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ओवरचार्जिंग पर ठेका होगा सील, बीयर-व्हीस्की पर MRP से कितना अधिक दाम वसूल सकते हैं? जानिए पूरी खबर….

शिमला : हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने नई आबकारी नीति को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है. ऐसे में सरकार ने इस नीति में सख्त प्रावधान तय किए हैं. शराब बिक्री से लेकर परोसने तक के लिए नियम तय किए गए हैं. दरअसल, नई आबकारी नीति के तहत शादी समारोह से लेकर एक शख्स के कितनी शराब के बोतले ले जा सकता है, इसको लेकर नियम अधिसूचित किए गए हैं. यदि नियमों का उल्लंघन किया गया तो जुर्माने और सजा का प्रावधान किया गया है. नई नीति में कहा गया है कि शादी के समारोह, बैंक्वेट हॉल, मैरिज पैलेस, धर्मशाला या अन्य व्यावसायिक परिसरों में बिना लाइसेंस शराब नहीं परोसी जाएगी. यदि कोई ऐसा करता हुआ पाया गया तो पहली बार नियम तोड़ने पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा. वहीं, दूसरी बार 75 हजार और तीसरी बार एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा. वहीं, यदि कोई लाइसेंसधारक अनधिकृत रूप से शराब परोसा है तो 20 हजार से से 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा. पहले तीन बार नियम तोड़ने के बाद चौथी बार पकड़े गए को लाइसेंस कैंस कर दिया जाएगा।

नई नीति में तय की गई सजा और जुर्माना

  1. यदि कोई L-50B लाइसेंसधारी अपने परिसर में अनधिकृत शराब परोसने की अनुमति देता है तो पहली बार ₹20,000, दूसरी बार ₹35,000 तथा तीसरी बार ₹50,000 जुर्माना लगेगा. चौथी बार लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा.
  2. यदि बैंक्वेट हॉल, पार्टी लॉन, मैरिज पैलेस, धर्मशाला या अन्य किसी व्यावसायिक परिसर के मालिक बिना L-50B लाइसेंस के अपने संस्थान में पार्टियों या समारोहों में शराब परोसते हैं, तो पहली बार ₹50,000, दूसरी बार ₹75,000 तथा तीसरी बार ₹1,00,000 लाख जुर्माना लगाया जाएगा.
  3. यदि कोई L-3, L-4, L-5 (संयुक्त), L-4 एवं L-5, L-4A, L-5A तथा L-3A, L-4A, L-5A  लाइसेंसधारी बिना L-6A लाइसेंस के अपने परिसर के बाहर शराब परोसने की अनुमति देता है, तो पहली बार ₹20,000, दूसरी बार ₹35,000 तथा तीसरी बार ₹50,000 जुर्माना लगाया जाएगा. चौथी बार लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा.
  4. यदि S-1AA और S-1F लाइसेंसधारी निर्धारित प्रकार के अतिरिक्त किसी अन्य प्रकार की वाइन और शराब का भंडारण या बेचता हुआ पाया गया तो पहली बार में ₹25,000 जुर्माना लगाया जाएगा और दोबारा पकड़े जाने पर लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा.
  5. लाइसेंस की शर्तों एवं नियमों का कोई भी उल्लंघन या परिसर में सार्वजनिक उपद्रव की स्थिति उत्पन्न होने पर, राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त आहातों का लाइसेंस निलंबित और निरस्त कर सकते है.
  6. यदि कोई शराब निर्माता राज्य के भीतर या बाहर से बिना अनुमति या निर्धारित मात्रा से अधिक बोतलबंद शराब बेचता है  और निर्माता के पास स्टॉक में अंतर पाया जाता है, तो ऐसी शराब तथा उसके कंटेनर जब्त कर लिए जाएंगे और प्रथम अपराध पर ₹1,00,000, दूसरी बार में ₹2 लाख तथा तीसरी बार में ₹3,00,000 जुर्माना लगेगा.
  7. यदि कोई ठेका संचालक न्यूनतम मूल्य (MRSP) से अधिक या कम रेट पर शराब बेचेगा तो एक दिन के लिए ठेका सील कर दिया जाएगा. उसी लाइसेंसधारी की ओर से यदि दोबारा ऐसा किया गया तो ठेका फिर दो दिन के लिए सील कर दिया जेगा. इसके अलावा, कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.
  8. राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने लाइसेंस शुल्क की दरों में बदलाव किया है और थोक विक्रेता (L-1 और L-13) लाइंसेस के लिए  अब सालाना फीस ₹40 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी गई है. उधर, होटल और बार में अलग-अलग श्रेणियों के हिसाब से फीस में ₹10,000 से लेकर ₹30,000 तक की बढ़ोतरी की गई है।

हिमाचल प्रदेश में इस बार लाइसेंस फीस में करीब 10 फीसदी का इजाफा होगा. नई नीति के तहत सिंगल माल्ट, व्हिस्की, रम, जिन, वोडका तथा बीयर और वाइन पर अधिक से अधिक 10% मार्जिन लिया जा सकता है. उदाहरण के तौर पर यदि किसी बोतल की कीमत 100 रुपये है तो उसे 110 रुपये से अधिक नहीं बेचा जा सकता है. सभी इंडियन मेड बीयर ब्रांड्स पर 30% मार्जिन तय किया गया है. देशी शराब पर भी ठेके संचालक 30% लाभांश यानी 100 रुपये की बोतल 130 रुपये तक बेच सकते हैं।

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