मां वैष्णो देवी जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी, 19 नवंबर को चांपा से चलेगी स्पेशल ट्रेन, तो जल्द करें बुकिंग…

जांजगीर चांपा: जय मां वैष्णोदेवी यात्रा सेवा समिति चांपा द्वारा माता वैष्णोदेवी के भक्तों के लिए 10वीं बार 18 बोगियों की एक स्पेशल ट्रेन 19 नवम्बर से चांपा से हरिद्वारवैष्णोदेवी और अमृतसर के लिए जाएगीऔर यह 26 नवंबर को चांपा वापस आएगी. इस स्पेशल ट्रेन में 15 स्लिपर कोच, 2 एसएलआर कोचऔर 1 पेंट्रीकार कोच समेत 18 बोगियां होंगी.

समिति द्वारा दीपावली त्योहार उपरांत छग से स्पेशल ट्रेन ले जाया जाता हैलेकिन छग विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी कार्यकर्ताओं एवं शासकीय कर्मचारियों के ड्यूटी पश्चात मतदान तिथी 17 नवम्बर के बाद 19 नवम्बर को स्पेशल ट्रैन ले जाए का निर्णय समिति द्वारा लिया गया है. मां वैष्णोदेवी यात्रा के लिए टिकट वितरण के लिए डिडवानिया कॉम्प्लेक्स चांपा में स्थित कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं. इस वर्षप्रति यात्री सहयोग राशि 8100 रुपए है और चाइल्ड (5 से 10 वर्ष) के लिए 4100 रुपए हैसाथ ही SLR के लिए 5100 रुपए निर्धारित किए गए हैं. जो भी इस यात्रा में शामिल होना चाहते हैंवे समय से पूर्व अग्रिम बुकिंग करा सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क करें: 9826175145, 8839059074, 9300044466.

इस यात्रा में दुर्गभिलाईरायपुरकवर्धाउड़ीसाजबलपुरइलाहाबादकटनीबिलासपुररायगढ़ सहित स्थानीय जिले के अधिकांश भक्त मां वैष्णो देवी के दरबार में मनोकामना सिद्धि के लिए अपनी अर्जी लगाने यात्रा में शामिल होते हैं. समिति के सदस्यों ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से मां वैष्णो देवी के दरबार में मनोकामना अर्जी लगाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है.
जय मां वैष्णोदेवी यात्रा सेवा समिति के द्वारा संचालित ट्रैन में सेवाधारी की एक जबरदस्त टोली है जो पूरी यात्रा के दौरान ट्रैन की सभी बोगियों में जमकर सेवा करते हैं. ट्रैन में भक्तिमय माहौल बनाए रखने के लिए छग के सुप्रसिद्ध जसगीत गायक देवेश शर्मा (रायगढ़) की पूरी टीम वैष्णो देवी दरबार तक कीर्तन भजन के साथ अनेक मनोरंजन के साधन उपलब्ध रहेंगे. मां वैष्णो देवी दरबार (कटरा) में जागरण का आयोजन भी किया जायेगा. साथ ही यात्रा के दौरान डॉक्टर्ससेवाधारी की टीमलजीज व्यंजन बनाने वालों केटर्स की स्पेशल टीम सभी साथ रहेंगे.ताकि यात्रा दौरान श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो.

इजरायल हमास युद्ध लाइव: बंधकों की रिहाई पर US का जोर, इजरायल पर जमीनी हमले में देरी करने का दबाव

इजरायल हमास युद्ध : आतंकवादी समूह हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल में अपने भयानक हमलों के दौरान अपहरण किए गए लगभग 200 बंधकों में से दो अमेरिकियों को शुक्रवार को रिहा कर दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजरायल के रक्षा बलों से अपने जमीनी हमले में देरी करने के लिए कहा है जिससे कि और अधिक बंधकों को रिहा कराया जा सके. इस बीच आईडीएफ ने हिजबुल्ला की एक चौकी पर हमला किया, जिसे एक आतंकवादी सेल चला रहा था. इसके अलावा लेबनान से इजरायल के हवाई क्षेत्र की ओर जाने वाले एक टारगेट को भी पहले ही रोक दिया गया था. हमास ने पिछले 2 हफ्ते में 6,900 रॉकेट दागे हैं. उसके हमले में अब तक इजरायल के 1,400 से अधिक लोग मारे गए हैं और 4,600 घायल हुए हैं.

