कांगड़ा: भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि देश में सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली पार्टी आज लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर संसद जैसी लोकतांत्रिक संस्था में कार्यवाही नहीं चलने दी जाती और दूसरी ओर सड़कों पर बहस की मांग की जाती है, तथा कांग्रेस को यह तय करना चाहिए कि वह वास्तव में क्या चाहती है। ठाकुर ने राहुल गांधी के 2024 के लोकसभा चुनावों को लेकर उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि उन्हें लगता है कि चुनाव गलत तरीके से हुए थे, तो राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं को अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी के आसपास के लोग उन्हें यह समझा रहे हैं कि जब तक देश का संविधान, लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं और संवैधानिक संस्थाएं मजबूत हैं, तब तक उनका प्रधानमंत्री बनना संभव नहीं है, और इसी सोच के तहत देश में अव्यवस्था व झूठ फैलाने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा, पंजाब के संगरूर में 4 नवंबर को कांग्रेस द्वारा आयोजित की जा रही ‘इंसाफ रैली’ के संदर्भ में अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेतृत्व पर कड़ा निशाना साधा। उन्होंने 1984 के नवंबर माह में हुए सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि देश उन घटनाओं को भूला नहीं है, जहां सिखों के बाल व गले काटे गए तथा महिलाओं के साथ अत्याचार व दुष्कर्म की घटनाएं हुईं। ठाकुर ने इन घटनाओं के लिए कांग्रेस नेताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए मांग की कि यदि कांग्रेस नेता अपनी पार्टी और उसके नेतृत्व की भूमिका को गलत मानते हैं, तो उन्हें पंजाब जाकर देश के सिख समुदाय से माफी मांगनी चाहिए।





