शिमला: हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक कामकाज को रफ्तार देने के लिए सुक्खू सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य के सरकारी अधिकारी विभागीय और प्रशासनिक कार्यों के लिए हिमाचल के भीतर संचालित होने वाली हवाई सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। वित्त विभाग की ओर से जारी संशोधित निर्देशों के मुताबिक, अधिकारियों को सड़क मार्ग की लंबी और थकाऊ यात्राओं से निजात मिलेगी, जिससे उनके समय की बड़ी बचत होगी। हालांकि, वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए सरकार ने यह साफ कर दिया है कि किसी भी हवाई सफर से पहले अधिकारियों को अपने नियंत्रक अधिकारी यानी कंट्रोलिंग ऑफिसर से लिखित में पूर्व मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। आपको बता दें कि साल 2020 में फिजूलखर्ची रोकने के लिए हवाई यात्राओं पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे, जिसके बाद नवंबर 2023 में सिर्फ पवन हंस हेलीकॉप्टर और एलायंस एयर के विमानों में ही यात्रा की छूट दी गई थी। लेकिन अब सरकार ने इसका दायरा बढ़ाते हुए राज्य के भीतर उड़ने वाली अन्य निजी और सरकारी विमान सेवाओं को भी इसमें शामिल कर लिया है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से विशेषकर जनजातीय और दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में विकास कार्यों की समीक्षा, औचक निरीक्षण और आपातकालीन बैठकों में अधिकारी समय पर पहुंच सकेंगे, जिससे फाइलों पर लटके रहने वाले फैसले अब और तेजी से हो सकेंगे।