पिछले 15 दिनों से इजरायल और फिलिस्तीनी चरमपंथी समूह हमास के बीच जारी जंग में फंसे गाजा के लोगों को मानवीय सहायता पहुंचाने की शर्तों को साफ करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सभी पक्षों के साथ काम कर रहा है. शुक्रवार को हमास ने दो अमेरिकी बंधकों- एक मां और बेटी को रिहा कर दिया. वहीं इजरायल के रक्षा मंत्रालय और इजरायल की सेना ने लेबनान सीमा के पास उत्तरी शहर किर्यत शमोना से नागरिकों को हटने के लिए कहा है. यह आदेश इस आशंका के बीच आया है कि इजरायल-हमास की जंग एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकती है.

ईरान समर्थित समूह हिजबुल्ला के गढ़ उत्तरी इजरायल और दक्षिणी लेबनान के बीच हाल के दिनों में गोलाबारी तेज हो गई है. अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी और सऊदी अरब ने अपने-अपने नागरिकों से लेबनान छोड़ने को कहा है. गाजा में आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि इजरायल अपने हवाई हमले और तेज कर रहा है. उसने इजरायल पर गाजा पट्टी के उत्तर, मध्य और दक्षिण में कई बसे हुए नागरिकों के घरों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है.

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इजरायली सेना ने पिछले 24 घंटों में 350 से अधिक नागरिकों को मार डाला है, जिससे पट्टी में मरने वालों की कुल संख्या 4,137 हो गई है. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि बड़ी संख्या में पीड़ित अभी भी नष्ट हुई इमारतों के मलबे के नीचे हैं. जिनमें संभावित 720 बच्चे भी शामिल हैं, जिनके लापता होने की सूचना मिली है. कई लोगों को डर है कि गाजा पट्टी पर इजरायल के जमीनी हमले से पहले से ही वहां गंभीर मानवीय संकट और भी बदतर हो सकता है.

ISRO Mission Gaganyaan LIVE: गगनयान मिशन को लेकर बड़ी खबर, रोका गया पहला उड़ान परीक्षण, जानिए क्या है वजह ?

दिल्ली. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के महत्वकांक्षी गगनयान मिशन (Gagnayaan Mission) के तहत पहले मानव रहित उड़ान परीक्षण को तकनीकी वजह से रोक दिया गया है. फिलहाल इसके कारण के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी गई है.

बता दें कि इसरो शनिवार सुबह 8 बजे ‘क्रू मॉड्यूल’ (जिसमें अंतरिक्ष यात्री सवार होंगे) और चालक बचाव प्रणाली से लैस रॉकेट को श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र के पहले प्रक्षेपण तल से रवाना करने वाला था. हालांकि फिर परीक्षण यान डी1 मिशन के तहत लॉन्च पैड से प्रक्षेपण के समय में बदलाव कर इसे सुबह साढ़े आठ बजे कर दिया गया. समय में बदलाव किए जाने का कारण के बारे आधिकारिक रूप से तो कोई जानकारी नहीं दी गई, लेकिन सूत्रों ने बताया कि बारिश और बादल छाए रहने के कारण ऐसा किया गया होगा.

समय में बदलाव की घोषणा के तुरंत बाद सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के मॉनिटर पर प्रदर्शित उल्टी गिनती कर रही घड़ी को हटा दिया गया. शुक्रवार शाम सात बजे से 13 घंटे की उल्टी गिनती शुरू की गई थी. परीक्षण यान मिशन का मकसद गगनयान मिशन के तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर वापस लाने के लिए क्रू मॉड्यूल और चालक बचाव प्रणाली के सुरक्षा मानकों का अध्ययन करना है.

गगनयान मिशन का लक्ष्य 2025 में तीन दिवसीय मिशन के तहत मनुष्यों को 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजना और उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाना है. शनिवार को, इसरो अपने परीक्षण यान – प्रदर्शन (टीवी-डी1), एकल चरण तरल प्रणोदन रॉकेट के सफल प्रक्षेपण का प्रयास करेगा. इस क्रू मॉड्यूल के साथ परीक्षण यान मिशन समग्र गगनयान कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.

