शिमला : हिमाचल प्रदेश में पशुपालन विभाग ने 500 पशु मित्रों की भर्ती प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है। विभाग के निदेशक ने सभी संयुक्त निदेशकों और नियंत्रक अधिकारियों को आधिकारिक पत्र जारी कर इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश भेजे हैं। जानकारी के अनुसार, 14 अगस्त को अधिसूचित पशु मित्र नीति-2025 के तहत इन पशु मित्रों की नियुक्ति मल्टी-टास्क वर्कर के रूप में की जानी है। प्रदेश सरकार ने 28 नवंबर को 500 पदों को भरने की मंजूरी प्रदान की थी। जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्येक पशु चिकित्सालय में नियुक्ति प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि पूरा कार्य पशु मित्र नीति-2025 के प्रावधानों के अनुरूप ही पूरा हो। वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी इस प्रक्रिया की सख्त निगरानी करेंगे ताकि चयन में पारदर्शिता और समयबद्धता बनी रहे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी नियुक्तियाँ 15 फरवरी से पहले पूरी कर ली जाएँ। इस संबंध में जारी आदेश की प्रति पशुपालन विभाग के सचिव को भी अवलोकन हेतु भेज दी गई है।
जानकारी के अनुसार पशुपालन क्षेत्र में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और राज्य में पशु चिकित्सा सेवाओं तथा नस्ल सुधार की सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ने पशु मित्र नीति-2025 शुरू की है। इस नीति के प्रारंभिक चरण में 1000 युवाओं को प्रशिक्षण देकर ग्रामीण क्षेत्रों में पशु मित्र नियुक्त किया जाएगा। इस नीति का मुख्य उद्देश्य पालतू पशुओं की त्वरित स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करना है। पशु मित्र पशुपालन विभाग की गतिविधियों से जुड़े रहेंगे और ग्रामीणों को विभाग की योजनाओं के साथ-साथ महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे मानव-पशु संघर्ष और बेसहारा पशुओं की समस्या के बारे में जागरूक भी करेंगे। पात्रता के लिए उम्मीदवार संबंधित ग्राम पंचायत या नगर निकाय का निवासी होना चाहिए। उनकी जिम्मेदारियों में पशु चिकित्सालयों और पशुधन फार्मों में कार्य करना, 14, 26 और 35 लीटर क्षमता वाले तरल नाइट्रोजन के कंटेनर उठाना, बड़े पशुओं जैसे गाय, भैंस, घोड़े, खच्चर आदि को संभालना और सुरक्षित करना शामिल होगा। गर्भावस्था राशन योजना के अंतर्गत उन्हें चारे की बोरियां उठाकर लाभार्थियों तक पहुंचानी होंगी। इसके लिए उन्हें शारीरिक परीक्षा से गुजरना होगा, जिसमें 25 किलो तक का वजन उठाकर 100 मीटर की दूरी एक मिनट में तय करनी होगी। योजना में पशु मित्र नियुक्ति समिति गठित की गई है, इसमें उपमंडल अधिकारी या उनके प्रतिनिधि अध्यक्ष होंगे। वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी सदस्य सचिव और संबंधित पशु चिकित्सक सदस्य होंगे। यह समिति पशु मित्रों की चयन प्रक्रिया और कार्यप्रणाली पर नजर रखेगी। पशु मित्र घर-घर जाकर पशुओं की जांच करेंगे, प्राथमिक उपचार देंगे, टीकाकरण करेंगे और किसानों को पशुओं की देखभाल के बारे में सिखाएंगे। पशु मित्र की उपस्थिति रिपोर्ट पशु चिकित्सा संस्थान के इंचार्ज की ओर से हर माह 5 तारीख तक जमा करनी होगी। उन्हें एक महीने की सेवा के बाद एक दिन की छुट्टी का अधिकार होगा और वर्ष में अधिकतम 12 छुट्टियां मिलेंगी। इसके अतिरिक्त रविवार और राजपत्रित अवकाश भी मान्य होंगे। महिला पशु मित्रों को, यदि उनके दो से कम बच्चे हैं, 180 दिन का मातृत्व अवकाश भी दिया जाएगा।





