शिमला: हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब की माजरा तहसील में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक साथ पूरा स्टाफ छुट्टी पर चला गया। शुरुआत में नायब तहसीलदार ने अस्वस्थ होने का हवाला देकर छुट्टी ली। इसके बाद दूसरे कर्मचारियों ने भी अलग-अलग कारण बताते हुए छुट्टी ले ली। इस दौरान किसी ने बीमारी तो किसी ने पारिवारिक समारोह का बहाना बनाया। लेकिन असल वजह कुछ और ही निकली। पूरा स्टाफ राजस्थान के जैसलमेर घूमने और पार्टी करने पहुंच गया था। मामला तब खुला जब उनके जश्न की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
माजरा तहसील के नायब तहसीलदार इंद्र कुमार और उनके स्टाफ पर बीमारी का बहाना बनाकर मेडिकल लीव लेने और जैसलमेर घूमने जाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि नायब तहसीलदार ने हाई शुगर लेवल का हवाला देकर छुट्टी ली थी, जबकि अन्य कर्मचारियों ने भी व्यक्तिगत कारण बताए थे।
एसडीएम ने जारी किए नोटिस
मामले की जानकारी मिलते ही पांवटा साहिब के एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने सख्त रुख अपनाया। सभी संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में छुट्टियां कैसे स्वीकृत की गईं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस टूर में नायब तहसीलदार के अलावा तीन पटवारी, एक कानूनगो, तीन महिला कर्मचारी और एक क्लर्क शामिल थे। एसडीएम ने सभी कर्मचारियों को अपनी वर्तमान लोकेशन साझा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन किसी ने भी इसका पालन नहीं किया। पूरे स्टाफ की अनुपस्थिति से माजरा तहसील का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। दूर-दराज के गांवों से आए लोगों को बिना काम कराए लौटना पड़ा। घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने दोषी अधिकारियों के तत्काल निलंबन और सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





