नौणी में किक बॉक्सरों का जलवा देख दर्शक दंग, तीसरे दिन खिलाड़ियों ने रिंग में दिखाई अद्भुत कला…

. फुल कॉन्टैक्ट फाइट के हाई वोल्टेज मुकाबलों से रोमांचित हुए दर्शक, हिमाचल के मानस शर्मा ने दिलाया सिल्वर

लाइव हिमाचल/सोलन: डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में चल रहे नेशनल किक बॉक्सिंग टूर्नामेंट का तीसरा दिन रोमांच और जोश से भरपूर रहा। गुरुवार को खेले गए मुकाबलों में देशभर के खिलाड़ियों ने अपने शानदार पंच और किक से दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। अमेच्योर किक बॉक्सिंग एसोसिएशन हिमाचल के वर्किंग प्रेसिडेंट पुनीत वर्मा और जनरल सेक्रेटरी, परशुराम अवार्डी डॉ. संजय यादव ने कहा कि प्रतियोगिता का आयोजन पूरी तरह व्यवस्थित है और खिलाड़ियों को हर सुविधा दी जा रही है। रेफरी, कोच, जज और मेडिकल टीम लगातार मुस्तैद हैं। संजय यादव ने बताया की माइनस 57 किलो में तमिलनाडु के बुका मुराली योगेश ने पहला स्थान पाया। खान मोहम्मद दूसरे और समोटा सोमेश व एम. मलेश्वर तीसरे स्थान पर रहे। माइनस 63 किलो वर्ग में अरुणाचल प्रदेश के ताना तारा हरीबा ने स्वर्ण जीता, उत्तर प्रदेश के सैनी शिवम दूसरे स्थान पर और झारखंड के रीटोला गर्व व यूपी के प्रियांशु तीसरे स्थान पर रहे। 69 किलो वर्ग में यूपी के कनिष्क पहले और गौतम स्पर्श दूसरे स्थान पर रहे, जबकि महाराष्ट्र के अहमद सैयद व पटवर्धन ने कांस्य पाया। 56 से 74 किलो वर्ग में मध्य प्रदेश के कुशवाहा ने स्वर्ण पर कब्जा किया, महाराष्ट्र के ठाकुर श्रवण दूसरे, जबकि तमिलनाडु के जीके दक्षिता और पंजाब के डढ़वाल अर्श तीसरे स्थान पर रहे। 57 से 79 किलो वर्ग में राजस्थान के अतुल दक पहले, गुजरात के देसाई सार्थक दूसरे और हटवार सस्मीत व चडी सिंह तीसरे स्थान पर रहे। 58 से 84 किलो में उत्तर प्रदेश के आयुष सिंह पहले, वीरेन दूसरे और नवजोत सिंह तीसरे रहे। 59 से 89 किलो वर्ग में हरियाणा के टोकस फलक ने स्वर्ण जीता, जबकि कान्हा गुप्ता दूसरे स्थान पर रहे। 60 से 94 किलो वर्ग में सुखमनदीप सिंह पहले और हिमहम मोहम्मद दूसरे स्थान पर रहे। 61 से 94 किलो वर्ग में यूपी के आरव गर्ग स्वर्ण विजेता बने, एमपी के आशीष चौहान दूसरे और तमिलनाडु के के. हरी प्रसाद तीसरे स्थान पर रहे।

