रहती है. हालांकि, पैर तक किसी की नज़र नहीं जाती लेकिन टेबल के साथ पड़े कहानी बयान कर देते हैं. शायद ही कोई ऐसे आईपीएस अफ़सर हो, जो हिमाचल और यहां तक पंजाब या अन्य किसी राज्य में भी, जिसकी धार्मिक या आध्यात्मिक आस्था हो, और इस तरह के झुकाव की तस्वीर खिंचवाने के लिए नज़र आता है.

मोहित चावला का मानना है कि गुरबाणी से उन्हें पॉजिटिविटी मिलती है. कुशलता और काम करने और निर्णय लेने पर मदद मिलती है. मोहित कहते हैं कि उनके पिता कुल्लू और मां पंजाब के फगवाड़ा हैं. अंबाला में कपड़े का बिज़नेस  पिता करते हैं. साल 2010 में बिना कोचिंग के पहले ही एटेम्पट में उन्होंने UPSC की परीक्षा पास की थी और वह आईपीएस बने थे.

इससे पहले मोहित चावला शिमला में तैनात थे. वह अपने व्यवहार के लिए काफी सराहे जाते हैं. मोहित जब शिमला से ट्रांसफर हुए थे तो कई कर्मचारियों की आंखों में आंसू आ गए थे. वह अपनी बुलेट बाइक में वहां से विदा हुए थे. इससे पहले भी मोहित सोलन, मंडी सहित कई जिलों की कमान संभाल चुके हैं.

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