श्रीहरिकोटा में गगनयान मिशन के तहत पहली परीक्षण उड़ान (टीवी-डी1 फ्लाइट टेस्ट) की लॉन्चिंग देखने के लिए वहां सुबह से ही दर्शक दीर्घा में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे.

इसरो ने शुक्रवार को अपनी वेबसाइट पर जानकारी दी, ’21 अक्टूबर को सुबह आठ बजे टीवी-डी1- परीक्षण उड़ान को प्रक्षेपित करने के लिए उल्टी गिनती शुक्रवार शाम सात बजे शुरू हो गई है.’ इसरो ने बताया कि इस परीक्षण उड़ान की सफलता शेष परीक्षणों और मानवरहित मिशनों के लिए आधार तैयार करेगी, जिससे पहला गगनयान कार्यक्रम शुरू होगा.

‘क्रू मॉड्यूल’ रॉकेट में पेलोड है, और यह अंतरिक्ष यात्रियों के लिए अंतरिक्ष में पृथ्वी जैसे वातावरण के साथ रहने योग्य जगह है. इसमें एक दबावयुक्त धात्विक ‘आंतरिक संरचना’ और ‘थर्मल सुरक्षा प्रणालियों’ के साथ एक बिना दबाव वाली ‘बाहरी संरचना’ शामिल है.

शनिवार को पहली परीक्षण उड़ान के दौरान ‘क्रू मॉड्यूल’ में लगी विभिन्न प्रणालियों के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए डेटा प्राप्त किया जाएगा जिससे वैज्ञानिकों को यान के प्रदर्शन की जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी.

शनिवार को संपूर्ण परीक्षण उड़ान कार्यक्रम संक्षिप्त रहने की उम्मीद है क्योंकि ‘टेस्ट व्हीकल एबॉर्ट मिशन’ (टीवी-डी1) क्रू एस्केप सिस्टम (चालक बचाव प्रणाली) और क्रू मॉड्यूल को 17 किमी की ऊंचाई पर प्रक्षेपित करेगा, जिसके श्रीहरिकोटा से लगभग 10 किमी दूर समुद्र में सुरक्षित उतरने की उम्मीद है. बाद में बंगाल की खाड़ी से नौसेना द्वारा इन्हें खोज कर निकाला जाएगा.

 

 

ऊना “दर्शन सेवा योजना” के तहत 100 नए रूटों पर जल्द दौड़ेगी HRTC बस

ऊना : हिमाचल प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कृत संकल्प है। इस कड़ी में सरकार के अधीन मंदिरों में व्यवस्था सुधारीकरण के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं में निरंतर इजाफा किया जा रहा है। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक स्थल माता चिंतपूर्णी मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना के उपरांत संवाददाताओं को संबोधित करते हुए दी।

मुकेश अभिनेत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में माता चिंतपूर्णी, माता ज्वाला जी, माता चामुंडा, माता नैना देवी तथा बाबा बालक नाथ जैसे अनेक प्रमुख धार्मिक स्थल हैं जहां पर वर्ष भर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। हिमाचल प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं की सुविधाजनक आवाजाही तथा इन स्थलों पर बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करने की दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा अनेक सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में दर्शन सेवा योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के धार्मिक स्थलों से प्रदेश के भीतर तथा अन्य राज्यों के धार्मिक स्थलों के लिए भी लगभग 100 नए बस रूट आरंभ किए जा रहे हैं ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं के अलावा हिमाचल प्रदेश के श्रद्धालुओं को भी प्रदेश व प्रदेश के बाहर स्थित धार्मिक स्थलों में आने जाने की बेहतरीन सुविधा मिल सके।

मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि चिंतपूर्णी में एक मास्टर प्लान के तहत माता चिंतपूर्णी मंदिर तथा पर्यटक सुविधा परिसरों का निर्माण किया जा रहा है। इन कार्यों के लिए एक विश्व स्तरीय सलाहकार नियुक्त किया गया है ताकि इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं तथा क्षेत्रवासियों की भविष्य की जरूरत के मद्देनजर परियोजनाओं को मूर्त रूप दिया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर फैसले लिए जाएंगे तथा इस दौरान स्थानीय वासियों की सुविधाओं व हितों का भी ध्यान रखा जाएगा।

