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सुक्खू सरकार का व्यवस्था परिवर्तन : अब राशन डिपुओं में नहीं मिलेगा एक साथ दो महीने का कोटा

शिमला: राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत सस्ता राशन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब राज्य के डिपुओं में बैकलॉग कोटा की सुविधा पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। यानी जो उपभोक्ता किसी कारणवश पिछले महीने का राशन नहीं उठा पाए थे, उन्हें अब वह राशन अगले महीने एक साथ नहीं मिलेगा। नए आदेशों के तहत उपभोक्ताओं को करंट महीने में ही समय पर डिपो पहुंचकर राशन लेना अनिवार्य होगा। यदि कोई उपभोक्ता उसी महीने राशन नहीं उठाता है, तो उसका कोटा उसी महीने समाप्त हो जाएगा। हालांकि यह नियम पहले से मौजूद था, लेकिन अब खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने इसे सख्ती से लागू करने के निर्देश सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को जारी कर दिए हैं।

सरकार के इस फैसले को राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और अनियमितताओं पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, बैकलॉग कोटा के कारण डिपुओं पर भीड़, रिकॉर्ड में गड़बड़ी और कालाबाजारी की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। अब हर महीने का राशन उसी महीने वितरित होने से व्यवस्था अधिक सुचारू होगी और वास्तविक पात्र उपभोक्ताओं को समय पर लाभ मिल सकेगा। विभाग की ओर से जारी आदेश इसी महीने से लागू हो गए हैं। अब दिसंबर माह में राशन न उठाने वाले उपभोक्ताओं को जनवरी में बैकलॉग कोटा नहीं मिलेगा। यानी डिपुओं में पिछले महीने का राशन देने की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक इस महीने का राशन नहीं लिया है, वे 31 दिसंबर से पहले अपने नजदीकी डिपो से राशन अवश्य उठा लें। नई व्यवस्था के तहत डिपो धारकों पर भी नियम सख्त कर दिए गए हैं। उन्हें परमिट कटने के बाद तय समय में होल सेल गोदामों से पूरा राशन एक साथ उठाना होगा, ताकि करंट महीने की पहली तारीख से ही उपभोक्ताओं को राशन उपलब्ध कराया जा सके। यदि डिपो धारक समय पर पूरा कोटा नहीं उठाते हैं, जिसके कारण उपभोक्ताओं को उसी महीने राशन नहीं मिल पाता, तो उस स्थिति में भी उपभोक्ताओं को अगले महीने बैकलॉग नहीं मिलेगा। हालांकि राहत की बात यह है कि यदि डिपो में समय पर राशन उपलब्ध नहीं होता, तो उपभोक्ता इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से कर सकते हैं। जांच में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित डिपो धारकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कब नहीं होगा करंट महीने का कोटा लैप्स

यदि हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के होल सेल गोदामों में ही सस्ता राशन उपलब्ध नहीं होता है—जैसे खाद्य तेल, दालें या चीनी की टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण—तो इस स्थिति में करंट महीने का कोटा लैप्स नहीं होगा। ऐसे मामलों में उपभोक्ताओं को अगले महीने बैकलॉग कोटा उठाने की सुविधा दी जाएगी।

प्रदेश में 19 लाख से अधिक राशन कार्ड धारक

हिमाचल प्रदेश में कुल 19,57,440 राशन कार्ड धारक हैं, जिसमें :-

  • 11,58,522 एपीएल परिवार
  • 60,840 एपीएल टैक्स पेयर
  • 2,76,628 बीपीएल
  • 3,01,825 पीएच
  • 1,59,624 एएवाई परिवार

खाद्य नियंत्रक का बयान

खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक राम कुमार गौतम ने बताया कि अब उपभोक्ताओं को हर हाल में करंट महीने में ही डिपुओं से राशन का कोटा उठाना होगा। इस संबंध में सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को आवश्यक आदेश जारी कर दिए गए हैं।

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