HP IAS Promotion News: हिमाचल में 4 आईएएस अधिकारियों की प्रमोशन, पढ़ें किसे मिली कौन सी जिम्मेवारी..

शिमला: हिमाचल प्रदेश वन विभाग में पदोन्नत किए गए नौ रेंज वन अधिकारियों के तैनाती आदेश जारी किए गए हैं। रेंज अधिकारियों को पांच दिन के भीतर तैनाती के स्थान पर ड्यूटी ज्वाइन करनी होगी। विभिन्न वन परिमंडलों में लंबे समय से आरओ के पद खाली चल रहे थे। पदोन्नत रेंज अधिकारियों में सोलन लाल को लुहरी, महेंद्र सिंह राजगढ़, गुरदयाल सिंह भज्जी, रत्न सिंह चवाई, पूर्ण राम साच पांगी, वरयाम सिंह चुवाड़ी चंबा ,छोटू राम चौपाल, शांकिया राम को खुंडिया देहरा तैनात किया गया है। इस संबंध में सचिव वन अमनदीप गर्ग की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।

घर में उगाएं इलायची का पौधा, महक उठेगा आंगन, बेहद आसान है तरीका, बाजार से नहीं खरीदना पड़ेगा खुशबूदार हर्ब…

Cardamom Farming: इलायची गुणकारी और सुगंधित होती है. साथ ही ये खेती के दृष्टिकोण से यह एक बेहद लाभदायक है. इलायची भी बहुत से किसानों की खेती है. जिससे किसान भाई अच्छा लाभ प्राप्त करते हैं. बाजार में भी इलायची काफी अच्छे दामों में बिकती है. लेकिन हम आपको बताएंगे की कैसे आप अपने घर में इसको उगा सकते हैं और अपने हजारों रुपये बचा सकते हैं. यहां हम आपको बताएंगे की घर पर इलायची की खेती करने के लिए किन बातों कद ध्यान रखना जरूरी है.

ये चीजें हैं जरूरी

 

    • गमला

 

    • मिट्टी

 

    • बीज

 

    • खाद

 

    • पानी

 

कैसे घर में उगाएं पौधा

 

घर में इलायची का पौधा लगाने के लिए आप सबसे पहले एक गमला लें या फिर आप इसे किसी कंटेनर में भी लगा सकते हैं. कंटेनर में पौधे लगाने के बाद आप उसमें 50 फीसदी कोको पीट और 50 फीसदी वर्मीकम्पोस्ट मिट्टी की पोटिंग कर लें. इसके बाद आप गमले में बीज लगा दें और उसमें पानी डाल दें. पाने डालते समय उसकी सही मात्रा का ध्यान रखें. कुछ दिन बाद इलायची का पौधा पूरी तरह से तैयार हो जाएगा.

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

आप इलायची के पौधों को नियमित तौर पर पानी देते रहें. इस बात का विशेष ध्यान रखें कि ज्यादा पानी देने से इसकी जड़ सड़ सकती है. इसलिए केवल मिट्टी को नम रखने जितना पानी ही दें. इलायची के पौधों को उगाने के लिए सूर्य की अच्छी रोशनी की जरूरत होती है. लेकिन इस बात का ख्याल रखें कि पौधा सीधे सूरज के प्रकाश के संपर्क में न आए. इलायची के पौधे के लिए सही तापमान 20 से लेकर 30 डिग्री सेल्सियस तक होता है. ये तापमान इलायची के बीजों के अंकुरण के लिए अच्छा माना जाता है. जिस कारण इसे बोने का बढ़िया समय गर्मियों में होता है.

Himachal News: राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कोर ग्रुप से 31 तक मांगा संभावित प्रत्याशियों का पैनल, अलग से भी होगा सर्वे ….

