राजकीय आदर्श महाविद्यालय अर्की का पारितोषिक वितरण समारोह आयोजित…

शिक्षा ही सर्वोत्तम धन : संजय अवस्थी

सोलन: अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि शिक्षा ही वास्तविक अर्थों में सर्वोत्तम धन है और प्रदेश सरकार हिमाचल के प्रत्येक युवा को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने को प्रतिबद्ध है। संजय अवस्थी आज अर्की के राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय में आयोजित वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। संजय अवस्थी ने कहा कि निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण है पुनः प्रयास करते रहना। उन्होंने कहा कि सफलता का सफर कठिन है परन्तु परिश्रम करते रहने से इसे पाया जा सकता है। उन्होंने छात्रों को अपनी असफलता से प्रेरणा लेकर मेहनत करते हुए आगे बढ़ने की सलाह दी। विधायक ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के वर्तमान युग में केवल अंक प्राप्त करना ही आवश्यक नहीं बल्कि सक्षम व योग्य बनना अधिक आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सफल होने के लिए आधुनिक तकनीक का ज्ञान होना अनिवार्य है ताकि युवा न केवल रोज़गार प्राप्त कर सके अपितु रोज़गार प्रदाता भी बन सके। संजय अवस्थी कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के सभी स्तरों को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रही है। प्राथमिक स्तर पर जहां प्रथम कक्षा से अंग्रेजी माध्यम से बच्चों को शिक्षित किया जा रहा है वहीं प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में स्थापित होने वाले राजीव गांधी डे बेार्डिंग स्कूल युवा पीढ़ी को आधुनिक मानकों के अनुरूप शिक्षित करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उच्च स्तर पर बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध करवाने की दिशा में अग्रसर है। युवाओं को रोज़गार परक शिक्षा प्रदान करने पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को राजनीति को अपना लक्ष्य बनाने की ओर भी ध्यान देना चाहिए। आज का युवा बेहतर सोच और तकनीक का जानकार है और राजनीति के माध्यम से युवा देश और प्रदेश को विकास के पथ पर आगे ले जाने में बेहतर भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वह नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहें। उन्होंने कहा कि नशा क्षणिक सुख प्रदान कर सकता है किंतु दीर्घावधि में नशे से केवल हानि होती है। विधायक ने समारोह के सफल आयोजन के लिए महाविद्यालय प्रबंधन एवं समस्त विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थी अपनी संपूर्ण ऊर्जा व समय का सदुपयोग अपने भविष्य निर्माण में करें।
उन्होंने महाविद्यालय प्रबंधन को अपनी ऐच्छिक निधि से 21 हजार रुपए की राशि देने की घोषणा की। विधायक ने इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को पुरस्कृत भी किया। इस अवसर पर छात्रों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।


इससे पूर्व राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय अर्की की प्राचार्या सुनीता शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। विधायक ने इस अवसर पर लोगों की समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश कश्यप, नगर पंचायत अर्की के उपाध्यक्ष पदम देव कौशल व पार्षदगण, ग्राम पंचायत चम्यावल की प्रधान निर्मला देवी, कांग्रेस पार्टी के राजेन्द्र रावत, रोशन वर्मा, सुरेन्द्र पाठक, रोशन लाल बंसल, उपमण्डलाधिकारी अर्की निशांत तोमर, अभिभावक-प्राध्यापक संघ की अध्यक्ष ममता शर्मा व उपाध्यक्ष ज्योति गुप्ता, छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष भीम सिंह ठाकुर, विभिन्न विभागों के अधिकारी सहित अध्यापक व विद्यार्थी इस अवसर पर मौजूद थे।

एफआईआर का फैसला जल्द वापिस ले सीएम, नहीं तो राज्य में होंगे आंदोलन : त्रिलोक कपूर

