
सोलन: हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए ज़िला सोलन पुलिस ने मुहिम शुरू कर दी है। प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे एंटी ड्रग अभियान के तहत 12 दिसंबर को पुलिस ने जिले भर में एक बड़ा ऑपरेशन चलाया। पुलिस टीमों ने एक साथ 27 अलग-अलग संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी, जिससे नशा तस्करों और नशेड़ियों में हड़कंप मच गया।पुलिस मुख्यालय शिमला से मिले निर्देशों के बाद यह कार्रवाई की गई। सोलन सदर, कंडाघाट, धर्मपुर, अर्की, दाड़लाघाट, कुनिहार, महिला थाना और परवाणू पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्रों में मोर्चा संभाला। पुलिस ने उन खास जगहों को निशाना बनाया जहां अक्सर नशा करने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। टीमों ने शहर के पार्कों, झुग्गी-झोपड़ियों और अन्य सुनसान व संदिग्ध इलाकों की बारीकी से तलाशी ली। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पिछले एक महीने से चिट्टा और हेरोइन जैसे जानलेवा नशे के खिलाफ छेड़ी गई इस जंग के अच्छे नतीजे सामने आने लगे हैं। लगातार हो रही कार्रवाई से न केवल नशा माफिया डरा हुआ है, बल्कि सार्वजनिक जगहों पर नशा करने वालों की गतिविधियों में भी भारी कमी आई है। जिला पुलिस ने साफ कर दिया है कि नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की यह नीति भविष्य में भी जारी रहेगी। आने वाले दिनों में भी इसी तरह औचक निरीक्षण और छापेमारी की जाएगी ताकि युवाओं को नशे के दलदल में फंसने से बचाया जा सके। जिला पुलिस द्वारा यह कार्यवाही नशेड़ियों के चिन्हित ठिकानों, झुग्गी-झोपड़ियों, पार्कों तथा संदिग्ध स्थलों पर की गई। जिला पुलिस की नशे के विरूद्ध इतने व्यापक स्तर पर की गई कार्यवाही से नशेड़ियों तथा नशा कारोबारियों को नशे के खिलाफ जीरो टोलरेंस का कड़ा संदेश गया है। चूंकि सोलन पुलिस द्वारा विगत काफी समय से नशा कारोबारियों के खिलाफ इस प्रकार की कार्यवाही लगातार की जा रही है जो परिणामस्वरूप जिला में नशेड़ियों की गतिविधियों में गिरावट दर्ज की गई है। सोलन पुलिस नशा मुक्त समाज की परिकल्पना हेतू सतत् कार्यशील है। जिला में नशे का कारोबार चलाने वालों के विरूद्ध इस प्रकार की रेड़/ छापेमारी भविष्य में जारी रहेगी ताकि समाज की युवा शक्ति को नशे के चंगुल में फंसने से बचाकर उनकी ऊर्जा को सकारात्मक गतिविधियों में लगाया जा सके।