शिमला: भाजपा कोर ग्रुप की बैठक देर शाम शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के होटल पीटरहॉफ में हुई। बैठक में पार्टी के कोर ग्रुप से राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 31 जनवरी से पहले लोकसभा चुनावों के लिए संभावित प्रत्याशियों का पैनल मांगा। प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम मुहर लगाने से पहले पार्टी अलग से सर्वे भी करवाएगी। अभिनंदन कार्यक्रम के बाद कोर ग्रुप की बैठक में 21 में से 18 सदस्य मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, प्रेम कुमार धूमल और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक के दौरान प्रदेश के तीन मौजूदा सांसदों का रिपोर्ट कार्ड मांगा गया। नड्डा ने सांसदों के कामकाज की दिल्ली से लाई सर्वे रिपोर्ट भी कोर ग्रुप के सामने रखी। बैठक में तय किया गया कि चुनावों में मोदी फैक्टर जीत का आधार होगा। सामूहिक प्रयास कर एकजुटता से पार्टी चुनाव लड़ेगी। पिछले दो लोकसभा चुनावों में चारों सीटें जीतने के बाद इस बार पार्टी हैट्रिक लगाएगी। बैठक में मोदी सरकार की योजनाएं और 10 साल की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाने का अभियान चलाने का फैसला लिया गया। कोर ग्रुप की बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन सहित कई बड़े पदाधिकारी भी मौजूद रहे। लोकसभा चुनाव लड़ने के सवाल को टाल गए। नड्डा ने शिमला के पीटरहॉफ में कार्यक्रम समाप्त होने के बाद शाम सवा पांच बजे मालरोड की सैर की। इस दौरान उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मौजूद रहे। सीटीओ चौक पर पहुंचने के बाद नड्डा ने काॅफी पीने की इच्छा जताई। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ इंडियन कॉफी हाउस में कॉफी की चुस्कियां लीं। इस दौरान आने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर भी खूब बातें चली। नड्डा के लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर भी बात हुई। नड्डा ने इस बात को जल्दबाजी में कहकर टाल दिया। उन्होंने कहा कि किसे किस सीट पर चुनाव लड़ना होता है, वह केंद्रीय चुनाव समिति तय करती है। 

JP Nadda Himachal Visit: बिना Ph.D वाले पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज को जेपी नड्डा ने आखिर क्यों कहा डॉक्टर ? दिलचस्प है कहानी, जानिए….

JP Nadda Visit Himachal Pradesh: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा अपने गृह राज्य हिमाचल के दौरे पर हैं. नड्डा ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से ही छात्र राजनीति की शुरुआत की और वह विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचे हैं. नड्डा की शिमला के साथ कई बेहतरीन यादें जुड़ी हुई हैं, जिसका जिक्र वो अलग-अलग मंचों से करते हुए भी नजर आते हैं.शिमला के होटल पीटर हॉफ में हुई जनसभा के दौरान जेपी नड्डा ने हिमाचल प्रदेश सरकार में शहरी विकास मंत्री रहे सुरेश भारद्वाज (Suresh Bhardwaj) को डॉ. सुरेश भारद्वाज कहकर संबोधित किया, जबकि सुरेश भारद्वाज न तो मेडिसिन डॉक्टर हैं और न ही पीएचडी हैं. कानून के साथ विधायी कार्यों की गहन समझ रखने वाले सुरेश भारद्वाज को आखिर जेपी नड्डा ने डॉक्टर क्यों कहा? यह हर किसी के लिए कौतूहल का विषय है. दरअसल, इसके पीछे एक बेहद दिलचस्प कहानी है. जेपी नड्डा और पूर्व शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज एक साथ हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करते थे. इस दौरान यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले सभी साथी एक-दूसरे को ‘डॉक्टर’ कहकर संबोधित करते थे. यह उपाधि विश्वविद्यालय की ओर से नहीं, बल्कि फूड मैस के कुक की ओर से सभी को दी गई थी. मैस इंचार्ज दिलबर हर उस छात्र को डॉक्टर कहकर संबोधित करते थे, जो विश्वविद्यालय में पांच साल से ज्यादा का वक्त पूरा कर लेता था. जेपी नड्डा और सुरेश भारद्वाज भी इसी श्रेणी के डॉक्टर में शामिल रहे. आज तीन दशक बाद भी यूनिवर्सिटी की तरह ही जगत प्रकाश नड्डा सुरेश भारद्वाज को डॉक्टर कहकर ही संबोधित करते हैं. इसी तरह हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और माकपा के नेता राकेश सिंघा को भी यूनिवर्सिटी के वक्त में डॉक्टर ही कहा जाता था. यह भी दिलचस्प है कि आज भी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में लंबे वक्त से पढ़ाई कर रहे छात्रों को बिना पीएचडी डॉक्टर की उपाधि दे दी जाती है.