लाइव हिमाचल/धर्मशाला: भाजपा के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक कपूर ने आज धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान  कांग्रेस सरकार पर हमला बोला, त्रिलोक कपूर ने कहा कि प्रदेश सरकार में एक ऐसे बेलगाम मंत्री है, जिनकी हरकतों व बदजुबानी को पिछले अढ़ाई साल से जनता झेल रही हैं। मंत्री की जुबान पर जल्द लगाम न लगाने पर राज्य भर में बड़े आंदोलन किए जाएंगे। त्रिलोक कपूर ने कहा कि मंत्री राजस्व व बागबानी का जिम्मा संभाल रहे है, लेकिन हर मोर्चे पर विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सहित मंडी के सराज में भयंकर तबाही हुई है, जिससे समस्त जनता जूझ रही है, 30 से अधिक अपने लोगों को हमने खो दिया, जबकि मंत्री सचिवालय में बैठकर पूर्व मुख्यमंत्री को कहते हैं कि अपने पांवों में कांटे चुभने की बेतुकी बात करते हैं। साथ ही मंत्री पीड़ित लोगों में से 65 पर एफआईआर दर्ज करके ओर दुखी किया जा रहा है। उन्होंने सीएम से मांग रखी है कि इस एफआईआर को जल्द से जल्द निरस्त किया जाए। वरना ऐसा न करने पर प्रदेश स्तर पर आंदोलन चलाया जाएगा। कपूर ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर हर आपदा के स्थान में पहुंचकर जरूरी मदद उपलब्ध करवाने के लिए डटे हुए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल की अध्यक्षता में कई टोलियां बनाकर राशन किटे व जरूरी सामान पहुँचाने का काम किया है। साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौके पर पहुंचे व केंद्रीय मदद के लिए कदम आगे बढ़ाया है। जबकि राजस्व मंत्री वँहा बैठकर राहत व बचाव कार्य चलाने की बजाय 25 दिनों तक सचिवालय में ही बैठे रहे। लोगों के आवाज उठाने पर राजस्व मंत्री आखिर 25 दिनों के बाद आपदा प्रभावित क्षेत्र पहुंचे, जिस पर लोगों की समस्या सुनते हुए उन्हें मदद न करने की बात तक कह दी। भाजपा महामंत्री ने बागबानी के कॉलेज को न बदलने की बात भी मंत्री से रखी। बावजूद इसके पीड़ित लोगों से किसी भी हाल में बदलने की बात कह डाली। त्रिलोक ने कहा कि पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल व जयराम के जाने पर भी काले झड़े दिखाकर घेराव किया था, जबकि आज झंडे का सहारा लेकर जनता को दबाया जा रहा है। उन्होंने सीएम सुक्खू से सवाल उठाए हैं कि आखिर क्यों वह ऐसे मंत्री व हरकत बर्दास्त की जा रही है। प्रदेश में हरे-भरे सेब के पेड़ों पर आरी चला दी गई है, जोकि बागबानी मंत्री की कमी के कारण हुआ है। कोर्ट तक में सरकार व मंत्री से बात सही प्रकट नहीं की गई।

भारत किसी भी परमाणु धमकी के आगे झुकने वाला नहीं : राजनाथ सिंह

Operation Sindoor : पिछले 1 सप्ताह के बाद आज ऑपरेशन सिंदूर पर 16 घंटे की महाबहस रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के भाषण के साथ शुरू हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा, “मैं देश के उन वीर सपूतों, बहादुर सैनिकों को नमन करता हूं जो राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा के लिए बलिदान देने से कभी पीछे नहीं हटे, मैं उन सैनिकों की स्मृति को भी नमन करता हूं जिन्होंने भारत की एकता, अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। मैं पूरे देश की तरफ से सभी जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।