महिला वर्ग में भी दिखी कमाल की तकनीक…
50 किलो कैटेगरी में जानवी ने स्वर्ण जीता, संगीता सिंह को रजत और नैंसी व कदम को कांस्य मिला। 55 किलो में गंगा राव पहले, हीना दूसरे और मुस्कान व दीपा तीसरे स्थान पर रहीं। 60 किलो वर्ग में ज्ञाना ने पहला स्थान पाया, तनु कुमारी दूसरे और मरियम खान व स्मृति तीसरे स्थान पर रहीं। 65 किलो में झारखंड की आयुषी कुमारी पहले, छत्तीसगढ़ की सोनवानी सिद्धि दूसरे और उड़ीसा की शिवानी तीसरे स्थान पर रही। 70 किलो में पंजाब की अनुप्रीत कौर ने स्वर्ण जीता, उत्तर प्रदेश की आकांक्षया मिश्रा दूसरे स्थान पर और अक्षरा सूचीस्मिता तीसरे स्थान पर रही। 70 प्लस कैटेगरी में काव्या पहले, सांगमिथरा दूसरे और अंशु व तन्वीशा तीसरे स्थान पर रहीं। प्रदेश के मानस शर्मा ने माइनस 45 किलो वर्ग में शानदार खेल दिखाते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
वाको इंडिया किक बॉक्सिंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष अग्रवाल ने विजेताओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और रोज़गार सृजन पर बल : डॉ. शांडिल

. सायरी में मल्टी स्पेशियलिटी स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित

लाइव हिमाचल/सोलन: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ ही युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर सृजित कर रही है। डॉ. शांडिल आज सोलन विधानसभा क्षेत्र के स्वास्थ्य केन्द्र सायरी में बहु विशेषज्ञ स्वास्थ्य जांच शिविर का शुभारम्भ करने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि अस्पतालों में चिकित्सा अधिकारियों, स्टाफ नर्सों और कर्मचारियों की नियुक्ति से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो रहा है। सरकार के यह प्रयास लोगों को बेहतर उपचार प्रदान करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से स्थाई विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के लिए मंत्रिमंडल ने प्रदेश के 09 ज़िलों के आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में 28 डायलिसिस केंद्र स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की है ताकि रोगियों को उनके घर के समीप ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। डॉ. शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में प्रशिक्षित मानव संसाधन की संख्या में वृद्धि लाने के दृष्टिगत 300 जॉब ट्रेनियों की नियुक्ति स्वीकृत की गई है। इन्हें प्रशिक्षण, अनुभव और सहायता के साथ निर्धारित मासिक वेतन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशे के खिलाफ निर्णायक जंग में अब प्रत्येक नागरिक की भूमिका अहम हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को नशामुक्त राज्य बनाने के लिए सभी को अहम भूमिका निभानी होगी तभी हम एक स्वस्थ समाज की परिकल्पना कर सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर लोगों की समस्याएं भी सुनी तथा सम्बन्धित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. अजय पाठक ने इससे पूर्व मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा मल्टी स्पेशियलिटी स्वास्थ्य शिविर के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’ 17 सितम्बर से 02 अक्तूबर, 2025 तक कार्यान्वित किया जा रहा है। इसमें विशेषकर महिलाओं के लिए खंड स्तर पर स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ज़िला सोलन में 17 सितम्बर 2025 से अभी तक 1164 स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से 54461 रोगियों की स्वास्थ्य जांच की गई है। उन्होंने कहा कि आज के शिविर में 286 रोगियों की स्वास्थ्य जांच की गई। वहीं ग्राम पंचायत काहला की प्रधान रीता देवी, ग्राम पंचायत सायरी की प्रधान अंजू राठौर, ग्राम पंचायत ममलीग की पूर्व प्रधान सत्या देवी व कौशल्या देवी, वरिष्ठ कांग्रेसी कार्यकर्ता संजीव ठाकुर, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट गोपाल शर्मा, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी आई.सी.डी.एस. डॉ. पदम देव, ज़िला कल्याण अधिकारी गावा सिंह नेगी, खण्ड स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी सायरी डॉ. अजय सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग इस अवसर पर उपस्थित थे।

प्रदेश सरकार गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध : हर्षवर्द्धन चौहान

. शूलिनी विश्वविद्यालय में ‘विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2025’ आयोजित

