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अनुकंपा नियुक्तियों का नववर्ष उपहार: शिक्षा व गृह विभाग में 202 पात्र आवेदकों को मिली नियुक्ति

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने अनुकंपा आधार पर राज्य के 202 आवेदकों को नियुक्ति प्रदान कर उन्हें नए साल का तोहफा दिया है। लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे इन अभ्यर्थियों में 127 को शिक्षा विभाग में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं। इनमें जेओए (आईटी) तथा मल्टी टास्क वर्कर शामिल हैं। इसके अलावा गृह विभाग में 74 आवेदकों को नियुक्तियां दी गई हैं, जिनमें 70 जेओए (आईटी) और श्रेणी-4 के चार पद शामिल हैं। अभियोजन विभाग में भी एक अभ्यर्थी को नियुक्ति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इसे नए साल का तोहफा करार दिया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में लंबे समय तक अनुकंपा आधार पर नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे लोगों की अनदेखी की जाती रही। रोजगार की उम्मीद लगाए अनेक परिवार लंबे समय तक असमंजस की स्थिति में थे कि कब उन्हें नौकरी मिलेगी, ताकि वे परिवार का भरण-पोषण सही से कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने इन परिवारों की पीड़ा को समझा और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 202 आवेदकों को नियुक्तियां प्रदान की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इन परिवारों की भलाई तथा सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है, ताकि भविष्य में उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

मेडिकल कॉलेजों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट पर पांच-पांच करोड़ खर्च होंगे : सीएम

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आईजीएमसी, टांडा, हमीरपुर, नेरचौक और सुपर स्पेशेलिटी अस्पताल चमियाना में जल्द बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलेगी। बोन मेरो ट्रांसप्लांट के लिए 5-5 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। आईजीएमसी और टांडा में 75 करोड़ रुपये से एआई सुविधा से लैस स्मार्ट लैब स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीनियर सिटीजन ओपीडी शुरू की है। प्रमुख अस्पतालों में इसे लागू किया जा चुका है। इससे मरीजों को उपचार कराने के लिए लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने चमियाणा में एक उन्नत बाल चिकित्सा केंद्र (एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर) स्थापित किया जा रहा है, ताकि प्रदेश में ही विश्वस्तरीय बाल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। सुक्खू ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य संस्थानों की अधोसंरचना में सुधार के साथ-साथ उच्च स्तरीय तकनीक और विशेषज्ञ रोगी देखभाल सुविधा को घर-द्वार के निकट उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस क्रम में स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए 3,000 करोड़ रुपये का निवेश सुनिश्चित किया गया है। यह इसलिए ताकि मरीजों को उपचार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। चमियाणा और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हो चुकी है। वर्ष 2026 की शुरुआत तक प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी सुविधाओं के विस्तार की योजना पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन एक ऐसे सुदृढ़ स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण को केंद्र में रखकर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों को नववर्ष 2026 की बधाई देते हुए कहा कि नया साल सबके लिए अपार खुशियां लेकर आए और नई आशाओं, नए संकल्पों और नई ऊर्जा का प्रसार करे।

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