Home » ताजा खबरें » सुनो “सुख की सरकार”, नाहन मेडिकल कॉलेज में ब्लड सेपरेटर के नहीं टैंडर, खाते में 52 लाख…

सुनो “सुख की सरकार”, नाहन मेडिकल कॉलेज में ब्लड सेपरेटर के नहीं टैंडर, खाते में 52 लाख…

नाहन : डॉ. वाईएस नाहन, 17 सितंबर : डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज (YSPMC) में बेशकीमती ‘रक्त’ का इस्तेमाल सही मायनों में नहीं हो रहा। रक्तदाताओं द्वारा डोनेट ब्लड (Blood) के तीन कंपोनेंट ( Blood Component) बर्बाद हो जाते हैं। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में ब्लड सेपरेटर (Blood Separator) की दरकार थी। मेडिकल कॉलेज (YSPMC) में बेशकीमती ‘रक्त’ का इस्तेमाल सही मायनों में नहीं हो रहा। रक्तदाताओं द्वारा डोनेट ब्लड (Blood) के तीन कंपोनेंट ( Blood Component) बर्बाद हो जाते हैं।  इसके लिए मेडिकल कॉलेज में ब्लड सेपरेटर (Blood Separator) की दरकार थी। इसके बाद जून के आखिर में एनएचएम (NHM) के तहत रोगी कल्याण समिति (Rogi Kalyan Samiti) को 52 लाख की राशि भी मंजूर हो गई थी, लेकिन हैरान करने वाली बात है कि 2-3 महीने से टैंडर की फाइल इधर से उधर भटक रही हैं। बजट उपलब्ध होने के बावजूद भी टैंडर नहीं किए जा रहे।

मौजूदा में डेंगू (Dengue) का प्रकोप भी चल रहा है। इस बीमारी में रोगी को प्लेटलेटस (Platelets) की जरूरत होती है। यदि समय रहते ब्लड सेपरेटर का इंतजाम कर लिया जाता तो इस समय मेडिकल कॉलेज को अपने स्तर पर भी प्लेटलेटस उपलब्ध हो सकते थे।

दीगर है कि ब्लड सेपरेटर न होने के कारण मरीजों को प्लाज्मा व प्लेटलेटस के लिए चंडीगढ़ का रुख करना पड़ता है। रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं, प्लेटलेटस व प्लाज्मा सहित कई जीवन रक्षक घटक होते हैं। सेपरेटर के माध्यम से घटकों को अलग किया जाता है। रोगी की बीमारी के मुताबिक ही रक्त का घटक उसे उपलब्ध करवाया जाता है।

उल्लेखनीय है कि व्यस्कों के अलावा बच्चों में भी प्लेटलेटस की बीमारी काफी सामान्य हो चुकी है। हाल ही में डेंगू के दर्जनों मामले सामने आए थे। इसी कारण बकरी के दूध की डिमांड के साथ-साथ कीवी की मांग भी बढ़ गई। इसी बीच मेडिकल कॉलेज के संयुक्त निदेशक संजीव सिंह ने कहा कि ब्लड सेपरेटर की खरीद का मामला संज्ञान में नहीं है। इस बारे मेडिकल अधीक्षक से संपर्क किया जा सकता है।

उधर, मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ. नवीन गुप्ता ने कहा कि उनके संज्ञान में सेपरेटर की परचेज का मामला करीब एक महीना पहले आया था। इसके बाद ई-टैंडर को लेकर औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही ई-टैंडर साइट पर उपलब्ध हो जाएगा।

Leave a Comment