लाइव हिमाचल/सोलन: उद्योग संसदीय कार्य तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी स्तरों पर गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सरकारी एवं निजी संस्थानों को और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना होगा। हर्षवर्द्धन चौहान आज सोलन के शूलिनी विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसिस द्वारा ‘विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2025’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में सरकारी संस्थानों के साथ-साथ अनेक निजी संस्थान युवा पीढ़ी के भविष्य को संवारने के लिए कार्य कर रहे हैं। प्रदेश सरकार इस दिशा में सभी के सहयोग के साथ युवा पीढ़ी को बेहतर अवसर देने के लिए कार्य करने के लिए प्रयासरत है।
हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि शूलिनी विश्वविद्यालय को देश-विदेश में अनुसंधान और नवाचार के लिए जाना जाता है। उन्होंने आशा जताई कि विश्वविद्यालय भविष्य में इस दिशा में और बेहतर कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य क्षेत्र की रीढ़ हैं और इनके सहयोग से सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार संभव है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्र में लोगों को उनके घर-द्वार पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने में फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट न केवल समय पर दवा उपलब्ध करवाते हैं अपितु सुरक्षित देखभाल और जन स्वास्थ्य अभियानों में सहयोग प्रदान कर जन अभियान की सफलता भी सुनिश्चित बनाते हैं। समग्र स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच जन-जन तक बनाने में फार्मासिस्ट अहम कड़ी हैं। उद्योग मंत्री ने कहा कि इस वर्ष विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर ‘थिंक हेल्थ, थिंक फार्मासिस्ट’ विषय रखा है जो बहुत ही सार्थक है। यह विषय हमें स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्ट की विश्वसनियता का ध्यान दिलाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाओं तक सभी की पहुंच बनाने के लिए कार्यरत है। इस दिशा में स्वास्थ्य उद्योग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आज हिमाचल को विश्व में फार्मा हब के रूप में जाना जाता है। प्रदेश में निर्मित लगभग 10 हजार करोड़ रुपए की दवाइयां बाज़ार में विक्रय की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में ही लगभग 600 से अधिक फार्मा कंपनियां कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि बी.फार्मा, एम.फार्मा करने वाले युवाओं का भविष्य प्रदेश में सुरक्षित है। ऊना ज़िला में बल्क ड्रग पार्क तथा सोलन ज़िला में मेडिकल डिवाइस पार्क का निर्माण किया जा रहा है इसके बनने से हजारों युवाओं को बेहतर रोज़गार उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार व्यवसायिक शिक्षा प्रदान कर युवाओं को रोज़गार के बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए कार्यरत है।
हर्षवर्द्धन चौहान ने उपस्थित छात्रों से आग्रह किया कि छात्र जीवन को अपना लक्ष्य निर्धारित करने के लिए समर्पित करें और नशे से दूर रहकर बेहतर समाज के निर्माण में योगदान दें।
उद्योग मंत्री ने इससे पूर्व शूलिनी विश्वविद्यालय में बने ए.आई. फ्यूचर सेंटर का अवलोकन भी किया। उन्होंने खाद्य कैफेटेरिया नवाचार केंद्र में खाद्य प्रसंस्करण केंद्र का शुभारंभ भी किया। इस खाद्य प्रसंस्करण केंद्र में ड्राई खाद्य व जूस, सॉस, जैम आदि उत्पाद तैयार किए जाएंगे यह केंद्र विश्वविद्यालय द्वारा लगभग 75 लाख रुपए से निर्मित किया गया है। उद्योग मंत्री ने इससे पूर्व विश्वविद्यालय के प्रांगण में रुद्राक्ष का पौधा भी रोपित किया। शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. खोसला ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और विश्वविद्यालय के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि उद्योग मंत्री के निर्देश पर शीघ्र ही शिमला में विश्वविद्यालय तथा उद्योगपतियों के मध्य बैठक आयोजित करवाई जाएगी। यह बैठक छात्रों की कुशलता में सुधार तथा रोज़गार एवं स्वरोज़गार की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
इस अवसर पर शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सुनील पुरी, शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रो चांसलर विशाल आनन्द, एस.डी. मेहता, सरोज खोसला, ज़िला उद्योग केन्द्र सोलन के महाप्रबंधक सुरेंद्र ठाकुर, उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल सहित अन्य अध्यापक, छात्र एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

