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Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर पड़ रही है एकादशी, तो क्या खा सकते हैं खिचड़ी, जानें क्या कहता है शास्त्र ?

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति सनातन धर्म के बड़े और प्रमुख त्योहारों में शामिल है. मकर संक्रांति के दिन गंगा समेत पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है. इसके बाद दान किया जाता है. ये परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है. मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान से पुण्य फल प्राप्त होते. पूरे भारत वर्ष में मकर संक्रांति का ये पावन पर्व अलग-अलग नामों से मनाया जाता है. मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाई जाती है. इस दिन खिचड़ी और चावल का दान बहुत शुभ माना जाता है, लेकिन इस साल 23 वर्षों के बाद मकर संक्रांति के दिन एकादशी पड़ रही है. ये षटतिला एकादशी रहेगी। 14 जनवरी को इस साल का पहला पर्व मकर संक्रांति आ रहा है. इस दिन लोग खिचड़ी बनाते हैं और इसका दान भी करते हैं. खिचड़ी के लंगर भी जगह जगह देखने को मिलते हैं, लेकिन इस बार ऐसा संयोग बना है जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति बन गई है. लोग दुविधा में हैं कि इस बार खिचड़ी बनाएं या नहीं. क्या खिचड़ी बनाना ठीक रहेगा? इसी का जवाब हमने यहां देने का प्रयास किया है.

हर वर्ष 14 जनवरी को मनाया जाने वाला ये पर्व इस बार षटतिला एकादशी के साथ पड़ रहा है. ऐसे में श्रद्धालुओं के सामने सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या इस बार मकर संक्रांति पर खिचड़ी बनेगी या नहीं? दरअसल, 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के दिन एकादशी व्रत है. एकादशी पर चावल का सेवन वर्जित माना जाता है, जबकि मकर संक्रांति पर चावल से बनी खिचड़ी बनाने और दान करने की परंपरा है. यही कारण है कि पर्व को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है. 14 जनवरी को सूर्य देव दोपहर 3:07 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे. इसी दिन षटतिला एकादशी भी है, जो सुबह 3:18 बजे शुरू होकर शाम 5:53 बजे तक रहेगी. एकादशी के कारण इस दिन चावल से बनी किसी भी सामग्री का उपयोग नहीं किया जा सकता. यही वजह है कि मकर संक्रांति पर बनने वाली पारंपरिक खिचड़ी इस दिन नहीं बनाई जा सकेगी।

मकर संक्रांति पर न करें खिचड़ी का सेवन

पंडितों और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, एकादशी तिथि पर अन्न का सेवन, अन्न को छूना और अन्न का दान, तीनों काम वर्जित माने गए हैं. इसका सीधा मतलब है कि एकादशी के दिन चावल का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए. चावल को छूना भी नहीं चाहिए. ऐसे में इस बार मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी नहीं खाई जा सकती है. क्योंकि ये चावल की ही बनती है. इस दिन चावल या खिचड़ी का दान भी न करें।

इन चीजों का करें दान

मकर संक्रांति पर तिल का विशेष महत्व माना जाता है. ऐसे में इस दिन तिल का दान, गुड़ का दान, तिल से बने लड्डू, तिल से बनी अन्य चीजों का दान करें. तिल को पाप नाशक माना जाता है. तिल दान से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं।

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