उन्होंने बताया कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा हाल ही के दिनों में शुरू की गई सुगम दर्शन सुविधा को अब और सुगम बना दिया गया है जिसके तहत अब सुगम दर्शन सुविधा का लाभ लेने के इच्छुक श्रद्धालु घर बैठे ही वेबसाइट  पर जाकर इस सुविधा को बुक करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रथम नवरात्र से सुगम दर्शन सुविधा को ऑनलाइन आरंभ कर दिया गया है जिसके तहत प्रतिदिन 350 लोगों को ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा दी जा रही है जबकि 150 लोगों को भौतिक बुकिंग के माध्यम से इस सुविधा का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इस प्रकार प्रतिदिन केबल 500 लोगों को ही सुगम दर्शन सुविधा के माध्यम से चिंतपूर्णी मंदिर में दर्शन करवाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि चिंतपूर्णी मंदिर प्रशासन द्वारा सुगम दर्शन सुविधा के तहत 1100 रूपए की दर से पांच लोगों तक के समूह को लिफ्ट द्वारा दर्शन सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ बाबा माई दास सदन से लिफ्ट तक ई वाहन द्वारा आने व जाने की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। इसके अलावा दिव्यांगों, 65 वर्ष से ऊपर की आयु के वरिष्ठ नागरिकों तथा अस्वस्थ व्यक्तियों के लिए यह सुविधा निशुल्क प्रदान की जा रही है उनके साथ जाने वाले एक व्यक्ति से केवल 50 रुपए लिए जाते हैं।

मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि चिंतपूर्णी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब वर्चुअल दर्शन की सुविधा भी आरंभ की गई है। श्रद्धालु लिफ्ट काम्प्लेक्स के पास लगे कियोस्क पर जाकर वर्चुअल रियलिटी हैडसेट के माध्यम से मंदिर के प्रतिदिन के सभी कार्यकलापों को एक 3डी फ़िल्म के माध्यम से देख सकते हैं जिसके लिए 101 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। इस 7 मिनट की फ़िल्म में माता की आरती, भोग, कन्या पूजन, हवन इत्यादि के बारे में संपूर्ण जानकारी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर वर्चुअल दर्शन की सुविधा देने वाला हिमाचल प्रदेश का पहला मंदिर है। तीसरे नवरात्रि से शुरू की गई इस सुविधा के आरंभ में वीआरबी बॉक्स के माध्यम से एक समय में दो श्रद्धालुओं को यह सुविधा प्रदान की जा रही है तथा भविष्य में इसकी मांग को देखते हुए इसे बाबा माईदास सदन, यात्री निवास, तथा माधो का टीला इत्यादि अतिरिक्त स्थानों पर भी आरंभ करने पर विचार किया जाएगा है। इस अवसर पर एसडीएम अंब विवेक महाजन, मंदिर अधिकारी चिंतपूर्णी अजय सिंह तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

सोलन : हादसे के बाद बदली पहचान, मुस्तैद निकली खाकी…

सोलन : पुलिस मुस्तैदी की वजह से जालसाजी से ड्राइविंग लाइसेंस के इस्तेमाल का पर्दाफाश  हुआ है। पुलिस थाना धर्मपुर में आईपीसी की धारा 279, 337, 338, 419 व मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की शुरुआत 28 सितंबर को हुई।

शाम के समय कुमारहट्टी की तरफ से एक बोलेरो पिकअप ने तेज रफ्तारी व लापरवाही से वन-वे का उल्लंघन करते हुए गलत दिशा में  मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिसमें पिकअप व मोटरसाइकिल का नुकसान हुआ। बाइक चालक को चोटें आई। हादसा पिकअप चालक की लापरवाही की वजह से हुआ।

जांच के दौरान चालक ने अपना नाम व पता मनोज कुमार पुत्र हरका लाल  निवासी शरमाली( रोहडू) जिला शिमला बताया ।साथ ही इसी पहचान से ड्राइविंग लाइसेंस पेश किया था, लेकिन पुलिस शक की वजह से जांच में जुटी रही। अब जांच में खुलासा हुआ है कि वास्तव में चालक का नाम कुल बहादुर पुत्र कर्ण बहादुर निवासी गांव शरमाली डा सुनगरी तह रोहडू जिला शिमला है।

