
मंडी: फाल्गुन में यहां छोटी काशी में सजने जा रहे भव्य देव कुम्भ शिवरात्रि जातर में शामिल होकर बड़ादेव कमरूनाग सदियों से चली आ रही देव परंपरा का अक्षरशः निवर्हन करेंगे. 16 फरवरी से बाबा भूतनाथ की नगरी में देव समागन सजेगा और इससे दो दिन पहले ही आराध्य कमरूनाग यहां पहुंच जाएंगे. साक्षात नारायण स्वरूप बड़ादेव 14 फरवरी को दुपहर बाद ठीक तीन बजे यहां पहुंचकर सबसे पहले राज माधव राय से भेंट करेंगे. एक वर्ष बाद दो महाशक्तियों के महामिलन का मंडी वासी साक्षी बनेंगे. इससे पहले पुलघराट पर मंडी प्रशासन की ओर से परंपरा अनुसार बड़ादेव का स्वागत किया जाएगा. मंडी के राजा राज माधवराय से भेंट के उपरांत ‘बड़ादेव टारना मंदिर में विराजमान हो जाएंगे. बड़ादेव की छोटी काशी के लिए रवानगी होगी और देव कुम्भ समाप्त होने के बाद देवस्थल पहुंचने तक उन्हें सिक्योरिटी दी जाएगी। देव उप समिति, शिवरात्रि मेला के संयोजक एडीएम डा. मदन कुमार ने बड़ादेव के देव स्वरूप को सुरक्षित मंडी पहुंचाने के लिए पुलिस के दो जवान उपलब्ध करवाने का पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा से आग्रह किया है. प्रशासन ने बड़ादेव के प्रतिनिधियों को भी इस बारे में सूचित किया है। बता दें कि 15 साल के बाद यह अवसर बना है कि इस बार बड़ादेव अपने पुजारी के साथ छोटी काशी में देव समागम में शामिल होंगे. हालांकि 9 गढ़ के देवलुओं ने पुजारी बोधराज को गूर घोषित कर दिया है, परन्तु बोधराज चैत्र नवरात्र के एक-दो दिन पहले गूर का दायित्व संभालेंगे। बड़ी ही गौरव और खुशी की बात है कि महाराज अजयबर सेन द्वारा छोटी काशी मंडी के आराध्य देव बाबा भूतनाथ जी के लिए प्रारंभ की गई ऐतिहासिक शिवरात्रि महोत्सव परंपरा इस वर्ष अपने 500 स्वर्णिम वर्ष पूर्ण कर रही है.यह सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि मंडी की आस्था, संस्कृति और पहचान का महापर्व है।