एहसास क्लब कुनिहार के सौजन्य से हिम एकादश क्रिकेट प्रतियोगिता का किया गया आगाज…

सोलन: एहसास क्लब कुनिहार के सौजन्य से हिम एकादश क्रिकेट प्रतियोगिता का आगाज किया गया जिसमें प्रदेश की 64 टीमें भाग ले रही हे। इस प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर व्यापार मंडल कुनिहार के प्रधान धीरज ठाकुर ने मुख्यअतिथि के रूप में शिरकत की वही उनके साथ विशेष अतिथि के रूप में व् नरेंद्र कालरा ,व् समाजसेवी संस्था नव चेतना के अध्यक्ष कुलदीप कंवर ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई । इस अवसर पर सर्व प्रथम एहसास क्लब द्वारा स्वर्गीय राजेश ठाकुर जो की राजेश कम्पनी के ओनर रहे उनकी छायाचित्र पर पुष्प व् दिप प्रज्वलित कर की गई । इस अवसर पर महासचिव राहुल कंवर ने बताया कि बड़े भाई राजेश जी द्वारा ही इस मैदान में एक नेशनल स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिता की शुरुवात उनके द्वारा ही की गई थी जिसके हम सभी उनके आभारी हे और आज एहसास क्लब कुनिहार उन्हें अपना आदर्श मानते हुए उनके पथ चिन्हों पर चल कर इस प्रितियोगिता को उनके नाम से चला कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने जा रहे हे। वही एहसास क्लब के अध्यक्ष हरजिन्दर ठाकुर ने बताया कि बड़े भाई राजेश ठाकुर एक समाजसेवी भी रहे जिन्होंने हर क्षेत्र में अपनी सेवाएं दी है जिसे भुलाया न्हि जा सकता उनके एक प्रयास से कुनिहार मैदान में एक नेशनल स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिता हमे यही देखने को मिली और उनके इस प्रयास को अब एहसास क्लब कुनिहार आगे बढ़ाएगी । वही आज इस प्रतियोगिता का आगाज शिमला सुपर किंग और वाइट् ईगल सोलन के मैच से हुआ जिसमें सोलन की टीम में टॉस जित क्र पहले बल्लेबाजी कर लिया पहले बल्लेबाजी करते हुए वाइट ईगल सोलन की टीम ने 15 ओवर के मैच में 121 रन बनाए और शिमला सुपर किंग के सामने 122 रन का लक्ष्य रखा जिसमे शिमला सुपर किंग की तरफ से संजीव ने 45 रनो की नाबाद पारी खेल कर क्र अपनी टीम को 10वे ओवर में ही जीत दिला दी और अगले राउंड में प्रवेश किया। आज धीरज ठाकुर ने क्लब को इस तरह प्रतियोगिता करवाने और बधाई दी और कहा की इस तरह की प्रतियोगिता के होने से आज का युवा नशे से दूर रह सकता है हमारे जीवन में खेल का एक अपना ही महत्व है उन्होंने क्लब को अपनी तरफ से हर संभव सुविधा मुहैया करवाने की बात की ।इस अवसर पर कमेटी सदस्य मनोज गर्ग, रोहित ठाकुर, दलजीत कँवर,राहुल कँवर,विनीत ठाकुर, वैभव कँवर,मनीष ठाकुर,ऋषभ कँवर,पवन, मौजूद रहे

सीएम सुक्खू ने दिल्ली में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह से की भेंट

शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह से भेंट की। मुख्यमंत्री ने आर.के. सिंह के साथ राज्य में एसजेवीएन और एनएचपीसी द्वारा निष्पादित बिजली परियोजनाओं में विलंबित रॉयल्टी के कारण होने वाली राजस्व हानि के कारण प्रदेश के हितों की रक्षा के बारे में विचार-विमर्श किया। उन्होंने राज्य की विद्युत नीति के तहत मुफ्त बिजली देने का आग्रह किया तथा चालीस वर्ष के बाद यह परियोजनाएं राज्य को वापिस मिलने पर भी बल दिया।केंद्रीय मंत्री ने सैद्धांतिक रूप से सहमति व्यक्त की कि विद्युत परियोजनाओं में राज्य को कम से कम 12 प्रतिशत न्यूनतम रॉयल्टी मिलनी चाहिए। उन्होंने रॉयल्टी के मामले और राज्य सरकार की चिंता के अन्य सभी विषयों की समीक्षा एक स्वतंत्र प्राधिकरण के रूप में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के साथ दोनों पक्षों के अधिकारियों की टीम द्वारा करने का सुझाव दिया ताकि राज्य को इसका उचित हिस्सा मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री के आग्रह पर 20 जनवरी तक समीक्षा पूर्ण करने पर सहमति व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने राज्य में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट मीटरों की स्थापना को बढ़ाने के अलावा स्थापना की समय सीमा बढ़ाने और बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भारत सरकार द्वारा धन जारी करने की पूर्व शर्त के रूप में इसे न जोड़ने का भी आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने इसके लिए सहमति जताई। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री द्वारा प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के उनके दौरे के दौरान की गई घोषणाओं को पूरा करने का भी आग्रह किया। उन्होंने पांगी में 400 किलोवाट की दो सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए दस करोड़ रुपये जारी करने का भी आग्रह किया, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सहमति व्यक्त की। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, आवासीय आयुक्त मीरा मोहंती और मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया भी उपस्थित थे।

हर्षवर्धन चौहान ने कोटा पाब में की 50 लाख की घोषणाएं…

नाहन : उद्योग, संसदीय मामले एवं आयुष मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने अपने शिलाई विधानसभा क्षेत्र के प्रवास कार्यक्रम के दूसरे दिन कोटा-पाब में लोगों की जन समस्याएं सुनी। इस दौरान क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों के चुने हुए प्रतिनिधि व स्थानीय लोगों ने मंत्री से मुलाकात की तथा क्षेत्र की सामूहिक व व्यक्तिगत समस्याएं उनके समक्ष रखी। उद्योग मंत्री ने इनमें से अधिकांश समस्याओं का निपटारा मौके पर किया तथा अन्य को संबंधित विभागों को जल्द समाधान के लिए प्रेरित किया। उद्योग मंत्री ने इस अवसर पर अनेक घोषणाएं भी की उन्होंने कोटा पाब स्कूल भवन के लिए 25 लाख, उठाउ पेयजल योजना कांडी-क्याना के लिए 10 लाख, संपर्क सड़क पाब के लिए 5 लाख, महिला मंडल पाब के लिए 2 लाख तथा लिंक रोड कांडी से च्याली तक 5 लाख तथा महिला मंडल भवन कांडी के लिए 3 लाख रुपए देने की घोषणा की। इससे पूर्व उद्योग मंत्री शिलाई से कोटा पाब तक विभिन्न स्थानों पर रुके जहां से गांव के लोगों ने उनका स्वागत किया तथा अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत करवाया। उद्योग मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि शिलाई विधानसभा क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है जिसके लिए धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। आज शिलाई विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकासात्मक योजनाएं क्रियान्वित हैं जिनकी सुविधा शीघ्र ही क्षेत्र के लोगों को प्राप्त होगी। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र के विकास में स्थानीय लोगों के सहयोग की भी अपील कीं।

Himachal: हिमाचल फिर उठाएगा लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के कब्जे का मामला, बैठक के लिए भेजा प्रस्ताव

