
शिमला: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला में जारी बयान में कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि विकसित भारत ग्रामीण आजीविका गारंटी (वी.बी. जी राम जी) के विरोध में सुक्खू सरकार द्वारा किया जा रहा अनशन केवल अपने आलाकमान को खुश करने के लिए एक ‘सियासी नौटंकी’ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह नया कानून पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में एक मील का पत्थर है, जिसमें डिजिटाइजेशन और बायोमेट्रिक हाजिरी के कारण बिचौलियों के लिए कोई जगह नहीं बची है। भ्रष्टाचार पर पूर्ण विराम लगेगा और पारदर्शिता से काम होने पर गांव का विकास तेज़ रफ्तार से होगा। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ वे प्रधानों के अधिकारों की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर डिजास्टर एक्ट की आड़ में पंचायत चुनाव रोककर उन्होंने पंचायतों को प्रशासकों के हवाले कर दिया है। सभी जगह काम ठप्प है और गांव की सरकार कही जाने वाले पंचायती राज सिस्टम को इन्होंने हाशिए पर धकेलकर सिर्फ अपनी मनमानी का फ़रमान सुनाने तक सीमित कर दिया है। ऐसी स्थिति में मनरेगा के काम कैसे होंगे उन्हें कौन कराएगा? कांग्रेस की सुक्खू सरकार की इन हरकतों से स्पष्ट है कि मनरेगा के नाम पर सुक्खू सरकार सिर्फ घड़ियाली आंसू बहा रही है।





