शिमला: हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की पूरी तरह से एंट्री हो चुकी है, जिसके पहले ही दिन भारी बारिश ने पूरे राज्य में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लैंडस्लाइड, बिजली संकट और मौसम से जुड़े सड़क हादसों के कारण अब तक राज्य में छह लोगों की मौत हो चुकी है। चंबा जिले में भरमौर-चंबा मार्ग पर दिनका घार के पास भारी मलबा गिरने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई है, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में 35 सड़कें पूरी तरह बंद हैं, जिनमें सबसे अधिक प्रभावित कुल्लू जिला है जहां 18 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा सोलन और चंबा में भी 12-12 सड़कों पर यातायात बाधित हुआ है। बारिश का सबसे बड़ा असर राज्य की बिजली व्यवस्था पर पड़ा है, जहां प्रदेशभर में 127 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (डीटीआर) ठप हो गए हैं। इनमें से अकेले कुल्लू जिले में 86 ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं, जिससे कई इलाकों में ब्लैकआउट की स्थिति है; हालांकि पेयजल आपूर्ति अभी तक सामान्य बनी हुई है। हादसों की बात करें तो कांगड़ा जिले में करंट लगने और आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की, जबकि मंडी जिले में पहाड़ी से पत्थर गिरने से एक महिला की मौत हो गई। इसके अलावा किन्नौर और लाहौल-स्पीति में बारिश के कारण हुए सड़क हादसों में एक-एक व्यक्ति ने अपनी जान गंवाई है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस आपदा से सार्वजनिक और निजी संपत्ति को लगभग 44.40 लाख रुपये का नुकसान हुआ है, जिसमें सबसे अधिक 16 लाख रुपये की क्षति कांगड़ा जिले में दर्ज की गई है। फिलहाल मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके चलते राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और बंद सड़कों व बिजली को बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है।