शिमला: हिमाचल प्रदेश की सीमा में लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के कब्जे का मामला अब उच्च स्तरीय बैठक में गूंजेगा। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने दोनों केंद्र शासित राज्यों के उच्च अधिकारियों को बैठक के लिए प्रस्ताव भेजा है। स्पीति में लद्दाख और चंबा में जम्मू-कश्मीर ने किया अवैध तौर पर कब्जा किया हुआ है। केंद्र सरकार के समक्ष भी बीते कई वर्षों से इस मामले को राज्य सरकार उठाती रही है लेकिन इसका कोई परिणाम नहीं निकला है। अब राज्य सरकार से दोनों केंद्र शासित राज्यों के साथ दोबारा चर्चा करने की योजना बनाई है। शुक्रवार को राज्य सचिवालय में मीडिया से बातचीत में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि पिछले कई वर्ष से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोग हिमाचल की सीमाओं में प्रवेश कर कब्जे कर रहे हैं। चंबा जिले में जम्मू-कश्मीर से लगते चुराह में कब्जे किए गए हैं जबकि लाहुल-स्पीति जिले के सरचू में लद्दाख के लोगों ने कब्जे किए हैं। इन मामलों को हल करने के लिए दोनों राज्यों के अधिकारियों से बैठक करने की तैयारी है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की सीमा के भीतर जम्मू-कश्मीर ने 10 किलोमीटर सड़क का निर्माण कर दिया है। वर्ष 2021 में भी हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के सीमांत क्षेत्र को लेकर चंबा प्रशासन और डोडा प्रशासन आमने-सामने आ चुका है।

इस दौरान बाकायदा खुंडी मराल में दोनों जिलों के अधिकारियों की बैठक भी हुई। हिमाचल ने सीमावर्ती क्षेत्र पधरी जोत को चंबा के सलूणी उपमंडल का हिस्सा होने का दावा किया है। डोडा प्रशासन के समक्ष 1854 से पहले के दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए हैं, जिस पर डोडा प्रशासन कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया। मनाली-लेह मार्ग स्थित हिमाचल की सीमा सरचू का विवाद भी बीते कई वर्षों से सुलझ नहीं सका है। सरचू में लद्दाख के अस्थायी कारोबारियों पर हिमाचल की सीमा में आकर कारोबार करने का आरोप है। हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रदेश और लेह-लद्दाख के सीमा विवाद का मामला गूंजा था। लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने कहा था कि लेह-लद्दाख शिंकुला में 35 किलोमीटर और सारचू में 14 किलोमीटर में हिमाचल की सीमा में अतिक्रमण कर चुका है। ऐसे में इन मामलों को लेकर अब प्रदेश ने कड़ा रुख अपनाने का फैसला लिया है।

हाटी मामले में मान्य होगा हाईकोर्ट का अंतिम फैसला : नेगी
जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा है कि हाटी के मामले पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का अंतिम फैसला मान्य होगा। अभी मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसको लेकर किसी भी प्रकार की टिप्पणी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने भारत सरकार से हाटी को जनजातीय दर्जा देने के मामले में कुछ स्पष्टीकरण मांगे थे। भारत सरकार से जवाब आने के तुरंत बाद प्रदेश सरकार ने जनजातीय का दर्जा देने की अधिसूचना जारी कर दी थी।

Himachal News: हिमाचल में टूटने लगा बेरोजगारों के सब्र का बांध, सूक्खू सरकार से लंबित भर्ती रिजल्ट घोषित करने की मांग…

शिमला: आपदा के दौरान हिमाचल प्रदेश को लगे जख्मों पर अब धीरे-धीरे मरहम लगाया जा रहा है. मजबूत इच्छाशक्ति वाला हिमाचल दोबारा अपने पैरों पर खड़ा होता हुआ नजर आने लगा है. इसी प्रदेश के कुछ ऐसे युवा भी हैं जो इसी मजबूत जब्बे के साथ अपने पैरों पर खड़ा तो होना चाहते हैं, लेकिन सरकार की ओर से भर्ती परीक्षा परिणाम घोषित न होने की वजह से यह युवा ऐसा कर पाने में नाकाम हैं. कई बार सरकार से बातचीत के बावजूद परीक्षा परिणाम है कि घोषित होने का नाम ही नहीं ले रहे.

सरकार जल्द घोषित करें परिणाम’
हिमाचल के युवा खासे इससे परेशान हैं. एबीपी लाइव को परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी सौरभ शर्मा ने बताया कि साल 2020 में JOA-IT- 817 की भर्तियां निकली. कुल 1 हजार 867 पदों के लिए प्रदेश भर के करीब 3.5 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी. जुलाई, 2021 में इसका रिजल्ट आया और 19 हजार 024 अभ्यर्थियों को टाइपिंग टेस्ट के लिए बुलाया गया.