लोकसभा से केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संबोधन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई केवल सीमा पर नहीं है बल्कि वैचारिक मोर्चों पर भी लड़ी जा रही है। इसी उद्देशय से प्रधानमंत्री ने कई प्रतिनिधिमंडलों का गठन किया था जिसमें हमारे अधिकांश पार्टी के सांसद शामिल थे। सचमुच इस समूह ने वैश्विक मंचों पर जाकर भारत की बात बहुत प्रभावी तरीके से रखी और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन को उन्होंने मजबूत किया। मैं उन सभी सम्मानित सदस्यों के प्रति शीश झुकाकर आभार व्यक्त करना चाहता हूं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में चर्चा के दौरान कहा, “भारत के लिए शांति हमारी प्राथमिकता है और हमारी शक्ति उसका आधार है। यह शक्ति हमारे सामर्थ से पैदा हुई है और यह सामर्थ पिछले 11 साल में कई गुना बढ़ गया है… आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार 2028 तक विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर भारत चल चुका है।

ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “हमारी सरकार ने भी पाकिस्तान के साथ शांति स्थापित करने के लिए कई प्रयास किए हैं। लेकिन बाद में, 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक और 2025 के ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से, हमने शांति स्थापित करने के लिए एक अलग रास्ता अपनाया है। नरेंद्र मोदी सरकार का रुख स्पष्ट है – बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते”

ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “जब हमने 1971 के युद्ध में पाकिस्तान को सबक सिखाया था, मैं उस समय की सरकार को बधाई देता हूं। हमने तब अपने राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व की प्रशंसा की थी। हमने यह नहीं देखा कि वह किस पार्टी की सरकार थी या क्या विचारधारा थी। हमारे नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने संसद में उस समय के नेतृत्व की प्रशंसा की थी… हमने यह नहीं पूछा कि उन्हें(पाकिस्तान) सबक सिखाते समय कितने भारतीय विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए, कितने उपकरण बर्बाद हुए, हमने तब भी यह सवाल नहीं पूछा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में चर्चा के दौरान कहा, “कभी-कभी हमारे प्रतिपक्ष के लोग यह पूछते रहे हैं कि हमारे कितने विमान गए? मुझे लगता है कि उनका यह प्रश्न हमारी राष्ट्रीय जनभावनाओं का सही से प्रतिनिधित्व नहीं कर रहा है। उन्होंने एक बार भी हमसे यह नहीं पूछा कि हमारी सेनाओं ने दुश्मन के कितने विमान मार गिराए? यदि उन्हें प्रश्न पूछना ही है तो उनका प्रश्न यह होना चाहिए कि क्या भारत ने आतंकवादी ठिकानों को तबाह किया तो उसका उत्तर है, हां। मैं विपक्ष के साथियों से कहना चाहता हूं कि आपको यदि प्रश्न पूछना है तो यह प्रश्न पूछिए कि क्या ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा तो उसका उत्तर है हां। राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन केवल रोका गया है समाप्त नहीं किया गया। अगर पाकिस्तान की ओर से भविष्य में कोई भी दुस्साहस हुआ तो यह ऑपरेशन दोबारा प्रारंभ होगा… 10 मई को पाकिस्तान के DGMO ने भारत के DGMO से संपर्क किया और भारत से सैन्य कार्रवाई को रोकने की अपील की। 12 मई को दोनों देशों के DGMO के बीच औपचारिक संवाद हुआ और दोनों पक्षों ने सैन्य कार्रवाई पर विराम लगाने का निर्णय लिया। लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “इस ऑपरेशन का उद्देश्य कोई युद्ध छेड़ना नहीं था… 10 मई की सुबह, जब भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कई हवाई क्षेत्रों पर करारा प्रहार किया, तो पाकिस्तान ने हार मान ली और शत्रुता रोकने की कोशिश की। हमारे DGMO से बात की कि इसे रोक दीजिए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में चर्चा के दौरान कहा, “हमारी कार्रवाई पूरी तरह से आत्मरक्षा में थी, न तो उकसावे वाली थी और न ही विस्तारवादी। फिर भी, 10 मई, 2025 को लगभग 1:30 बजे तक, पाकिस्तान ने बड़े पैमाने पर भारत के ऊपर मिसाइलों, ड्रोन्स, रॉकेट्स और अन्य लंबी दूरी के हथियारों का उपयोग करके बड़े पैमाने पर हमला किया। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वॉर फेयर से जुड़ी तकनीक का भी सहारा लिया। उनके निशाने पर हमारे भारतीय सेना के अड्डे, थल सेना के एग्रेशन डीपो, हवाई अड्डे और मिलिट्री कैंप थे। यह कहते हुए मुझे गौरव की अनुभूति हो रही है कि हमारे यहां डिफेंस सिस्टम, काउंटर ड्रोन सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट ने पाकिस्तान के इस हमले को पूरी तरह से नाकाम कर दिया। पाकिस्तान हमारे किसी भी टारगेट को हिट नहीं कर पाया। हमारी सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद थी और हर हमले को हमारे द्वारा रोका गया। मैं इसके लिए भारतीय सेना के बहादुर सैनिकों की जमकर सराहना करता हूं, जिन्होंने दुश्मन के मंसूबों पर पानी फेर दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “भारत ने कार्रवाई इसलिए रोकी क्योंकि संघर्ष के पहले और उसके दौरान जो भी राजनीतिक और सैन्य लक्ष्य तय किए गए थे उसे हम पूरी तरह से हासिल कर चुके थे। इसलिए यह कहना कि ऑपरेशन किसी दबाव में रोका गया था यह बेबुनियाद और सरासर गलत है। ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “हमारी सेनाओं द्वारा किए गए समन्वित हमलों ने 9 आतंकवादी बुनियादी ढांचे के ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाया। एक अनुमान के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी, उनके प्रशिक्षक, उनके आका मारे गए, जिनमें से अधिकांश जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़े थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने से पहले, हमारी सेनाओं ने हर पहलू का गहराई से अध्ययन किया। हमारे पास कई विकल्प थे लेकिन हमने वह विकल्प चुना जिससे आतंकवादियों को अधिकतम नुकसान हो और जिसमें पाकिस्तान के आम नागरिकों को कोई नुकसान न हो। हमारी सेनाओं द्वारा किए गए समन्वित हमलों ने 9 आतंकवादी बुनियादी ढांचे के ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाया। एक अनुमान के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी, उनके प्रशिक्षक, उनके आका मारे गए, जिनमें से अधिकांश जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़े थे।

