
शिमला: वाहन मालिकों को गाड़ियों की पासिंग के लिए मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्रदेश सरकार एक फरवरी से ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन शुरू करने जा रही है। नई व्यवस्था में वाहन की फिटनेस पूरी तरह मशीनों और आधुनिक तकनीक के जरिए जांची जाएगी। इससे समय की बचत के साथ-साथ भ्रष्टाचार की आशंकाओं पर भी लगाम लगेगी। कांगड़ा सब डिविजन के रानीताल से इसकी शुरूआत की जा रही है। पहली बार हिमाचल में ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन पर गाड़ियों की पासिंग की जाएगी। यह जांच ब्रेक, हेडलाइट, सस्पेंशन, प्रदूषण और अन्य तकनीकी मानकों की जांच पूरी तरह स्वचालित सिस्टम से होगी। जिलों में भी ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन खोले जा रहे हैं। हमीरपुर के नादौन और ऊना हरोली में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन खोले जाएंगे। इसी तरह से प्राइवेट सेक्टर में कांगड़ा जिले के रानीताल सहित पांच ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन मंडी जिले के कांगू, बिलासपुर के बैरी, सिरमौर के पांवटा, सोलन के नालागढ़ के राजपुरा में खोले जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन खोले जा रहे हैं। इसमें कांगड़ा जिले के रानीताल में एक फरवरी से वाहनों की पासिंग की सुविधा शुरू की जा रही है।





