लाइव हिमाचल ब्यूरो, शिमला/चंबा: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना में अकारण देरी और लापरवाही बरतने के मामले में शिक्षा निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाया है। चंबा जिले के संबंधित शिक्षा अधिकारियों द्वारा उच्च न्यायालय के निर्देशों का समय पर पालन न करने पर निदेशालय ने जवाब तलब करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पूरा मामला रोशन लाल (प्रवक्ता), गणेश दत्त (शास्त्री) और उत्तम चंद (टीजीटी) से जुड़े मामलों से संबंधित है, जिनमें याचिकाकर्ताओं को वित्तीय लाभ जारी किए जाने थे। फरवरी 2025 में ही प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक चंबा को हाईकोर्ट के इन आदेशों को तत्काल लागू करने के सख्त निर्देश दिए गए थे। हालांकि, संबंधित प्रधानाचार्यों ने बजट की मांग तो उपनिदेशक कार्यालय को भेजी, लेकिन इस मामले को समय रहते शिक्षा निदेशालय के समक्ष प्रस्तुत ही नहीं किया गया।
निदेशालय ने इसे उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना, कर्तव्य में लापरवाही और गंभीर कदाचार माना है। नोटिस के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को 25 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे शिक्षा निदेशक के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। 24 सितंबर को जारी इस आधिकारिक नोटिस में साफ चेतावनी दी गई है कि यदि अधिकारी निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होते या संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो यह मान लिया जाएगा कि उनके पास बचाव में कहने को कुछ नहीं है। ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार प्रशासनिक एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश कर दी जाएगी। फिलहाल पूरी नजर 25 सितंबर को होने वाली पेशी और अधिकारियों के जवाब पर टिकी हुई है।