नशे को लेकर राज्यपाल की टिप्पणी से CM सुक्खू दिखे खफा, तिरंगे के अपमान पर BJP को भी घेरा…

लाइव हिमाचल/शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार और कांग्रेस पार्टी तिरंगे का अपमान बिल्कुल सहन नहीं करेगी। सीएम सुक्खू सोमवार को  शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के साथ सराज के थुनाग में किया गया व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। नेगी से चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी, एफआईआर दर्ज हो चुकी है। सीएम ने कहा कि राज्यपाल महोदय को हिमाचल पर टिप्पणी शोभा नहीं देती, वह सांविधानिक पद पर बैठे हैं। कहा कि हमारी सरकार ने नशाखोरी के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट लागू किया है। प्रदेश की 3,575 पंचायतों की मैपिंग की जा रही है ताकि धरातल पर नशा कारोबारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। राज्यपाल ने नशे को लेकर किस संदर्भ में टिप्पणी की है, उनसे मुलाकात कर बात की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार चार दिन कैबिनेट बैठकें करना व्यवस्था परिवर्तन का जीवंत उदाहरण है। इन बैठकों के जरिये आत्मनिर्भर हिमाचल की नींव को और मजबूत किया जाएगा। यह बैठकें रोजाना महज 2 घंटे चलने वाली नहीं हैं, इनमें विभिन्न एजेंडों पर विस्तृत चर्चा होगी। बैठक में आपदा राहत पैकेज के अलावा आत्मनिर्भर हिमाचल के लिए विभिन्न फैसले लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सांसद, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में दिल्ली में विभिन्न मंत्रियों से मुलाकात कर रहे हैं, अच्छा होता 2023, 2024 में जब पूरा प्रदेश आपदाग्रस्त था उस समय भी मिलते और पीडीएनए की राशि लाते। सुक्खू ने कहा कि हिमाचल सरकार भी नड्डा की अध्यक्षता में केंद्र सरकार से मिलने को तैयार है, लेकिन जिन लोगों की जमीन आपदा में बह गई है, उन्हें बसाने के लिए वन भूमि प्रदान करने के लिए केंद्र से छूट मिलनी चाहिए।