जांच के दौरान मनोज नामक व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस पेश कर पुलिस को गुमराह किया था। अन्वेषण के दौरान गलत लाइसेंस पेश करने व गलत पहचान बताने पर आईपीसी की धारा 419, 420 व मोटर वाहन अधिनियम के तहत  मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। एसपी गौरव सिंह ने पुष्टि की है।

शिमला : फिलिस्तीन और इजरायल के बीच चल रहे हमले के खिलाफ CPIM का प्रदर्शन

शिमला : फिलिस्तीन और इजरायल के बीच चल रहे हमले के खिलाफ शुक्रवार को शिमला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर सीपीआईएम ने  धरना प्रदर्शन किया। सीपीआईएम के जिला सचिव संजय चौहान ने कहा कि पार्टी फिलीस्तीन की गाजा पट्टी में हमास और इजरायल के बीच जवाबी हमलों की कड़ी निंदा करती है। इस अमानवीय कार्रवाई पर … Read more

Navratri 2023 7th Day Maa Kalratri Puja : नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा, जानें पूजा विधि, मंत्र, भोग और आरती

नवरात्रि का आज सातवां दिन है और इस दिन मां दुर्गा की सातवीं शक्ति माता कालरात्रि की पूजा अर्चना की जाती है। माता कालरात्रि को शुभंकरी, महायोगीश्वरी और महायोगिनी भी कहा जाता है। माता कालरात्रि की विधिवत रूप से पूजा अर्चना औ उपवास करने से मां अपने भक्तों को सभी बुरी शक्तियां और काल से बचाती हैं अर्थात माता की पूजा करने के बाद भक्तों को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। माता के इसी स्वरूप से सभी सिद्धियां प्राप्त होती है इसलिए तंत्र मंत्र करने वाले माता कालरात्रि की विशेष रूप से पूजा अर्चना करते हैं। माता कालरात्रि को निशा की रात भी कहा जाता है। आइए जानते हैं माता कालरात्रि की पूजा विधि, मंत्र, भोग और आरती…

मां कालरात्रि की पूजा का महत्व
असुरों और दुष्टों का संहार करने वाली माता कालरात्रि की पूजा करने और सच्चे मन से प्रार्थना करने पर सभी दुख दूर रहते हैं और जीवन और परिवार में सुख शांति का वास रहता है। शास्त्रों और पुराणों में बताया गया है कि मां कालरात्रि की पूजा व उपवास करने से सभी नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और आरोग्य की प्राप्ति होती है। मां कालरात्रि अपने भक्तों को आशीष प्रदान करती है और बल व आयु में वृद्धि होती है। माता कालरात्रि की पूजा रात्रि के समय में भी की जाती है। रात को पूजा करते समय ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै नमः’ मंत्र का सवा लाख बार जप करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

ऐसे हुआ माता कालरात्रि का प्राकट्य
असुर शुंभ निशुंभ और रक्तबीज ने सभी लोगों में हाहाकार मचाकर रखा था, इससे परेशान होकर सभी देवता भोलेनाथ के पास पहुंचे और उनसे रक्षा की प्रार्थना करने लगे। तब भोलेनाथ ने माता पार्वती को अपने भक्तों की रक्षा करने को कहा। भोलेनाथ की बात मानकर माता पार्वती ने मां दुर्गा का स्वरूप धारण कर शुभ व निशुंभ दैत्यों का वध कर दिया। जब मां दुर्गा ने रक्तबीज का भी अंत कर दिया तो उसके रक्त से लाखों रक्तबीज उत्पन्न हो गए। यह देखकर मां दुर्गा का अत्यंत क्रोध आ गया। क्रोध की वजह से मां का वर्ण श्यामल हो गया। इसी श्यामल रूप को से देवी कालरात्रि का प्राकट्य हुआ। इसके बाद मां कालरात्रि ने रक्तबीज समेत सभी दैत्यों का वध कर दिया और उनके शरीर से निकलने वाले रक्त को जमीन पर गिरने से पहले अपने मुख में भर लिया। इस तरह सभी असुरों का अंत हुआ। इस वजह से माता को शुभंकरी भी कहा गया।

