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हिमाचल में मौसम की तबाही: 5 जिलों में तूफा-ओलावृष्टि का अलर्ट, बेमौसमी बर्फबारी से फसलों पर संकट

शिमला: हिमाचल प्रदेश में कुदरत का मिजाज इस बार बागवानों और किसानों पर भारी पड़ता दिख रहा है. अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह में जहां अमूमन इस समय प्रदेश में गुनगुनी धूप और सेब के बगीचों में फ्लावरिंग (फूल आने) का खुशनुमा माहौल होता था, वहीं इस साल बारिश ने तांडव मचा रखा है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के आंकड़ों के अनुसार, 1 से 7 अप्रैल के दौरान हिमाचल प्रदेश में सामान्य से 82 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है. इस अत्यधिक वर्षा और ओलावृष्टि ने न केवल तापमान को गिरा दिया है, बल्कि प्रदेश की आर्थिकी की रीढ़ यानी सेब की फसल पर भी संकट के बादल मंडरा दिए हैं।

ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी
शिकारी देवी, रोहतांग दर्रा, कुफरी, नारकंडा और कोटखाई समेत कई ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई.
वहीं शिमला सहित अधिकांश जिलों में मंगलवार शाम से बुधवार दोपहर तक तेज बारिश का दौर जारी रहा. देर रात ओलावृष्टि ने हालात और बिगाड़ दिए.

अप्रैल में दिसंबर जैसा मौसम
अचानक मौसम बदलने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है.
-अधिकतम तापमान 12°C तक गिरा
-न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.1°C नीचे
-24 घंटे में 853% अधिक बारिश रिकॉर्ड
ठंड इतनी बढ़ गई कि अप्रैल में ही दिसंबर जैसा अहसास होने लगा.

सड़कें और बिजली व्यवस्था प्रभावित
बारिश और बर्फबारी का असर जनजीवन पर भी पड़ा है.
-आनी-कुल्लू और मनाली-लेह हाईवे सहित 75 सड़कें बंद
-884 ट्रांसफॉर्मर ठप
अटल टनल की ओर जाने वाले रास्ते पर केवल फोर-बाय-फोर वाहनों को ही अनुमति दी गई, जिससे पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

5 जिलों में आज येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में अंधड़ और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट जारी किया है.
-शुक्रवार को किन्नौर और लाहौल-स्पीति में बारिश-बर्फबारी के आसार
-11-12 अप्रैल को मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में फिर बारिश की संभावना
-13 अप्रैल से मौसम साफ होने की उम्मीद

फसलों पर पड़ा असर
बेमौसमी बारिश और बर्फबारी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है.
-सेब की फसल पर सबसे ज्यादा असर
-गेहूं, आम और लीची को भी नुकसान
-फ्लावरिंग के समय तापमान गिरने से उत्पादन पर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार सेब के लिए 22–25°C तापमान जरूरी होता है, लेकिन लगातार ठंड और नमी से फसल प्रभावित हो रही है।

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