HPCL डिपो के पास अवैध तेल भंडारण का भंडाफोड़, 5800 लीटर पेट्रोल-डीज़ल जब्त

सोलन : बद्दी पुलिस ने पेट्रोलियम पदार्थों की अवैध बिक्री और भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 5800 लीटर पेट्रोल और डीज़ल जब्त किया है। यह कार्रवाई दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों नालागढ़ और मानपुरा में की गई, जिसमें पुलिस ने तीन टैंकरों व कई ड्रमों से बड़ी मात्रा में तेल बरामद किया। इस मामले में पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 287 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस उप-अधीक्षक नालागढ़ के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने पिछले कल गांव डाडी कनियां स्थित HPCL डिपो के समीप दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। पहली कार्रवाई में पुलिस ने राज कुमार पुत्र स्वामी लाल निवासी गांव प्लेट, तहसील नालागढ़ की पार्किंग से टैंकर नंबर HP-28C-1222 में रखा 600 लीटर पेट्रोल बरामद किया। वहीं, दूसरी छापेमारी में गुरदीप पुत्र राम आसरा, निवासी डाडी कनियां की पार्किंग में रखे दो प्लास्टिक ड्रमों से 400 लीटर डीज़ल जब्त किया गया। पुलिस उप-अधीक्षक बद्दी की अगुवाई में गांव निचला खेड़ा में की गई कार्रवाई में मेजर सिंह पुत्र करनैल सिंह, निवासी निचला खेड़ा के कब्जे से टैंकर नंबर HP-25A-5818 से 3300 लीटर डीज़ल बरामद हुआ। इसके अलावा, मौके से दो ड्रमों में रखे गए 150-150 लीटर डीज़ल भी जब्त किए गए।इससे पहले 19 जुलाई 2025 को भी पुलिस ने इसी HPCL डिपो के पास स्थित पार्किंग से सुरेन्द्र पाल उर्फ गोला, निवासी जिला रोपड़ (पंजाब) के कब्जे से टैंकर PB-13U-0473 से 800 लीटर पेट्रोल और पानी की टंकी में रखे 400 लीटर पेट्रोल जब्त किए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये तेल अवैध रूप से जमा कर काला बाज़ारी के लिए बेचा जा रहा था।

सुप्रीम-कोर्ट ने सेब के पेड़ काटने पर लगाई रोक, हिमाचल में आगामी आदेशों तक वन भूमि पर नहीं चलेगी आरी…

लाइव हिमाचल/शिमला : देश की सर्वोच्च अदालत में हिमाचल में सेब के पेड़ों के कटान पर रोक लगा दी है। वन भूमि पर लगाए गए सेब के पेड़ों को राज्य सरकार देखेगी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि सरकारी भूमि पर कब्जा कर लगाए गए पेड़ों से फलों की नीलामी करनी होगी। सेब के पौधे काटे नहीं जाएंगे। शिमला के पूर्व उपमहापौर टिकेंद्र सिंह पंवर ने एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर हाईकोर्ट के पेड़ कटान के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद इस पर फैसला आया है कि सेब के पेड़ों को न काटा जाए। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सेब के कटान पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के बाद ऊपरी शिमला के कई हिस्सों में वन भूमि पर लगाए गए सेब के पेड़ों का कटान किया जा रहा था। फलों से लदे हजारों सेब के पौधे काट दिए गए हैं व अभी भी प्रक्रिया जारी है। अब उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद इस पर रोक लग गई है। प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर करीब 4500 सेब के पौधे काटे जा चुके हैं। करीब 3800 बीघा वन भूमि में लगाए गए पौधों को काटने का आदेश था, जो अब नहीं काटे जाएंगे। फलों से लदे पेड़ों को काटने का लोग विरोध कर रहे थे। लेकिन वन विभाग हाईकोर्ट के निर्देश अनुसार लगातार कार्रवाई कर रहा था। इस मसले पर वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष चंद्रन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता की ओर से मामले की पैरवी की है।

