लाइव हिमाचल/बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में झंडूता विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले समलेटू गांव से एक हैरान कर देने वाला और अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जिसने पुलिस तफ्तीश की पूरी दिशा ही बदलकर रख दी है। दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम 11 सितंबर का है, जब चंगरू गांव में रसोईघर के विवाद को लेकर दो भाइयों बिशन दास और मदन लाल के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि बिशन दास की पत्नी रानी देवी ने मदन लाल के सिर पर भारी पत्थर से वार कर दिया। इस हमले में मदन लाल के सिर से खून बहने लगा और वह लहूलुहान होकर अचेत हो गया। मदन लाल को बेहोश देखकर दंपति बुरी तरह घबरा गए और उन्होंने उसे मृत समझ लिया। पुलिस कार्रवाई और कानूनी पचड़े के डर से दोनों ने रातों-रात साजिश रची और मदन लाल को घसीटते हुए पास ही बहती गोविंद सागर झील के किनारे ले जाकर छोड़ आए। इसके बाद जब पुलिस मामले की जांच में जुटी, तो आरोपी भाई और भाभी ने लगातार पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और दावा किया कि उन्होंने मदन लाल के शव को झील में बहा दिया है, जिसके आधार पर पुलिस उसकी हत्या की आशंका जताते हुए गोताखोरों की मदद से झील में शव तलाशती रही। हालांकि, पुलिस रिमांड के दौरान जब आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उनके बयानों में भारी विरोधाभास देखने को मिला। इसके बाद जांच टीम ने जब स्थानीय लोगों से इनपुट जुटाए और हाईवे तथा आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो 13 सितंबर की फुटेज में मदन लाल मंडी भराड़ी और स्वारघाट के समीप घूमता हुआ दिखाई दिया। इस अहम सुराग के मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत हरकत में आई और स्वारघाट-मंडी भराड़ी नेशनल हाईवे पर स्थित एक ढाबे पर छापा मारा। पुलिस टीम यह देखकर हैरान रह गई कि जिस व्यक्ति की हत्या के आरोप में भाई-भाभी जेल में बंद थे, वह मदन लाल उसी ढाबे पर अपनी पहचान छुपाकर काम कर रहा था। पूछताछ में मदन लाल ने बताया कि 12 सितंबर को जब उसे झील किनारे होश आया, तो वह खुद ही वहां से उठकर बाहर निकला, रास्ते में एक मेडिकल स्टोर से पट्टी और दवाई खरीदकर अपने जख्मों का इलाज किया और जीवन यापन के लिए ढाबे पर काम करने लगा। एसपी बिलासपुर अभिषेक धीमान ने मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि जिंदा मिले मदन लाल के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और अब मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज तथा साक्ष्यों के आधार पर इस अनोखे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।