भारतीय प्राणी सर्वेक्षण सोलन ने मनाया स्वच्छता पखवाड़ा…

लाइव हिमाचल/सोलन : भारतीय प्राणी सर्वेक्षण सोलन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत सोलन शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम सोलन के सहयोग से सोलन के वार्ड नंबर 12 और सनी साइड में सुबह 8:00 बजे मैडम मेयर उषा शर्मा जी के साथ भारतीय प्राणी सर्वेक्षण सोलन के अधिकारियों में कर्मचारियों तथा नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा बढ़ चढ़कर इस सेवा श्रमदान में भाग लिया तत्पश्चात भारतीय प्राणी सर्वेक्षण सोलन की पूरी टीम प्रभारी अधिकारी डॉक्टर अवतार कौर सिद्धू के नेतृत्व में कालका शिमला यूनेस्को हेरीटेज साइट पर नॉर्दर्न रेलवे सोलन के अधीक्षक सुरेंद्र परमार वह डिप्टी अधीक्षक डी डी उपाध्याय के साथ मिलकर यूनेस्को हेरीटेज सोलन लाइन की सफाई में बढ़ चढ़कर भाग लिया प्रभारी अधिकारी महोदय ने बताया कि यह रेल मार्ग हिमाचल के संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक है और इसको स्वच्छ बनाए रखना हमारा कर्तव्य है इसी कर्तव्य के साथ आज भारतीय प्राणी सर्वेक्षण ने यूनेस्को हेरीटेज साइट को सुंदर साफ और स्वच्छ बनाने का निर्णय लिया है और इसमें भारतीय प्राणी सर्वेक्षण के सभी अधिकारी कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

नशे के खिलाफ युद्ध में ब्रह्माकुमारी संस्था बनी जिला प्रशासन की सहभागी…

लाइव हिमाचल/सोलन: नशा निवारण अभियान के अंतर्गत जिला मंडी में आज से अध्यापकों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम शुरू हुआ। इस मुहिम में ब्रह्माकुमारी संस्था जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण सहभागी बनी है। एक नवम्बर तक चलने वाले इस अभियान में जिले के 25 शिक्षा खंडों के राजकीय वरिष्ठ, उच्च और माध्यमिक स्कूलों के एक-एक अध्यापक को नशे के दुष्प्रभावों, रोकथाम और उपचार संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए जिला ब्रह्माकुमारी संस्था के सहयोग से 11 कार्यशालाएं आयोजित होंगी। जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त अपूर्व देवगन ने सद्भावना भवन, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय भ्यूली में दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आज आयोजित पहली कार्यशाला में मंडी सदर-1, सदर-2 और साईगलू शिक्षा खंडों के अध्यापक शामिल हुए। प्रतिभागियों को ‘व्यसन और इसके कारण’, ‘नशे की आंतरिक खुशी का विज्ञान’, ‘कलंक, निदान और उपचार की चुनौतियां’ तथा ‘पुनः नशे की ओर लौटना, स्वास्थ्य लाभ और जीवन में लचीलापन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि नशे के खिलाफ यह एक सतत युद्ध है, जिसे कानून और व्यवस्था के साथ-साथ जागरूकता के जरिए भी लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि इस दिशा में जिला प्रशासन को ब्रह्माकुमारी संस्था से मिल रहा सहयोग सराहनीय है और इसके लिए उन्होंने संस्था का धन्यवाद किया। उपायुक्त ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान केवल सरकार और प्रशासन के बलबूते पर सफल नहीं हो सकता, इसमें सिविल सोसायटी की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने अध्यापकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को नियमित रूप से नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते रहें और उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन दें। मंडी जिला से राजयोगिनी शीला दीदी ने कहा कि नशे की समस्या अत्यंत गंभीर है और इसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि अब बच्चों को मार-डांट कर सुधारने का समय बीत चुका है, उन्हें केवल प्यार और संवाद से ही सही दिशा दी जा सकती है। बच्चों को स्नेह और सकारात्मक वातावरण चाहिए, उसी के माध्यम से हम उन्हें नशे के प्रभाव से बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस जंग में समाज का सहयोग सबसे अहम है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिपाली शर्मा ने कहा कि अध्यापक समाज के स्तंभ हैं और बच्चों की व्यक्तित्व निर्माण में उनकी भूमिका निर्णायक होती है। यदि कोई बच्चा नशे की चपेट में आता है तो अध्यापक उसे सही मार्गदर्शन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बाहर निकाल सकते हैं। आईआईटी मंडी के मनोचिकित्सक और ब्रह्माकुमारी रिसर्च ग्रुप के सदस्य डॉ रमाजयम ने अध्यापकों को बच्चों की समस्याओं की पहचान करने और स्ट्रेस मैनेजमेंट पर विशेष बल दिया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से डॉ. पवनेश और पुलिस विभाग से डीएसपी दिनेश कुमार ने भी नशा निवारण संबंधी प्रयासों की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला कल्याण अधिकारी समीर और विभिन्न स्कूलों के अध्यापक उपस्थित रहे।

