शिमला/रामपुर बुशहर: हिमाचल प्रदेश की राजनीति से आज एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। रामपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार चार बार (2007, 2012, 2017 और 2022) विधायक रहे तथा 7वें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल का 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वे पिछले काफी समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और शिमला के चमियाना स्थित अटल सुपर स्पेशियलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान में उनका इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। राजनीति में आने से पहले भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात विशेष सुरक्षा समूह (SPG) में सराहनीय सेवाएं देने वाले नंद लाल को वर्ष 2001 में ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ से भी नवाजा जा चुका था। वर्ष 2007 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेहद करीबी नेताओं में शुमार हुए। अपने समृद्ध राजनीतिक सफर में वे स्वास्थ्य मुख्य संसदीय सचिव (CPS) के पद पर भी रहे और रामपुर के चहुंमुखी विकास व जनसेवा के लिए सदैव तत्पर रहे। उनके निधन का समाचार मिलते ही रामपुर सहित पूरे प्रदेश में गहरा शोक व्याप्त हो गया है।उनके इस अचानक चले जाने पर प्रदेश के राजनीतिक व प्रशासनिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री तथा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने-अपने शोक संदेश में नंद लाल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें अपने उसूलों पर अडिग रहने वाला, पार्टी के प्रति निष्ठावान और जनता को समर्पित जनसेवक करार दिया। इसके साथ ही विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी उनके सरल, उदार तथा सहयोगात्मक व्यक्तित्व को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और ईश्वर से शोकाकुल परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने का संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।





