Indigo Crisis: इंडिगो एयरलाइन के ऑपरेशनल कोलैप्स से पूरे देश में हंगामा हो गया। देश के कई एयरपोर्ट पर इंडिगो से हवाई सफर करने वाले यात्रियों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालात बिगड़ते देख सरकार को मामले में दखल देना पड़ा। इंडिगो एयरलाइन के ऑपरेशनल कोलैप्स से पूरे देश में हंगामा हो गया। देश के कई एयरपोर्ट पर इंडिगो से हवाई सफर करने वाले यात्रियों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालात बिगड़ते देख सरकार को मामले में दखल देना पड़ा। इस बीच डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयरलाइन के ऑपरेशन्स पर नज़र रखने के लिए एक ओवरसाइट टीम का गठन कर दिया है। वहीं एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने इंडिगो मैनेजमेंट पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। राम मोहन ने कहा कि कंपनी ने पिछले 6 महीने से पायलटों की भर्ती नहीं की है। इसके लिए राम मोहन ने इंडिगो की ऐसी खस्ता हालत के लिए मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराया है। इधर सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने एयरलाइन की 10 फीसदी फ्लाइट्स में कटौती का निर्देश जारी किया है। इस पर मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा है कि केंद्र सरकार इंडिगो की क्षमता पर लगी पाबंदियों पर तब विचार करेगी, जब एयरलाइन एक प्लान पेश करेगी, जिसमें बताया जाएगा कि वह ऑपरेशंस को कैसे स्थिर करना चाहती है। एविएशन मिनिस्टर ने यह भी कहा कि इंडिगो के चेयरमैन संकट की समीक्षा के समय कई सवालों के जवाब नहीं दे पाए। राम मोहन नायडू ने कहा कि इंडिगो के चेयरमैन ने अपने वीडियो में कई सवालों के जवाब नहीं दिए हैं। उन्होंने आगे कहा कि मंत्रालय “संकट के हर पहलू का विश्लेषण कर रहा है, जिसमें एयरलाइंस द्वारा ज़्यादा कीमत वसूलना भी शामिल है। इंडिगो के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने पिछले हफ़्ते फ्लाइट कैंसिल और देरी की घटनाओं के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी थी। मेहता ने इस गड़बड़ी को एयरलाइन के अब तक के साफ सुथरे रिकॉर्ड पर एक “धब्बा” बताया था। सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा था कि इंडिगो ने नए पायलट आराम समय (Flight Duty Time Limitations) के नियमों का पालन करने से बचने के लिए जानबूझकर उड़ानें रद्द की गईं। मेहता ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एयरलाइन ने जुलाई और नवंबर दोनों चरणों में पायलट थकान संबंधी नियमों का पूरी तरह पालन किया है। कभी भी इनका उल्लंघन करने का प्रयास नहीं किया। उनका कहना है कि कंपनी पर लगाए गए ये आरोप बिल्कुल झूठे हैं और इनका कोई आधार नहीं है।