यह जागरूकता कार्यशालाएं क्रमवार पूरे जिले में आयोजित की जाएंगी। 26 सितम्बर को बल्ह-1, बल्ह-2 और सलवाहण के अध्यापक भंगरोटू भवन में, 27 सितम्बर को सुंदरनगर-1, सुंदरनगर-2 और निहरी के अध्यापक सुंदरनगर में, 3 अक्तूबर को द्रंग-2 के अध्यापक पधर (डला) में, 4 अक्तूबर को द्रंग-1, चौंतरा-1 और चौंतरा-2 के अध्यापक जोगिंदरनगर (ढेलू) में, 9 अक्तूबर को चच्योट-1 और चच्योट-2 के अध्यापक चौल चौक में, 11 अक्तूबर को धर्मपुर-1, धर्मपुर-2, गोपालपुर-1 और गोपालपुर-2 के अध्यापक सरकाघाट में, 16 अक्तूबर को बगस्याड़ खंड के अध्यापक बगस्याड़ में, 17 अक्तूबर को सराज-1 के अध्यापक जंजैहली में, 18 अक्तूबर को करसोग-1 और करसोग-2 के अध्यापक करसोग में तथा 1 नवम्बर को सराज-2 और औट के अध्यापक बालीचौकी में प्रशिक्षित किए जाएंगे।

