
शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में तंबाकू उत्पादों की बिक्री को लेकर कड़े आदेश जारी किए हैं। नए निर्देशों के तहत अब तंबाकू बेचने वाले दुकानदारों के लिए शर्तों के साथ लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना लाइसेंस तंबाकू बेचने पर पंचायतों को दुकानों में ताला लगाने का अधिकार होगा। आदेशों के अनुसार पंचायतें अपने क्षेत्र में धूम्रपान रहित (नो स्मोकिंग) जोन चिन्हित करेंगी। इन क्षेत्रों में धूम्रपान करने पर पंचायतें 200 रुपये तक का जुर्माना लगा सकेंगी। प्रत्येक पंचायत में नशा निवारण समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता पंचायत प्रधान करेंगे। समिति में स्कूल अध्यापक, पंचायत सचिव, पटवारी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और एक पुलिस कर्मचारी शामिल होंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक संस्थानों से 100 मीटर की दूरी के भीतर तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। दुकानों के बाहर तंबाकू से संबंधित किसी भी प्रकार के विज्ञापन बोर्ड नहीं लगाए जा सकेंगे। साथ ही दुकानों के आसपास तंबाकू का कचरा बिखरा पाए जाने पर दुकानदार पर जुर्माना लगाया जाएगा। लाइसेंस प्राप्त करने के लिए दुकानदारों को दो गवाहों के शपथ पत्र जमा करने होंगे। इन गवाहों के पूरे पते और फोन नंबर अनिवार्य होंगे और उनकी जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। लाइसेंसधारी दुकानदारों को अपनी दुकानों के बाहर स्पष्ट रूप से साइन बोर्ड लगाना होगा, जिसमें लिखा होगा कि 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू बेचना दंडनीय अपराध है। केवल स्वास्थ्य चेतावनी वाले तंबाकू उत्पादों की ही बिक्री की अनुमति होगी। बिना स्वास्थ्य चेतावनी वाले उत्पाद बेचने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