पीएम मोदी से मिले नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, प्रदेश में आपदा से हुए नुकसान की दी जानकारी; प्रधानमंत्री से मांगी विशेष मदद…

लाइव हिमाचल/शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी को हिमाचल प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान के बारे में अवगत करवाया। जयराम ठाकुर ने इस आपदा में जिन लोगों के घर व जमीनें भी बह गईं अब उनके पास घर बनाने की भी जगह नहीं बची है। ऐसे में उन्हें जमीन देने के लिए जमीन देने के लिए पीएम मोदी से वन संरक्षण कानून में रियायत देने का आग्रह किया। जयराम ठाकुर ने पीएम मोदी को बताया कि इस आपदा में लोगों के घर ही नहीं उनकी जमीनें भी बह गईं और अब उनके पास घर बनाने की भी जगह नहीं बची है। ऐसे में उन्हें जमीन देने के लिए ’वन संरक्षण कानून‘ में रियायत देने का आग्रह किया। साथ ही पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए ’एरिया स्पेसिफिक’ राहत पैकेज देने और प्रदेश में बार-बार आ रही प्राकृतिक आपदा के कारणों के अध्ययन के लिए भी पीएम मोदी से आग्रह किया। आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्य में हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद भी किया। पीएम मोदी ने आपदा से हुए नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी ली और आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में पुनर्निर्माण और पुनर्वास में हर संभव सहयोग देने का विश्वास जताया।

जम्मू-कश्मीर में सेना ने शुरू किया ‘ऑपरेशन महादेव’, दाछीगाम के जंगलों में तीन आतंकी ढेर, सर्च अभियान जारी

Operation Mahadev : जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन महादेव के तहत सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया, जहां तीन आतंकियों की मौजूदगी की आशंका थी. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एनकाउंटर के दौरान सेना ने सभी तीनों आतंकियों को मार गिराया है. पहलगाम आतंकी हमले के पीछे इन्हीं तीन संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकियों का हाथ बताया जा रहा … Read more