 

क्या जान-बूझकर परिणाम घोषित करने में हो रही देरी?
भर्ती प्रक्रिया को कुछ अभ्यर्थियों के चुनौती देने के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. लंबी सुनवाई के बाद 9 नवम्बर, 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने साल 2020 के नियमों के आधार पर फैसला सुनाते हुए रिजल्ट जल्द घोषित करने के आदेश दिए, लेकिन अभी तक परिणाम नहीं आए हैं. अभ्यर्थियों का आरोप है कि राज्य सचिवालय में जान-बूझकर परीक्षा परिणाम घोषित करने में देरी की जा रही है. बता दें कि इस संबंधित पोस्ट कोड को लेकर विजिलेंस की जांच चल रही है. ऐसे में यह अभ्यर्थी कंडिशनल जॉइनिंग की मांग उठा रहे हैं.

तपोवन भी पहुंचे थे अभ्यर्थी
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान यह अभ्यर्थी प्रदर्शन करने के लिए विधानसभा के बाहर भी पहुंचे थे. इससे पहले भी कई बार राज्य सचिवालय पहुंचकर अपनी मांग सरकार को बता चुके हैं. भर्ती परीक्षा में शामिल हुए ज्यादातर अभ्यर्थी साधारण परिवार से संबंध रखते हैं. ऐसे में इन अभ्यर्थियों पर जल्द से जल्द अपने पैरों पर खड़ा होकर परिवार के पालन-पोषण की भी बड़ी जिम्मेदारी है.

टूटने लगा है युवाओं के सब्र का बांध!

लगातार समाज और घरवालों का दबाव भी बेरोजगार युवाओं को मानसिक प्रताड़ना देने वाला है. ऐसे में अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द लंबित भर्ती परीक्षा परिणाम घोषित करें, ताकि मेहनत कर रहे इन युवाओं को रोजगार मिल सके. लंबे वक्त से रिजल्ट का इंतजार कर रहे इन युवाओं के सब्र का बांध भी अब टूटने लगा है.

अरसे से लंबित पड़ी है भर्ती प्रक्रिया

गौरतलब है कि पिछले करीब चार साल से JOA- IT के पोस्ट कोड 903, 817 और 939 समेत कई अन्य कोड की भर्तियां लटकी हुई हैं. प्रदेश में कई अभ्यर्थी इन परीक्षाओं को पास कर चुके हैं. कुछ अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनका टाइपिंग टेस्ट भी क्लियर है. कुछ अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का तो सत्यापन तक भी हो चुका है. अब प्रदेश की सुक्खू सरकार से इन अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि अरसे से लंबित पड़ी भर्तियों में कुछ सकारात्मक परिणाम सामने निकल कर आएगा.

हिमाचल हाईकोर्ट में DGP मामले में बहस पूरी, फैसला सुरक्षित…

शिमला : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में शुक्रवार को डीजीपी संजय कुंडू मामले में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने डीजीपी संजय कुंडू और कांगड़ा की एसपी शालिनी अग्निहोत्री कॊ मौजूदा पद से हटाने के आदेश दिए थे। कुंडू को प्रदेश सरकार ने हटाने के आदेश भी दे दिए थे। लेकिन संजय कुंडू सुप्रीम कोर्ट में गए और उन्हें हटाने के आदेश पर रोक लगाने के लिए कहा।सुप्रीम कोर्ट ने डीजीपी को हटाने के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि हाईकोर्ट इस मामले में डीजीपी का पक्ष सुनें। संजय कुंडू और शालिनी अग्निहोत्री ने पिछले कल अपनी-अपनी रिकॉल एप्लीकेशन दी। जिसके तहत हाईकोर्ट में आज बहस हुई। बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है।चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस ज्योत्सना रेवाल दुआ की बैंच में आज इस मामले की सुनवाई पांच घंटे तक चली। डीजीपी के एडवोकेट ने एसपी  शिमला की जांच रिपोर्ट पर ही सवाल खड़े किए। इससे पहले पिछले कल की सुनवाई के दौरान डीजीपी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, हाईकोर्ट में रिकॉल एप्लीकेशन दी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने दो सप्ताह के भीतर रिकॉल एप्लीकेशन निपटाने के आदेश दे रखे हैं।