मंडी: हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर में हुए दिल दहला देने वाले तेजाब कांड की पीड़ित महिला ममता ठाकुर ने बुधवार (19 नवंबर) रात करीब 12 बजे पीजीआई चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया. चार दिनों तक जिंदगी और मौत से जंग लड़ते हुए आखिरकार वह जिंदगी की जंग हार गई. ममता ने मौत से पहले अपनी आखिरी इच्छा जाहिर की थी, जिसे जो भी सुन रहा है उसकी आंसू से आंसू छलक रहे हैं.
आखिरी इच्छा ने छलका दिया दर्द
इस दर्दनाक वारदात ने पूरे मंडी जिला समेत हिमाचल प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. ममता ने मौत से पहले अपने परिवार को हनुमान घाट, मंडी में ही अंतिम संस्कार करने की इच्छा बताई थी. ममता ने कहा था कि वह अपना अंतिम संस्कार ससुराल में नहीं चाहती. ममता की आखिरी इच्छा ने समाज में महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ममता की मौत के बाद इस मामले में बड़ा कानूनी बदलाव किया गया है. पहले आरोपी पति नंदलाल के खिलाफ बीएनएस की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज था, लेकिन अब पुलिस धारा 302 (हत्या) भी जोड़ने जा रही है. वही, पुलिस ने परिजनों से सूचना मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी हैं. शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा, जिसके बाद परिवार को सौंप दिया जाएगा और आगे की प्रक्रिया पूरी अमल में लाई जाएगी। अब ममता की मौत के बाद इस मामले में बड़ा कानूनी बदलाव किया गया है. पहले आरोपी पति नंदलाल के खिलाफ बीएनएस की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज था, लेकिन अब पुलिस धारा 302 (हत्या) भी जोड़ने जा रही है. वही, पुलिस ने परिजनों से सूचना मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी हैं. शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा, जिसके बाद परिवार को सौंप दिया जाएगा और आगे की प्रक्रिया पूरी अमल में लाई जाएगी।