नशे की रोकथाम के लिए एंटी-चिट्टा वालंटियर योजना होगी शुरू…

लाइव हिमाचल/शिमला: प्रदेश सरकार नशे की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान को और सशक्त बनाने के लिए एंटी-चिट्टा वालंटियर योजना (एसीवीएस) आरम्भ करने जा रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा मंडी जिले के सरकाघाट में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप पुलिस विभाग द्वारा एक विस्तृत प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। इस योजना के अन्तर्गत 1000 एंटी-चिट्टा वालंटियर तैनात किए जाएंगे जो पुलिस, जनता और अन्य हित धारकों के मध्य एक मजबूत सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। यह वालंटियर समाज और युवाओं को चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे, संदिग्ध गतिविधियों, हॉट-स्पॉट और अपराधियों की गुप्त रूप से जानकारी पुलिस को देंगे। यह स्कूलों, कॉलेजों व सामुदायों में जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। इसके अलावा यह रैलियों, नुक्कड़ नाटकों, सोशल मीडिया और जागरूकता अभियानों में सहयोग करेंगे तथा प्रभावित व्यक्तियों को परामर्श एवं पुनर्वास केंद्रों से जोड़ेंगे। योजना के तहत पंजीकृत स्वयंसेवियों को सेवाओं के लिए मानदेय भी प्रदान किया जाएगा। प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में पिछले अढ़ाई वर्षों में सरकार ने नशे के खिलाफ मुहिम को विशेष प्राथमिकता दी है। सरकार द्वारा इस संबंध में कई पहल की गई हैं। इस नई योजना से जमीनी स्तर पर खुफिया तंत्र सुदृढ़ करने, युवाओं और समाज में जागरूकता लाने, प्रभावित लोगों को बेहतर पुनर्वास सेवा प्रदान करने और पुलिस-जनता के मध्य सहभागिता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्त हिमाचल के ध्येय को साकार करना है।
उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों की सुरक्षा के दृष्टिगत इन्हें फील्ड आइडेनटिफिकेशन में शामिल नहीं किया जाएगा और पुलिस द्वारा इनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। संवेदनशील मामलों में इन्हें सुरक्षा भी प्रदान की जाएगी। इन स्वयंसेवकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा जिसमें एनडीपीएस एक्ट की मूल जानकारी, पुलिस प्रक्रियाएं और सामुदायिक सहभागिता के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री का कहना है कि पदभार ग्रहण करते ही प्रदेश सरकार ने नशे के विरूद्ध जंग शुरू की है और कई ठोस कदम भी उठाए हैं। प्रदेश सरकार ने स्वापक औषधि और मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम (पीआटीएनडीपीएस) लागू किया है जबकि पूर्व भाजपा सरकार ने ऐसा नहीं किया था। नशा माफिया की 42 करोड़ रुपये से अधिक की संपति जब्त की है और पुलिस भर्ती में चिट्टे की जांच अनिवार्य की है। प्रदेश सरकार युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने के लिए पिछले अढ़ाई वर्षों से निरंतर सकारात्मक प्रयास कर रही है।

दाड़गी स्कूल में NSS स्थापना दिवस पर स्वयंसेवकों ने दिया स्वच्छता का संदेश…

शिमला: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दाड़गी में एनएसएस स्थापना दिवस को स्वच्छता सेवा के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार वर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने विद्यालय परिसर से स्थानीय बाजार तक रैली निकाल कर स्वच्छता का संदेश दिया और सड़कों में बिखरे पॉलिथीन एवं कचरे को बोरी में डालकर चिन्हित स्थान पर दफन किया। साथ ही स्वयंसेवकों ने पुष्प वाटिका और किचन गार्डन में खिले फूलों, सब्जियों एवं औषधीय पौधों की निराई गुड़ाई करने के साथ-साथ संपूर्ण परिसर की सफाई भी की। इस मौके पर स्वयंसेवकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये। कार्यक्रम की शुरुआत एनएसएस गीत के माध्यम से हुई। जिसका सभी विद्यार्थियों ने एक स्वर में गायन किया। स्नेहा और सखियों ने हम होंगे कामयाब गीत गाकर दर्शक दीर्घा में बैठे विद्यार्थियों को मंत्र मुग्ध कर दिया। वही 12वीं कक्षा की छात्रा दीक्षा वर्मा, नीलम, प्रवीण, पंकज ,भावना, प्रिया,रितिका और  कृतिका ने नशा उन्मूलन एवं स्वच्छता पखवाड़े पर अपने विचार रखें। वहीं इस कार्यक्रम प्रभारी धर्म प्रकाश वर्मा ने कहा कि छात्रों को राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़कर समाज में अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। इस मौके पर वरिष्ठ प्रवक्ता खूब राम वर्मा, विजय पंत, संजीव कुमार, प्यार सिंह, प्रवीण कुमार सहित सभी शिक्षक एवं गैर शिक्षक कर्मचारी मौजूद  रहे।

दो NH समेत 320 सड़कें अभी भी बंद, राजस्व मंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना…