ऐसा है माता कालरात्रि का स्वरूप
एक वेधी जपाकरर्णपूरा नग्ना खरास्थित।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकणी तैलाभयुक्तशरीरिणी।।
वामपदोल्लसल्लोहलताकण्टक भूषणा।
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकारी।।

महाविनाशक गुणों से दुष्टों और असुरों का संहार करने वाली दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि है। माता का यह स्वरूप कालिका का अवतार यानी काले रंग का है और अपने विशाल केश चारों दिशाओं में फैलाती हैं। चार भुजा वाली मां, जो वर्ण और वेश में अर्द्धनारीशवर शिव की तांडव मुद्रा में नजर आती हैं। माता के तीन नेत्र हैं और उनकी आंखों से अग्नि की वर्षा भी होती है। मां का दाहिना उपर उठा हाथ वर मुद्रा में है तो नीचे दाहिना वाला अभय मुद्रा में। बाएं वाले हाथ में लोहे का कांटा और नीचे वाले हाथ में खड़क तलवार सुशोभित है। इनकी सवारी गर्दभ यानी गधा है, जो समस्त जीव जंतुओं में सबसे ज्यादा मेहनती और निर्भय होकर अपनी अधिष्ठात्री देवी कालराात्रि को लेकर इस संसार में विचरण कर रहा है।

मां कालरात्रि का भोग
महासप्तमी के दिन मां कालरात्रि को गुड़ और गुड़ से बनी चीजें जैसे मालपुआ का भोग लगाया जाता है। इन चीजों का भोग लगाने से माता प्रसन्न होती हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। पूजा के समय माता को 108 गुलदाउदी फूलों से बनी माला अर्पित करें।

मां कालरात्रि पूजा विधि

मां कालरात्रि की पूजा अन्य दिनों की तरह ही की जाती है। महासप्तमी की पूजा सुबह और रात्रि दोनों समय की जाती है। माता की पूजा लाल कंबल के आसन पर करें। स्थापित प्रतिमा या तस्वीर के साथ आसपास गंगाजल से छिड़काव करें। इसके बाद घी का दीपक जलाकर पूरे परिवार के साथ माता के जयकारे लगाएं। इसके बाद रोली, अक्षत, गुड़हल का फूल आदि चीजें अर्पित करें। साथ ही अगर आप अग्यारी करते हैं तो लौंग, बताशा, गुग्गल, हवन सामग्री अर्पित करनी चाहिए। मां कालरात्रि को गुड़हल के फूल चढ़ाएं जाते हैं और गुड़ का भोग लगाया जाता है। इसके बाद कपूर या दीपक से माता की आरती उतारें और पूरे परिवार के साथ जयकारे लगाएं। सुबह शाम आरती के बाद दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ कर सकते हैं और मां दुर्गा के मंत्रों का भी जप करना चाहिए। लाल चंदन की माला से मंत्रों का जप करें। अगर लाल चंदन नहीं है तो रुद्राक्ष की माला से भी माता के मंत्रों का जप कर सकते हैं।

मां कालरात्रि का मंत्र
ॐ कालरात्र्यै नम:।

एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता, लम्बोष्टी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी।
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा, वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥

जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतार्ति हारिणि।
जय सार्वगते देवि कालरात्रि नमोस्तुते॥

ॐ ऐं सर्वाप्रशमनं त्रैलोक्यस्या अखिलेश्वरी।
एवमेव त्वथा कार्यस्मद् वैरिविनाशनम् नमो सें ऐं ॐ।।

आज का राशिफल 21 अक्टूबर 2023 : वृषभ और सिंह राशि के जातक आज पाएंगे शश राजयोग से शुभ लाभ

Aaj Ka Rashifal 21 October 2023: 21 अक्टूबर शनिवार को ग्रह नक्षत्रों की गणना से मालूम होता है कि चंद्रमा आज धनु राशि में गोचर करते हुए देर रात मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही आज शनिदेव के स्वराशि में होने से शश नामक शुभ योग बना हुआ है। ऐसे में आज सितारे … Read more