एचआईवी के सक्रिय मामलों में कांगड़ा प्रदेशभर में सबसे आगे…

शिमला: हिमाचल प्रदेश में एड्स के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अकेले कांगड़ा जिले में मौजूदा समय में 1,576 लोग एचआईवी संक्रमण के साथ जी रहे हैं। इसके अलावा 1037 लोगों के साथ हमीरपुर दूसरे स्थान पर है। वहीं, प्रदेश भर में 5,657 लोग हैं, जो एचआईवी संक्रमण के साथ जी रहे हैं। कुल मामलों में से 26.61 फीसदी मामले केवल कांगड़ा जिले से संबंधित हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सबसे अधिक मामले युवाओं में पाए जा रहे हैं। प्रदेश में 28 से 45 आयु के लोग इस बीमारी से ज्यादा ग्रसित हैं। इसका मुख्य कारण असुरक्षित यौन संबंध और सुई से नशा करना बताया जा रहा है। प्रदेश में सुई से लिए जाने वाले नशे के कारण भी एचआईवी के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। एक ही सुई को एक से अधिक युवा नशे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे एचआईवी के साथ हेपिटाइटिस बी और सी के मामले भी बढ़ रहे हैं। अचानक से प्रदेश में बढ़ने नशे के प्रचलन के कारण समाज के साथ स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है। पिछले साल जिला कांगड़ा में अकेले नूरपुर क्षेत्र में काला पीलिया के 34 के करीब मामले जांच में सामने आए थे, जिसका मुख्य कारण सुई के जरिये नशा लेना था। जानकारी के अनुसार हिमाचल में 1990 के दशक में एचआईवी का पहला मामला हमीरपुर जिले से सामने आया था। इसके बाद एचआईवी धीरे-धीरे प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी पैर पसारने लगा। उस समय प्रदेश में एड्स कंट्रोल सोसाइटी अस्तित्व में आई थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर एचआईवी के प्रति जागरुकता के लिए काफी कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन फिर भी जांच कम होने से एचआईवी संक्रमण की बढ़ती समस्या का सही से पता नहीं चल पा रहा है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश सूद ने बताया कि इन मामलों में कांगड़ा सबसे आगे है। जिले में 1,576 की ओर से जल्द दो माह का एचआईवी एड्स जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के साथ एचआईवी जांच करवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। लोग संक्रमण के साथ जी रहे हैं।

किस जिले में कितने मामले

जिला            मामले          प्रतिशतता
बिलासपुर        449           7.58%
चंबा             157            2.65%
हमीरपुर          1,037        17.51%
किन्नौर           29             0.49%
लाहौल-स्पीति    10             0.17%
कांगड़ा           1576          26.61%
कुल्लू             234          3.95%
मंडी              772          13.04%
शिमला           316           5.34%
सिरमौर           121           2.04%
सोलन           290            4.90%
ऊना              666           11.25%

विधायक राकेश जमवाल के पिता हृदयाल सिंह जमवाल का निधन…

लाइव हिमाचल/शिमला: हिमाचल प्रदेश भाजपा में शोक की लहर दौड़ गई है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और सुंदरनगर से विधायक राकेश जम्वाल के आदरणीय पिता मियां हरदयाल सिंह का रविवार शाम निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन से न केवल भाजपा परिवार बल्कि पूरे प्रदेश में गहरा दुख है। मियां हरदयाल सिंह अपने सरल और सम्मानित व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया जा रहा है जिन्होंने सादगी और शालीनता से जीवन जिया। भाजपा ने उनके निधन को पार्टी के लिए एक बड़ी और अपूरणीय क्षति बताया है। उनके निधन से एक ऐसे अभिभावक का साया उठ गया है, जिन्होंने अपने मूल्यों से कई लोगों को प्रेरित किया। जानकारी के अनुसार, मियां हरदयाल सिंह का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव पुंघ में पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा। इस दुखद घड़ी में, पूरा भाजपा परिवार और प्रदेश के अन्य गणमान्य व्यक्ति राकेश जम्वाल और उनके परिवार के साथ खड़े हैं।

PunjabKesari

कई वरिष्ठ नेताओं ने मियां हरदयाल सिंह के निधन पर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी विधायक राकेश जम्वाल के पिता हृदयाल सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। इसके अलावा भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सांसद अनुराग ठाकुर, संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल, वरिष्ठ नेता शांता कुमार, पूर्व अध्यक्ष सतपाल सत्ती, सांसद सुरेश कश्यप, डॉ. राजीव भारद्वाज, अभिनेत्री एवं भाजपा नेता कंगना रनौत, राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार, वरिष्ठ नेता हर्ष महाजन, इंदु गोस्वामी, मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, रणधीर शर्मा, महामंत्री बिहारी लाल शर्मा, त्रिलोक कपूर, विधायक त्रिलोक जमवाल, विनोद कुमार, दिलीप ठाकुर, प्रकाश राणा, संजीव कटवाल, पायल वैद्य, प्यार सिंह कंवर और सभी भाजपा प्रवक्ता व सह-मीडिया प्रभारी शामिल हैं।