लाइव हिमाचल/शिमला: हिमाचल प्रदेश में बरसात का दौर भले ही थम गया हो, लेकिन मुसीबतें अभी भी कम नहीं हुई हैं। सामान्य जनजीवन पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाया है। प्रदेश में अब भी 2 राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) समेत 320 सड़कें यातायात के लिए ठप हैं। इसके अलावा 46 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं और 69 पेयजल परियोजनाएं प्रभावित हैं। अब तक कुदरत के कहर से 454 लोगों की मौत हो चुकी है, 498 घायल हुए हैं जबकि 50 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने शिमला में जानकारी देते हुए बताया कि सेब सीजन के दौरान अब तक 1 करोड़ 90 लाख पेटियां मंडियों तक पहुंच चुकी हैं, जबकि एचपीएमसी (HPMC) ने 60 हजार मीट्रिक टन सेब खरीदा है। विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए नेगी ने कहा कि सेब केवल लाहौल-स्पीति में प्रभावित हुआ क्योंकि नॉर्थ पोर्टल में सड़क बंद होने से बागवानों को परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने कहा कि यह सड़क बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) के अधीन है, इसलिए विपक्ष को सरकार पर आरोप लगाने की बजाय केंद्र से जवाब मांगना चाहिए। जीएसटी सुधार पर भाजपा के अभियान को भ्रामक बताते हुए मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 11 साल तक जनता को जीएसटी के नाम पर लूटा और अब चुनावी माहौल में राहत देने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम भी कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद कम नहीं किए गए। भाजपा को इस लूट का जवाब देना चाहिए, न कि लोगों को गुमराह करना चाहिए।

हिमाचल प्रदेश में मानसून की विदाई, जानिए आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम ?

शिमला: हिमाचल प्रदेश से मानसून की विदाई का क्रम शुरू हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार बुधवार को प्रदेश के आठ जिलों  चंबा, कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन, सिरमौर और मंडी से मॉनसून रुखसत हो गया है। शेष जिलों से अगले दो दिनों में पूरी तरह से मानसून की विदाई हो जाएगी। मौसम विभाग ने बताया कि आज से अगले छह दिनों तक यानी 30 सितम्बर तक प्रदेश भर में मौसम आमतौर पर साफ बना रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। इस साल हिमाचल प्रदेश में मानसून सामान्य से 42 प्रतिशत अधिक सक्रिय रहा। लाहौल-स्पीति को छोड़कर सभी जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। शिमला जिला में तो सामान्य से लगभग दोगुनी यानी 99% अधिक बारिश दर्ज हुई। कुल्लू में 97%, बिलासपुर में 79% और मंडी में 76% अधिक वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने साफ मौसम की स्थिति से राहत की उम्मीद जताई है, जिससे सेब सीजन सहित अन्य गतिविधियों को सुगमता मिलेगी।

पैसे का भुगतान नहीं करने पर हाईकोर्ट ने शिक्षा निदेशक का रोका वेतन, जानिए क्या है पूरा मामला ?

लाइव हिमाचल/शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा निदेशक शिमला का वेतन अगले आदेश तक रोकने के आदेश दिए हैं। यह आदेश न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि 10 जून 2024 को कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया था। उस आदेश में प्रतिवादी राज्य सरकार को सहायता अनुदान (ग्रांट-इन-एड) का भुगतान आठ हफ्ते में करने का आदेश दिया था। अंतिम फैसला आने के बावजूद अब तक आदेश का पालन नहीं किया गया है। यह मामला वर्ष 2014 से लंबित है और उच्च-वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत एसएमसी शिक्षकों का है। याचिकाकर्ता ने बताया कि आदेश लागू करवाने के लिए उन्होंने दो निष्पादन याचिकाएं भी दायर की थीं। इसके बावजूद राज्य सरकार और संबंधित विभाग ने आदेश को लागू करने में टालमटोल की।